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सीसीबीएसई बारहवीं के परिणाम में पिटे सरकारी स्कूल
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सरकारी स्कूलों के आधे से अधिक बच्चे फेल
0 सीबीएसई बोर्ड की बारहवीं की परीक्षा में सरकारी स्कूलों का रिजल्ट महज 46.76 फीसदी
0 इलाहाबाद क्षेत्रीय कार्यालय के 59 जिलों में केवी का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ, 98.81 फीसदी परिणाम
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) बोर्ड की बारहवीं के परीक्षा परिणाम में सरकारी स्कूल फिसड्डी साबित हुए। इन स्कूलों में पढ़ने वाले आधे से अधिक बच्चे फेल हो गए। सबसे बेहतर प्रदेश केंद्रीय विद्यालयों का रहा, जबकि जवाहर नवोदय विद्यालय इलाहाबाद रीजन में दूसरे नंबर पर रहा।
सीबीएसई के इलाहाबाद क्षेत्रीय कार्यालय के तहत बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में 59 जिलों का परिणाम 75.36 फीसदी, जबकि पिछले साल 75.19 फीसदी परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए थे। इस बार सबसे अच्छा परिणाम केंद्रीय विद्यालयों का रहा। केंद्रीय विद्यालयों में कुल 7394 परीक्षार्थी पंजीकृत थे और इनमें से 7347 परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 47 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। केंद्रीय विद्यालयों का परिणाम सबसे बेहतर 98.81 फीसदी रहा।
वहीं, सबसे खराब परिणाम सरकारी विद्यालयों का रहा। इनमें पूर्व की सपा सरकार में स्थापित अभिनव विद्यालय समेत राजकीय विद्यालय, जय प्रकाश नारायण विद्यालय और एनई रेलवे के विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों का परिणाम महज 46.76 फीसदी रहा। यानी आधे से अधिक बच्चे फेल हो गए। सरकारी विद्यालयों में 10634 परीक्षार्थी पंजीकृत थे और इनमें से 1050 ने परीक्षा दी, जबकि 15 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
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परिणाम के मामले में दूसरे नंबर पर जवाहर नवोदय विद्यालय रहे, जहां 96.80 फीसदी परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। इन विद्यालयों से बारहवीं की परीक्षा में 3729 परीक्षार्थी पंजीकृत थे और इनमें से 3698 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। 31 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षार्थियों की सबसे अधिक संख्या निजी स्कूलों से थी। निजी स्कूलों का परिणाम 73.73 फीसदी रहा। इन स्कूलों में बारहवीं की बोर्ड परीक्षा के लिए 138384 परीक्षार्थी पंजीकृत थे और इनमें से 136392 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 1992 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी थी।
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0 सीबीएसई बोर्ड की बारहवीं की परीक्षा में सरकारी स्कूलों का रिजल्ट महज 46.76 फीसदी
0 इलाहाबाद क्षेत्रीय कार्यालय के 59 जिलों में केवी का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ, 98.81 फीसदी परिणाम
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) बोर्ड की बारहवीं के परीक्षा परिणाम में सरकारी स्कूल फिसड्डी साबित हुए। इन स्कूलों में पढ़ने वाले आधे से अधिक बच्चे फेल हो गए। सबसे बेहतर प्रदेश केंद्रीय विद्यालयों का रहा, जबकि जवाहर नवोदय विद्यालय इलाहाबाद रीजन में दूसरे नंबर पर रहा।
सीबीएसई के इलाहाबाद क्षेत्रीय कार्यालय के तहत बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में 59 जिलों का परिणाम 75.36 फीसदी, जबकि पिछले साल 75.19 फीसदी परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए थे। इस बार सबसे अच्छा परिणाम केंद्रीय विद्यालयों का रहा। केंद्रीय विद्यालयों में कुल 7394 परीक्षार्थी पंजीकृत थे और इनमें से 7347 परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 47 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। केंद्रीय विद्यालयों का परिणाम सबसे बेहतर 98.81 फीसदी रहा।
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वहीं, सबसे खराब परिणाम सरकारी विद्यालयों का रहा। इनमें पूर्व की सपा सरकार में स्थापित अभिनव विद्यालय समेत राजकीय विद्यालय, जय प्रकाश नारायण विद्यालय और एनई रेलवे के विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों का परिणाम महज 46.76 फीसदी रहा। यानी आधे से अधिक बच्चे फेल हो गए। सरकारी विद्यालयों में 10634 परीक्षार्थी पंजीकृत थे और इनमें से 1050 ने परीक्षा दी, जबकि 15 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
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परिणाम के मामले में दूसरे नंबर पर जवाहर नवोदय विद्यालय रहे, जहां 96.80 फीसदी परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। इन विद्यालयों से बारहवीं की परीक्षा में 3729 परीक्षार्थी पंजीकृत थे और इनमें से 3698 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। 31 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षार्थियों की सबसे अधिक संख्या निजी स्कूलों से थी। निजी स्कूलों का परिणाम 73.73 फीसदी रहा। इन स्कूलों में बारहवीं की बोर्ड परीक्षा के लिए 138384 परीक्षार्थी पंजीकृत थे और इनमें से 136392 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 1992 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी थी।