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असिस्टेंट प्रोफेसर के 3900 पदों पर भर्ती फंसी
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3900 assistant professor recruitment stuck
- फोटो : CITY DESK
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प्रयागराज। प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 3900 पद खाली हैं लेकिन इन पदों के लिए भर्ती कब शुरू होगी, इस पर असमंजस बना हुआ है। उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से पदों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और पदों की सूची शासन को भेजी जा चुकी है लेकिन यह तय नहीं हो पा रहा है कि इस भर्ती का जिम्मा किसे मिलेगा।
भर्ती शुरू किए जाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने सोमवार को उच्च शिक्षा निदेशालय में धरना-प्रदर्शन किया और उच्च शिक्षा निदेशक को ज्ञापन भी सौंपा।
अब तक उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग ही असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा करवाता रहा है लेकिन इस बार हालात कुछ अलग हैं। दरअसल, सरकार ने एक नए आयोग के गठन का निर्णय लिया है, जिसमें उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग को भी मर्ज किया जा रहा है।
नए आयोग के गठन की प्रक्रिया तो शुरू हो गई है लेकिन इसमें अंतिम रूप देने में वक्त लग सकता है। असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती का जिम्मा नए आयोग को सौंपा जाए या नए आयोग का गठन होने तक उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग को भर्ती की जिम्मेदारी दी जाए, इस पर उहापोह की स्थिति बनी हुई है।
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उच्च शिक्षा निदेशालय में धरना-प्रदर्शन करने पहुंचे अभ्यर्थियों का कहना था कि उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग में प्राचार्य के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में कम से कम जुलाई तक आयोग का अस्तित्व बना रहेगा।
अभ्यर्थियों की मांग है कि 3900 न सही, लेकिन इनमें कुछ पदों के लिए उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग से भर्ती कराई जा सकती है। अभ्यर्थियों ने उच्च शिक्षा निदेशक से मांग की कि कुछ पदों पर भर्ती के लिए अधियाचन उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग को भेज दिया जाए। हालांकि निदेशक से उन्हें कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला, क्योंकि सत्यापित पदों की सूची शासन को भेजी जा चुकी है और अब शासन से दिशा-निर्देश मिलने के बाद ही उच्च शिक्षा निदेशालय अधियाचन भेजने पर कोई निर्णय ले सकेगा।
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भर्ती शुरू किए जाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने सोमवार को उच्च शिक्षा निदेशालय में धरना-प्रदर्शन किया और उच्च शिक्षा निदेशक को ज्ञापन भी सौंपा।
अब तक उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग ही असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा करवाता रहा है लेकिन इस बार हालात कुछ अलग हैं। दरअसल, सरकार ने एक नए आयोग के गठन का निर्णय लिया है, जिसमें उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग को भी मर्ज किया जा रहा है।
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नए आयोग के गठन की प्रक्रिया तो शुरू हो गई है लेकिन इसमें अंतिम रूप देने में वक्त लग सकता है। असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती का जिम्मा नए आयोग को सौंपा जाए या नए आयोग का गठन होने तक उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग को भर्ती की जिम्मेदारी दी जाए, इस पर उहापोह की स्थिति बनी हुई है।
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उच्च शिक्षा निदेशालय में धरना-प्रदर्शन करने पहुंचे अभ्यर्थियों का कहना था कि उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग में प्राचार्य के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में कम से कम जुलाई तक आयोग का अस्तित्व बना रहेगा।
अभ्यर्थियों की मांग है कि 3900 न सही, लेकिन इनमें कुछ पदों के लिए उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग से भर्ती कराई जा सकती है। अभ्यर्थियों ने उच्च शिक्षा निदेशक से मांग की कि कुछ पदों पर भर्ती के लिए अधियाचन उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग को भेज दिया जाए। हालांकि निदेशक से उन्हें कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला, क्योंकि सत्यापित पदों की सूची शासन को भेजी जा चुकी है और अब शासन से दिशा-निर्देश मिलने के बाद ही उच्च शिक्षा निदेशालय अधियाचन भेजने पर कोई निर्णय ले सकेगा।