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69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती : 31661 पदों पर नियुक्ति को हाईकोर्ट में चुनौती
Fri, 16 Oct 2020 11:44 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 16 Oct 2020 11:44 AM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : PTI
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के तहत 31661 पदों पर नियुक्ति किए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। आरोप है कि कम मेरिट वाले अभ्यर्थियों को काउंसलिंग में बुलाया गया जबकि उससे अधिक अंक पाने वालों को नहीं बुलाया। कोर्ट ने इस मामले में बेसिक शिक्षा परिषद और राज्य सरकार से जानकारी मांगी है। संजय कुमार यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति अजीत कुमार ने दिया है। मामले की सुनवाई 19 अक्तूबर को होगी।
याची के अधिवक्ता अग्निहोत्री कुमार त्रिपाठी का कहना था कि याची ने मिर्जापुर जिले से आवेदन किया था। ओबीसी वर्ग में उसका शैक्षणिक गुणांक 69.5 है। उसे काउंसलिंग के लिए नहीं बुलाया गया जबकि ओबीसी वर्ग में ही उससे कम 68.5 शैक्षणिक गुणांक से भी कम पाने वाले अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के बुलाया गया है। जबकि इससे पूर्व मई में जारी सूची में याची का नाम काउंसलिंग की लिस्ट में था।
दूसरी ओर राज्य सरकार का पक्ष रख रहे मुख्य स्थायी अधिवक्ता बिपिन बिहारी पांडेय और अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता संजय कुमार सिंह व बेसिक शिक्षा परिषद के वकील अरुण कुमार का कहना था कि नियुक्ति सुप्रीमकोर्ट के निर्देश के क्रम में की गई हैं।
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उनका कहना था कि सारी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में की जा रही है। इस मामले में अभी सिर्फ पहले चरण की भर्ती हुई है। इसके बाद भी बचे हुए पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं।
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याची के अधिवक्ता अग्निहोत्री कुमार त्रिपाठी का कहना था कि याची ने मिर्जापुर जिले से आवेदन किया था। ओबीसी वर्ग में उसका शैक्षणिक गुणांक 69.5 है। उसे काउंसलिंग के लिए नहीं बुलाया गया जबकि ओबीसी वर्ग में ही उससे कम 68.5 शैक्षणिक गुणांक से भी कम पाने वाले अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के बुलाया गया है। जबकि इससे पूर्व मई में जारी सूची में याची का नाम काउंसलिंग की लिस्ट में था।
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दूसरी ओर राज्य सरकार का पक्ष रख रहे मुख्य स्थायी अधिवक्ता बिपिन बिहारी पांडेय और अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता संजय कुमार सिंह व बेसिक शिक्षा परिषद के वकील अरुण कुमार का कहना था कि नियुक्ति सुप्रीमकोर्ट के निर्देश के क्रम में की गई हैं।
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उनका कहना था कि सारी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में की जा रही है। इस मामले में अभी सिर्फ पहले चरण की भर्ती हुई है। इसके बाद भी बचे हुए पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं।