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69 हजार शिक्षक भर्ती मामला : अधिक अंक के बावजूद गृह जनपद आवंटित नहीं करने पर जवाब-तलब
Tue, 26 Apr 2022 01:40 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 26 Apr 2022 01:40 AM IST
सार
याचिका में सचिव उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज को क्वालिटी प्वाइंट अंक तथा जिला वरीयता के आधार पर पुनरीक्षित आवंटन सूची जारी करने का समादेश जारी करने की मांग की गई है। याचिका की सुनवाई एक माह बाद होगी।
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हाईकोर्ट।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती मामले में हाईकोर्ट ने अनुसूचित जाति के याची को गृह जनपद आवंटित करने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर राज्य सरकार व विपक्षियों से तीन हफ्ते में जवाब मांगा है। याची का कहना है कि तमाम ऐसे अभ्यर्थियों को गृह जनपद आवंटित किया गया है, जिन्होंने याची से कम अंक अर्जित किए हैं।
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याचिका में सचिव उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज को क्वालिटी प्वाइंट अंक तथा जिला वरीयता के आधार पर पुनरीक्षित आवंटन सूची जारी करने का समादेश जारी करने की मांग की गई है। याचिका की सुनवाई एक माह बाद होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव जोशी ने बिजनौर के अमित कुमार चौधरी की याचिका पर दिया है। याची की ओर से कहा गया कि सहायक अध्यापक भर्ती में याची चयनित हुआ। उसे काउंसिलिंग के बाद शाहजहांपुर जिला आवंटित किया गया है।
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नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिया गया। याची को 62.5 क्वालिटी प्वाइंट अंक प्राप्त हुए हैं, जबकि विपक्षी ने उससे कम अंक प्राप्त किए हैं फिर भी उन्हें गृह जनपद आवंटित किया गया है। याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने विपक्षियों को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याची का यह भी कहना है कि अनुसूचित जाति की 1133 सीटें अब भी खाली हैं, इसलिए याची को गृह जनपद बिजनौर आवंटित किया जाए। हाईकोर्ट ने मामले को विचारणीय माना है।
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