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खत्म होगा सदस्यों का एकाधिकार, बढ़ेगी पारदर्शिता
Updated Sat, 25 Aug 2018 01:52 AM IST
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खत्म होगा सदस्यों का एकधिकार, बढ़ेगी पारदिर्शता
0 सीबीआई को भी जांच में मिले हैं गड़बड़ी के सुराग
0 स्क्रीनिंग परीक्षा में सफलता भी होगी योग्यता का पैमाना
इलाहाबाद, 24 अगस्त। सीधी भर्ती में स्क्रीनिंग परीक्षा के अंक भी जोडे़ जाने के आयोग के निर्णय से परीक्षा में पारदर्शिता बढ़ेगी और आयोग के सदस्यों का एकधिकार भी खत्म होगा। स्क्रीनिंग परीक्षा में सफल योग्य अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में मिलने वाले अंकों पर पूरी तरह से निर्भर नहीं रहना होगा।
इन दिनों यूपीपीएससी की भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच चल रही है। जांच के दौरान सीबीआई ने कई सीधी भर्ती परीक्षाओं से संबंधित अभिलेख भी जब्त किए हैं और उसे सीधी भर्ती में धांधली के कुछ सुराग भी मिले हैं। वैसे भी सीधी भर्ती को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहते हैं, क्योंकि इसमें चयन केवल इंटरव्यू में मिले नंबरों के आधार पर किया जाता है। आयोग के सदस्य ही इंटरव्यू बोर्ड के अध्यक्ष होते हैं। जब स्क्रीनिंग परीक्षा के अंक जुड़ने लगेंगे तो सदस्यों का एकाधिकार समाप्त हो जाएगा। जिन पदों पर सीधी भर्ती के लिए आवेदन अधिक आते हैं, वहां आयोग अभ्यर्थियों की छंटनी के लिए लिखित स्क्रीनिंग परीक्षा कराता है। हालांकि, स्क्रीनिंग परीक्षा में मिले अंक चयन में काम नहीं आते हैं लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद स्क्रीनिंग परीक्षा का महत्व बढ़ जाएगा।
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बड़ी भर्तियों के लिए होती है स्क्रीनिंग परीक्षा
- आयोग उन्हीं पदों पर भर्ती के लिए स्क्रीनिंग परीक्षा कराता है, जिसमें आवेदकों की संख्या हजारों में होती है। सभी को इंटरव्यू में शामिल नहीं किया जा सकता, सो छंटनी के लिए स्क्रीनिंग परीक्षा होती है। इनमें में जीआईसी प्रवक्ता, राजकीय डिग्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर, मेडिकल अफसर, दंत चिकित्सा में प्रवक्ता, सहायक सांख्यिकी अधिकारी जैसे पदों पर होनी वाली सीधी भर्तियां शामिल हैं।
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0 सीबीआई को भी जांच में मिले हैं गड़बड़ी के सुराग
0 स्क्रीनिंग परीक्षा में सफलता भी होगी योग्यता का पैमाना
इलाहाबाद, 24 अगस्त। सीधी भर्ती में स्क्रीनिंग परीक्षा के अंक भी जोडे़ जाने के आयोग के निर्णय से परीक्षा में पारदर्शिता बढ़ेगी और आयोग के सदस्यों का एकधिकार भी खत्म होगा। स्क्रीनिंग परीक्षा में सफल योग्य अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में मिलने वाले अंकों पर पूरी तरह से निर्भर नहीं रहना होगा।
इन दिनों यूपीपीएससी की भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच चल रही है। जांच के दौरान सीबीआई ने कई सीधी भर्ती परीक्षाओं से संबंधित अभिलेख भी जब्त किए हैं और उसे सीधी भर्ती में धांधली के कुछ सुराग भी मिले हैं। वैसे भी सीधी भर्ती को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहते हैं, क्योंकि इसमें चयन केवल इंटरव्यू में मिले नंबरों के आधार पर किया जाता है। आयोग के सदस्य ही इंटरव्यू बोर्ड के अध्यक्ष होते हैं। जब स्क्रीनिंग परीक्षा के अंक जुड़ने लगेंगे तो सदस्यों का एकाधिकार समाप्त हो जाएगा। जिन पदों पर सीधी भर्ती के लिए आवेदन अधिक आते हैं, वहां आयोग अभ्यर्थियों की छंटनी के लिए लिखित स्क्रीनिंग परीक्षा कराता है। हालांकि, स्क्रीनिंग परीक्षा में मिले अंक चयन में काम नहीं आते हैं लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद स्क्रीनिंग परीक्षा का महत्व बढ़ जाएगा।
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बड़ी भर्तियों के लिए होती है स्क्रीनिंग परीक्षा
- आयोग उन्हीं पदों पर भर्ती के लिए स्क्रीनिंग परीक्षा कराता है, जिसमें आवेदकों की संख्या हजारों में होती है। सभी को इंटरव्यू में शामिल नहीं किया जा सकता, सो छंटनी के लिए स्क्रीनिंग परीक्षा होती है। इनमें में जीआईसी प्रवक्ता, राजकीय डिग्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर, मेडिकल अफसर, दंत चिकित्सा में प्रवक्ता, सहायक सांख्यिकी अधिकारी जैसे पदों पर होनी वाली सीधी भर्तियां शामिल हैं।
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