फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   सचिव बेसिक शिक्षा के फर्जी हस्ताक्षर से हुआ शिक्षामित्रों के मानदेय बढ़ाने का आदेश

सचिव बेसिक शिक्षा के फर्जी हस्ताक्षर से हुआ शिक्षामित्रों के मानदेय बढ़ाने का आदेश

Wed, 09 Aug 2017 02:00 AM IST
Updated Wed, 09 Aug 2017 02:00 AM IST
विज्ञापन
सचिव बेसिक शिक्षा के फर्जी हस्ताक्षर से हुआ शिक्षामित्रों के मानदेय बढ़ाने का आदेश
शिक्षा मित्रों का मानदेय 17000 रुपये करने का फर्जी आदेश वायरल
विज्ञापन

0 व्हाट्सएप ग्रुप पर सूचना फैली तो शिक्षामित्रों में मची खलबली
0 सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने एफआईआर दर्ज कराने को दी तहरीर
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। समायोजित शिक्षामित्रों का मानदेय 17000 रुपये तय करने से संबंधित फर्जी आदेश व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरल होने के बाद खलबली मच गई। मंगलवार दोपहर वायरल हुए इस आदेश में सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा के फर्जी हस्ताक्षर हैं, जो कि समस्त बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को निर्देशित है। मामला सचिव तक भी पहुंचा, तब जाकर उनको इस फर्जी आदेश की जानकारी हुई। सचिव ने इस मामले में सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर भेजी है।
25 जुलाई को सर्वोच्च अदालत के फैसले के बाद सरकार ने 1.37 लाख शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक के पद से हटा दिया। इससे नाराज शिक्षामित्रों ने विद्यालयों में पठन-पाठन बंद करके प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया था। पिछले सप्ताह शिक्षा मित्रों का प्रतिनिधिमंडल इस संबंध में लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मिला था। उस दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा मित्रों से उनके हित में निर्णय लेने के लिए 15 दिन का वक्त मांगा था और शिक्षण कार्य पूर्व की भांति करते रहने की अपील की थी। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद शिक्षामित्र विद्यालयों में विद्यार्थियों को पढ़ाने में भी जुट गए लेकिन मंगलवार को सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा के हस्ताक्षर से जारी आदेश शिक्षा मित्रों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
विज्ञापन

00
ये लिखा गया आदेश में
सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा के हस्ताक्षर से जारी पत्रांक: बे.सि.प/9460-9640/2017-18 दिनांक 8.8.2017 में लिखा गया है कि 25 जुलाई को समायोजित शिक्षा मित्रों के संबंध में पारित आदेश के उपरांत से प्रदेश के समस्त शिक्षामित्रों के समक्ष रोजी-रोटी का प्रश्न आ खड़ा हुआ है। अत: मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार विभाग द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि उत्तर प्रदेश के समस्त शिक्षामित्रों का मानदेय तत्काल प्रभाव से 17000 रुपये नियत किया जाता है। उक्त के परिदृश्य में प्रदेश के समस्त बीएसए को आदेशित किया जाता है कि वे अपने जनपद के सभी समायोजित शिक्षामित्रों को उनके मूल विद्यालय में उक्त मानदेय पर अविलम्ब कार्यभार ग्रहण करवा कर आख्या शासन को प्रेषित करें। और यदि आपके जनपद का कोई समायोजित शिक्षामित्र उक्त मानदेय पर अपना कार्यभार सात कार्यदिवसों के भीतर ग्रहण नहीं करता है, तो उसकी सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

00
सरकारी पत्रों की हूबहू नकल
शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने के संबंध में फर्जी पत्र जारी करने वालों ने हूबहू उसी तरह आदेश जारी किया, जैसा ही आमतौर पर सरकारी कामकाज में होता है। मूल पत्रों की भांति इस आदेश की प्रति भी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए बाकायदा विशेष सचिव शिक्षा अनुभाग-5, बेसिक शिक्षा उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ, शिक्षा निदेशक (बेसिक) उत्तर प्रदेश निशातगंज लखनऊ, समस्त जिलाधिकारी तथा समस्त मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) उत्तर प्रदेश को भी प्रेषित की गई।

00
‘शिक्षामित्रों के मानदेय पर किसी भी तरह का फैसला लेने का अधिकार शासन को है। मानदेय 17000 रुपये करने के संबंध में पत्रांक: बे.सि.प/9460-9640/2017-18 दिनांक 8.8.2017 मेरा फर्जी हस्ताक्षर बनाकर जारी किया गया। यह गंभीर मामला है। इस संबंध में कठोर दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। शिक्षामित्रों को इस फर्जी पत्र का संज्ञान न लेने के लिए कहा गया है। इस मामले में सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज करा दी गई है। अब साइबर सेल की जांच में फर्जी तरीके से हस्ताक्षर कर जारी किए पत्र का पता चलेगा।’
-संजय सिन्हा, सचिव बेसिक शिक्षा परिषद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed