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कालिंजर नरसंहार में वांछित 65 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार, दो राज्यों की पुलिस थी पीछे
Mon, 25 Nov 2019 10:03 PM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Mon, 25 Nov 2019 10:03 PM IST
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arrest
- फोटो : अमर उजाला
बांदा के कालिंजर में 16 साल पहले हुए नरसंहार के मामले में वांछित 65 हजार के इनामी अनुराग मिश्र को एसटीएफ ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। उप्र के साथ ही मप्र के लिए सात वर्षों से सिरदर्द बने इस शातिर अपराधी को नैनी में दबोचा गया। जिसके बाद मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया।
एसटीएफ स्थानीय इकाई के एएसपी नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि 2003 में बांदा के कालिंजर गांव में एक साथ आठ लोगों को डकैत गिरोह ने गोलियों से भून दिया था। यह सभी बरात में शामिल थे जो दर्शन कर लौट रहे थे। घटना में कई लोग जख्मी भी हुए थे। इस मामले में पुलिस ने डकैत गैंग के पप्पू यादव, अनुराग मिश्रा उर्फ राजू उर्फ अभय सिंह, विजय व छोटा यादव, राम सुजान आदि को गिरफ्तार किया था।
कोर्ट ने अनुराग समेत चार लोगों को 2012 में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। पेशी से लौटते वक्त अनुराग मानिकपुर रेलवे स्टेशन पर पुलिस हिरासत से भाग निकला। 2016 में डीजीपी की ओर से 50 हजार का इनाम घोषित किया गया। इसके अलावा मप्र पुलिस की ओर से भी उसकी गिरफ्तारी पर 15 हजार का इनाम रखा गया था। बाद में मामला एसटीएफ को सौंपा गया।
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एएसपी ने बताया कि मूल रूप से बांदा के कालिंजर स्थित तरहटी गांव के रहने वाले इस अपराधी पर सतना, बांदा, चित्रकूट, मानिकपुर में कुल 17 मुकदमे दर्ज हैं। कुख्यात डाकू पप्पू यादव उसके गांव का ही था, ऐसे में उससे भी उसकी दोस्ती हो गई। बड़ा होने पर वह उसी गैंग में शामिल हो गया।
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एसटीएफ स्थानीय इकाई के एएसपी नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि 2003 में बांदा के कालिंजर गांव में एक साथ आठ लोगों को डकैत गिरोह ने गोलियों से भून दिया था। यह सभी बरात में शामिल थे जो दर्शन कर लौट रहे थे। घटना में कई लोग जख्मी भी हुए थे। इस मामले में पुलिस ने डकैत गैंग के पप्पू यादव, अनुराग मिश्रा उर्फ राजू उर्फ अभय सिंह, विजय व छोटा यादव, राम सुजान आदि को गिरफ्तार किया था।
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कोर्ट ने अनुराग समेत चार लोगों को 2012 में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। पेशी से लौटते वक्त अनुराग मानिकपुर रेलवे स्टेशन पर पुलिस हिरासत से भाग निकला। 2016 में डीजीपी की ओर से 50 हजार का इनाम घोषित किया गया। इसके अलावा मप्र पुलिस की ओर से भी उसकी गिरफ्तारी पर 15 हजार का इनाम रखा गया था। बाद में मामला एसटीएफ को सौंपा गया।
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एएसपी ने बताया कि मूल रूप से बांदा के कालिंजर स्थित तरहटी गांव के रहने वाले इस अपराधी पर सतना, बांदा, चित्रकूट, मानिकपुर में कुल 17 मुकदमे दर्ज हैं। कुख्यात डाकू पप्पू यादव उसके गांव का ही था, ऐसे में उससे भी उसकी दोस्ती हो गई। बड़ा होने पर वह उसी गैंग में शामिल हो गया।