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चयन बोर्ड पर प्रतियोगियों का प्रदर्शन
Updated Fri, 13 Jul 2018 10:49 PM IST
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टीजीटी-पीजीटी के 341 पद खत्म करने का विरोध
0 बीएड बेरोजगारों ने युवा मंच के नेतृत्व में चयन बोर्ड पर किया प्रदर्शन
0 कहा, नियमों में बदलाव कर राजकीय शिक्षकों जैसी भर्ती प्रक्रिया लागू हो
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से टीजीटी के छह विषय और पीजीटी के दो विषयों के 341 पदों का समाप्त किए जाने और 27 से 29 सितंबर के बीच प्रस्तावित टीजीटी-पीजीटी परीक्षा स्थगित किए जाने का प्रतियोगी छात्रों ने विरोध किया है। टीजीटी-पीजीटी प्रतियोगियों ने युवा मंच की अगुवाई में चयन बोर्ड पर शुक्रवार को प्रदर्शन करके उपसचिव नवल किशोर को ज्ञापन सौंपा।
प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि चयन बोर्ड कुछ विषयों के पदों को खत्म करने के नाम पर 2016 की बहु प्रतीक्षित शिक्षक भर्ती को लटकाना चाह रहा है। प्रदर्शनकारियों का तर्क था कि हाईस्कूल में जीव विज्ञान विषय को विज्ञान में शामिल करने के बाद इसके शिक्षण को लेकर संकट खड़ा हो गया है। हाईस्कूल स्तर पर विषय शिक्षक की अर्हता मात्र भौतिक एवं रसायन विज्ञान रखी गई है, जबकि विज्ञान में जीव विज्ञान भी शामिल है। ऐसे में बीएससी जीव विज्ञान के साथ बीएड करने वाले अभ्यर्थी कहां जाएं। सरकार की गलत नीतियों के चलते ही लगातार बीएससी जीव विज्ञान वाले बीएड कर रहे हैं, अब उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि राजकीय इंटर कॉलेजों में होने वाली हाईस्कूल स्तर पर शिक्षक भर्ती में विज्ञान शिक्षक के लिए भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान एवं जीव विज्ञान वालों को शामिल किया गया है। ऐसे में यह ही बोर्ड के लिए होने वाली हाईस्कूल परीक्षा में दो अलग-अलग नियमावली से शिक्षकों की भर्ती हो रही है। आंदोलन करने वालों ने कहा कि यदि विज्ञापन जारी होने के बाद नियमों में बदलाव किया गया तो 60 हजार प्रतियोगी कोर्ट जाएंगे। ऐसे में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया बाधित होगी, इसका खामियाजा बेरोजगारों को भुगतना पड़ेगा। प्रतियोगियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस मामले में हस्तक्षेप करके पूर्व की भांति विज्ञापित पदों के अनुरूप परीक्षा कराई जाए। अभ्यर्थियों ने चयन के बाद 700 शिक्षकों का समायोजन नहीं होने पर नाराजगी जताई। चयन बोर्ड पर प्रदर्शन करने वालों में युवा मंच के अध्यक्ष अनिल सिंह, राजेश सचान, राहुल पांडेय, संदीप कुमार शुक्ल, उदय सिंह लोधी, अरविंद मौर्य, सुधाकर सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रतियोगी शामिल रहे।
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने आंदोलनकारियों से कहा है कि वह माध्यमिक शिक्षा नियमावली में विज्ञान शिक्षण के लिए भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान के साथ जीव विज्ञान को शामिल करने के लिए यूपी बोर्ड से मांग करें। नियमों में बदलाव करने का काम यूपी बोर्ड का है। चयन बोर्ड तो मात्र जिला विद्यालय निरीक्षकों की ओर से भेजे गए पदों के सापेक्ष चयन करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पदों को समाप्त करने का निर्णय यूपी बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव की ओर से नौ जुलाई 2018 को भेजे गए पत्र के अनुरूप लिया गया है।
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0 बीएड बेरोजगारों ने युवा मंच के नेतृत्व में चयन बोर्ड पर किया प्रदर्शन
0 कहा, नियमों में बदलाव कर राजकीय शिक्षकों जैसी भर्ती प्रक्रिया लागू हो
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से टीजीटी के छह विषय और पीजीटी के दो विषयों के 341 पदों का समाप्त किए जाने और 27 से 29 सितंबर के बीच प्रस्तावित टीजीटी-पीजीटी परीक्षा स्थगित किए जाने का प्रतियोगी छात्रों ने विरोध किया है। टीजीटी-पीजीटी प्रतियोगियों ने युवा मंच की अगुवाई में चयन बोर्ड पर शुक्रवार को प्रदर्शन करके उपसचिव नवल किशोर को ज्ञापन सौंपा।
प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि चयन बोर्ड कुछ विषयों के पदों को खत्म करने के नाम पर 2016 की बहु प्रतीक्षित शिक्षक भर्ती को लटकाना चाह रहा है। प्रदर्शनकारियों का तर्क था कि हाईस्कूल में जीव विज्ञान विषय को विज्ञान में शामिल करने के बाद इसके शिक्षण को लेकर संकट खड़ा हो गया है। हाईस्कूल स्तर पर विषय शिक्षक की अर्हता मात्र भौतिक एवं रसायन विज्ञान रखी गई है, जबकि विज्ञान में जीव विज्ञान भी शामिल है। ऐसे में बीएससी जीव विज्ञान के साथ बीएड करने वाले अभ्यर्थी कहां जाएं। सरकार की गलत नीतियों के चलते ही लगातार बीएससी जीव विज्ञान वाले बीएड कर रहे हैं, अब उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।
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आंदोलनकारियों का कहना है कि राजकीय इंटर कॉलेजों में होने वाली हाईस्कूल स्तर पर शिक्षक भर्ती में विज्ञान शिक्षक के लिए भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान एवं जीव विज्ञान वालों को शामिल किया गया है। ऐसे में यह ही बोर्ड के लिए होने वाली हाईस्कूल परीक्षा में दो अलग-अलग नियमावली से शिक्षकों की भर्ती हो रही है। आंदोलन करने वालों ने कहा कि यदि विज्ञापन जारी होने के बाद नियमों में बदलाव किया गया तो 60 हजार प्रतियोगी कोर्ट जाएंगे। ऐसे में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया बाधित होगी, इसका खामियाजा बेरोजगारों को भुगतना पड़ेगा। प्रतियोगियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस मामले में हस्तक्षेप करके पूर्व की भांति विज्ञापित पदों के अनुरूप परीक्षा कराई जाए। अभ्यर्थियों ने चयन के बाद 700 शिक्षकों का समायोजन नहीं होने पर नाराजगी जताई। चयन बोर्ड पर प्रदर्शन करने वालों में युवा मंच के अध्यक्ष अनिल सिंह, राजेश सचान, राहुल पांडेय, संदीप कुमार शुक्ल, उदय सिंह लोधी, अरविंद मौर्य, सुधाकर सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रतियोगी शामिल रहे।
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने आंदोलनकारियों से कहा है कि वह माध्यमिक शिक्षा नियमावली में विज्ञान शिक्षण के लिए भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान के साथ जीव विज्ञान को शामिल करने के लिए यूपी बोर्ड से मांग करें। नियमों में बदलाव करने का काम यूपी बोर्ड का है। चयन बोर्ड तो मात्र जिला विद्यालय निरीक्षकों की ओर से भेजे गए पदों के सापेक्ष चयन करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पदों को समाप्त करने का निर्णय यूपी बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव की ओर से नौ जुलाई 2018 को भेजे गए पत्र के अनुरूप लिया गया है।