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पूर्वांचल के मॉडरेटर्स भी संदिग् धों की सूची में
Updated Sat, 26 May 2018 01:44 AM IST
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पूर्वांचल के मॉडरेटर्स भी संदिग्धों की सूची में
इलाहाबाद से जुड़े कई मॉडरेटर्स से भी पूछताछ की तैयारी
कॉपियों में नंबरों से छेड़छाड़ करने पर किए गए चिह्नित
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
पीसीएस-2015 समेत कई बड़ी भर्ती परीक्षाओं के दौरान कॉपियों में नंबरों से छेड़छाड़ किए जाने के मामले में सीबीआई को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। सीबीआई ने संदिग्ध मॉडरेटर्स की सूची तैयार कर ली है, जिन्होंने नंबरों में हेरफेर किया था। इनमें पश्चिमी यूपी के साथ इलाहाबाद और बड़ी संख्या में पूर्वांचल से जुड़े मॉडरेटर्स भी शामिल हैं। सीबीआई की टीम जल्द ही इनसे पूछताछ शुरू करने जा रही है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं की जांच कर रही सीबीआई की टीम ने शुरुआत में जब आयोग से मॉडरेटर्स के नाम मांगे थे और आयोग ने नाम बताने से इनकार कर दिया था। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई ने जब आपराधिक धाराओं में दर्ज मुकदमे के तहत आयोग में तलाशी अभियान शुरू किया तो जांच एजेंसी को मॉडरेटर्स के नाम की सूची मिल गई। इसके बाद पीसीएस-2015 की मुख्य परीक्षा की कॉपियों की फिर से जांच शुरू की गई और देखा गया कि सूची में ऐसे कितने मॉडरेटर्स हैं, जिन्होंने कॉपियों में नंबरों के साथ छेड़छाड़ की थी। सूत्रों का कहना है कि इनमें पश्चिमी यूपी और इलाहाबाद समेत पूर्वांचल से जुड़े मॉडरेटर्स शामिल हैं। आयोग ने इन्हें बतौर विशेष कॉपियां जांचने के लिए विश्वविद्यालयों और कॉलेज से बुलाया था। अंकों से छेड़छाड़ करने वाले मॉडरेटर्स को सीबीआई ने चिह्नित कर लिया है और अब इनसे पूछताछ की तैयारी है।
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चुनिंदा कॉपियों में ही हुआ मॉडरेशन
0 पीसीएस-2015 की जांच में सीबीआई को सुराग मिले हैं, उनके मुताबिक मॉडरेशन की आड़ में कुछ चुनिंदा कॉपियों के नंबर ही घटाए और बढ़ाए गए। मॉडरेशन तो सभी कॉपियों का होना चाहिए था लेकिन पीसीएस परीक्षा-2015 में ऐसा नहीं हुआ। केवल दस फीसदी कॉपियों में मॉडरेशन हुआ। जांच में यह बात सामने आई कि समान अंक पाने वाले दो अभ्यर्थियों में एक के अंक बढ़ाए गए और दूसरे के अंक घटा दिए गए। उदाहरण के तौर पर दो अभ्यर्थियों को 91 अंक मिला तो एक अभ्यर्थी के अंक बढ़ाकर 116 और दूसरे के अंक घटाकर 80 कर दिए गए। जिसके अंक बढ़े उसे तो फायदा मिला और जिसके अंक घटाए उसे नुकसान हुआ। पूछताछ में मॉडरेटर्स को बताना होगा कि ऐसा किस आधार पर किया।
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इलाहाबाद से जुड़े कई मॉडरेटर्स से भी पूछताछ की तैयारी
कॉपियों में नंबरों से छेड़छाड़ करने पर किए गए चिह्नित
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
पीसीएस-2015 समेत कई बड़ी भर्ती परीक्षाओं के दौरान कॉपियों में नंबरों से छेड़छाड़ किए जाने के मामले में सीबीआई को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। सीबीआई ने संदिग्ध मॉडरेटर्स की सूची तैयार कर ली है, जिन्होंने नंबरों में हेरफेर किया था। इनमें पश्चिमी यूपी के साथ इलाहाबाद और बड़ी संख्या में पूर्वांचल से जुड़े मॉडरेटर्स भी शामिल हैं। सीबीआई की टीम जल्द ही इनसे पूछताछ शुरू करने जा रही है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं की जांच कर रही सीबीआई की टीम ने शुरुआत में जब आयोग से मॉडरेटर्स के नाम मांगे थे और आयोग ने नाम बताने से इनकार कर दिया था। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई ने जब आपराधिक धाराओं में दर्ज मुकदमे के तहत आयोग में तलाशी अभियान शुरू किया तो जांच एजेंसी को मॉडरेटर्स के नाम की सूची मिल गई। इसके बाद पीसीएस-2015 की मुख्य परीक्षा की कॉपियों की फिर से जांच शुरू की गई और देखा गया कि सूची में ऐसे कितने मॉडरेटर्स हैं, जिन्होंने कॉपियों में नंबरों के साथ छेड़छाड़ की थी। सूत्रों का कहना है कि इनमें पश्चिमी यूपी और इलाहाबाद समेत पूर्वांचल से जुड़े मॉडरेटर्स शामिल हैं। आयोग ने इन्हें बतौर विशेष कॉपियां जांचने के लिए विश्वविद्यालयों और कॉलेज से बुलाया था। अंकों से छेड़छाड़ करने वाले मॉडरेटर्स को सीबीआई ने चिह्नित कर लिया है और अब इनसे पूछताछ की तैयारी है।
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चुनिंदा कॉपियों में ही हुआ मॉडरेशन
0 पीसीएस-2015 की जांच में सीबीआई को सुराग मिले हैं, उनके मुताबिक मॉडरेशन की आड़ में कुछ चुनिंदा कॉपियों के नंबर ही घटाए और बढ़ाए गए। मॉडरेशन तो सभी कॉपियों का होना चाहिए था लेकिन पीसीएस परीक्षा-2015 में ऐसा नहीं हुआ। केवल दस फीसदी कॉपियों में मॉडरेशन हुआ। जांच में यह बात सामने आई कि समान अंक पाने वाले दो अभ्यर्थियों में एक के अंक बढ़ाए गए और दूसरे के अंक घटा दिए गए। उदाहरण के तौर पर दो अभ्यर्थियों को 91 अंक मिला तो एक अभ्यर्थी के अंक बढ़ाकर 116 और दूसरे के अंक घटाकर 80 कर दिए गए। जिसके अंक बढ़े उसे तो फायदा मिला और जिसके अंक घटाए उसे नुकसान हुआ। पूछताछ में मॉडरेटर्स को बताना होगा कि ऐसा किस आधार पर किया।
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