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जलकल मुख्यालय में चार घंटे हाईवोल्टेज ड्रामा

Tue, 28 Apr 2020 12:24 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 28 Apr 2020 12:24 AM IST
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4 hours high profile drama in jalkal headquarter
जलकल मुख्यालय खुसरोबाग में सोमवार को चार घंटे हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। सदन के संकल्प पर हटाए गए जीएम पांच महीने बाद कार्यालय पहुंचे और कुर्सी पर जमकर बैठ गए। इस बीच वहां पहुंचे कार्यवाहक जीएम उल्टे पांव वापस लौट आए। वहां जुटे कुछ लोगों ने हंगामा भी किया। सूचना पर महापौर ने हस्तक्षेप कर मामला संभाला। करीब दो बजे मामले का पटाक्षेप हुआ।
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सात दिसंबर 2019 को सदन की बैठक में जीएम जलकल रतन लाल को संकल्प पारित कर कार्यमुक्त कर दिया गया था। उन्हें महापौर कार्यालय से संबद्ध किया गया, जहां वह आज तक नहीं गए। जीएम पर लगे आर्थिक आरोपों की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया। सचिव हरिश्चंद्र बाल्मीकि को कार्यवाहक जीएम बनाया गया था। इस बीच रतन लाल ने शासन से पत्राचार किया। वह सोमवार को कार्यालय पहुंचे और अपनी नाम पट्टिका न देख बिगड़ गए। उन्होंने बताया कि हरिश्चंद्र बाल्मीकि को 26 फरवरी को प्रोन्नत कर जीएम श्रेणी में कर दिया गया है, लेकिन नई तैनाती नहीं दी गई। वह अभी भी जीएम हैं। आरोपों की जांच हो चुकी है। इसलिए कार्यालय आए। आरोप है कि वह अपने साथ कुछ बाहरी लोगों को लेकर आए थे। जिससे उन्होंने इनकार किया है।
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वहीं कार्यवाहक जीएम हरिश्चंद्र बाल्मीकि का कहना है कि वह कार्यवाहक जीेएम के तौर पर काम कर रहे हैं। अब उनकी प्रोन्नति भी हो चुकी है। कुछ लोग जलकल विभाग में अनावश्यक दखल बनाकर काम में बाधा डाल रहे हैं। वहीं आरोपों के बाद पद से हटाए गए जीएम रतन लाल ने नगर आयुक्त और कार्यावाहक जीेएम को पत्र लिखे हैं। कार्यवाहक जीएम से पूछा गया है कि वह बिना शासन के आदेश के कैसे जीएम बनकर बैठे हैं, जबकि तैनाती उनकी है। वहीं नगर आयुक्त से जानकारी मांगी है कि वह क्या काम करें।
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इस संबंध में महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने बताया कि सदन के संकल्प और भ्रष्टाचार के आरोपों में जीएम जलकल रतन लाल को हटाया गया। उन्हें महापौर कार्यालय से अटैच किया गया है। उनका कार्यालय जाना और कार्यों में हस्तक्षेप सदन की अवमानना है। उन्होंने बताया कि सदन के संकल्प और नगर आयुक्त के आदेश पर ही हरिश्चंद्र बाल्मीकि कार्यावाहक जीएम के तौर पर काम कर रहे हैं।
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