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दलित सम्मेलन में बनेगी रणनीति
Updated Sun, 08 Jul 2018 09:56 PM IST
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संविधान की संरक्षा को बनेगी रणनीति
राष्ट्रीय सेमिनार एवं दलित साहित्यकारों का महासम्मेलन 23 को
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। संबोधि संस्थान, प्रबुद्ध फाउंडेशन, देवपती मेमोरियल ट्रस्ट और डॉ. आंबेडकर वेलफेयर एसोसिएशन (दावा) की ओर से भारतीय संविधान की संरक्षा के लिए रणनीति बनाने के लिए महासम्मेलन 23 जुलाई को होगा। सांस्कृतिक केंद्र प्रेक्षागृह में सुबह दस बजे से होने वाले राष्ट्रीय सेमिनार में ‘भारतीय संविधान बनाम धर्म शास्त्र और नारी मुक्ति का प्रश्न’ पर चर्चा की जाएगी। रविवार को आल इंडिया एससी/एसटी रेलवे इंप्लाइज एसोसिएशन (उमरे) के सभाकक्ष में हुई बैठक में इस आशय का निर्णय लिया गया।
अध्यक्ष रामबृज गौतम ने बताया कि पिछड़े वर्गों के हक अधिकार, मान, सम्मान और स्वाभिमान की सुरक्षा के लिए आयोजित दलित साहित्यकारों के महासम्मेलन की अध्यक्षता अरुणाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल डॉ. माताप्रसाद करेंगे। इस दौरान डॉ. वीआर बुद्धप्रिय द्वारा संपादित पुस्तक ‘राज्य समाजवाद और भगत सिंह’, आशीष कुमार दीपांकर द्वारा संपादित पुस्तक भारतीय समाज में किन्नरों का यथार्थ और मोहनदास नैमिशराय की पुस्तक भारतीय दलित इतिहास का लोकार्पण किया जाएगा। कई साहित्यकारों को ‘डा. आंबेडकर साहित्य रत्न सम्मान’ ‘मूकनायक पत्रकारिता सम्मान’ से भी नवाजा जाएगा।
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राष्ट्रीय सेमिनार एवं दलित साहित्यकारों का महासम्मेलन 23 को
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। संबोधि संस्थान, प्रबुद्ध फाउंडेशन, देवपती मेमोरियल ट्रस्ट और डॉ. आंबेडकर वेलफेयर एसोसिएशन (दावा) की ओर से भारतीय संविधान की संरक्षा के लिए रणनीति बनाने के लिए महासम्मेलन 23 जुलाई को होगा। सांस्कृतिक केंद्र प्रेक्षागृह में सुबह दस बजे से होने वाले राष्ट्रीय सेमिनार में ‘भारतीय संविधान बनाम धर्म शास्त्र और नारी मुक्ति का प्रश्न’ पर चर्चा की जाएगी। रविवार को आल इंडिया एससी/एसटी रेलवे इंप्लाइज एसोसिएशन (उमरे) के सभाकक्ष में हुई बैठक में इस आशय का निर्णय लिया गया।
अध्यक्ष रामबृज गौतम ने बताया कि पिछड़े वर्गों के हक अधिकार, मान, सम्मान और स्वाभिमान की सुरक्षा के लिए आयोजित दलित साहित्यकारों के महासम्मेलन की अध्यक्षता अरुणाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल डॉ. माताप्रसाद करेंगे। इस दौरान डॉ. वीआर बुद्धप्रिय द्वारा संपादित पुस्तक ‘राज्य समाजवाद और भगत सिंह’, आशीष कुमार दीपांकर द्वारा संपादित पुस्तक भारतीय समाज में किन्नरों का यथार्थ और मोहनदास नैमिशराय की पुस्तक भारतीय दलित इतिहास का लोकार्पण किया जाएगा। कई साहित्यकारों को ‘डा. आंबेडकर साहित्य रत्न सम्मान’ ‘मूकनायक पत्रकारिता सम्मान’ से भी नवाजा जाएगा।
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