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आयोग पहुंची सीबीआई
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यूपीपीएससी पहुंची सीबीआई
एपीएस-2010 की जांच शुरू
- पीसीएस 2015 और पीसीएस 2011 को लेकर भी कुछ कर्मचारियों से हुई पूछताछ
- राजस्व निरीक्षक 2014 की परीक्षा पर भी सीबीआई की नजर, खंगाले गए दस्तावेज
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। अपर निजी सचिव (एपीएस) भर्ती परीक्षा की जांच के लिए आधिकारिक मंजूरी मिलने के बाद सीबीआई टीम बुधवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग पहुंची। सीबीआई ने न केवल एपीएस-2010 के दस्तावेज खंगाले, बल्कि पीसीएस-2015, पीसीएस- 2011, राजस्व निरीक्षक-2014 की परीक्षा के संबंध में कुछ कर्मचारियों से पूछताछ भी की।
सूत्रों के मुताबिक आयोग पहुंची सीबीआई की सात सदस्यीय टीम ने आयोग के कई अनुभागों की गहराई से जांच-पड़ताल की। सीबीआई को पीसीएस 2015 आरै 2011 में गड़बड़ी के ठोस सुबूत पहले से ही मिल चुके हैं और सीबीआई पीसीएस-2015 के मामले में आयोग के अज्ञात अफसरों एवं बाहरी अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर चुकी है। बुधवार को आयोग पहुंची सीबीआई टीम ने कुछ कर्मचारियों और अफसरों से फिर इन परीक्षाओं को लेकर पूछताछ की, लेकिन सीबीआई के निशाने पर मुख्य रूप से एपीएस-2010 की परीक्षा थी, जिसकी जांच के लिए सीबीआई को आधिकारिक मंजूरी कुछ दिनों पहले ही मिली है।
एपीएस-2010 में गड़बड़ी की बात आयोग भी मान चुका है और पिछले साल दिसंबर में आयोग की ओर से छह चयनितों का अभ्यर्थन निरस्त किया जाना यह साबित करता है कि इस परीक्षा में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी हुई थी। आयोग ने फर्जी कंप्यूटर सर्टिफिकेट लगाने वाले छह चयनितों का अभ्यर्थन दिसंबर में निरस्त कर दिया था। वहीं, सीबीआई को भी जांच के लिए आधिकारिक मंजूरी का इंतजार था। दरअसल, सीबीआई को काफी पहले ही एपीएस परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी और सीबीआई को अभ्यर्थियों की ओर से जो साक्ष्य मिले थे, वे परीक्षा में हुई गड़बड़ी के ठोस सुबूत से कम नहीं थे। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर सीबीआई ने आधिकारिक रूप से जांच के लिए शासन से मंजूरी मांगी थी और अब स्वीकृति मिलने के बाद सीबीआई टीम ने आयोग में परीक्षा से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
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एपीएस-2010 की जांच शुरू
- पीसीएस 2015 और पीसीएस 2011 को लेकर भी कुछ कर्मचारियों से हुई पूछताछ
- राजस्व निरीक्षक 2014 की परीक्षा पर भी सीबीआई की नजर, खंगाले गए दस्तावेज
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। अपर निजी सचिव (एपीएस) भर्ती परीक्षा की जांच के लिए आधिकारिक मंजूरी मिलने के बाद सीबीआई टीम बुधवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग पहुंची। सीबीआई ने न केवल एपीएस-2010 के दस्तावेज खंगाले, बल्कि पीसीएस-2015, पीसीएस- 2011, राजस्व निरीक्षक-2014 की परीक्षा के संबंध में कुछ कर्मचारियों से पूछताछ भी की।
सूत्रों के मुताबिक आयोग पहुंची सीबीआई की सात सदस्यीय टीम ने आयोग के कई अनुभागों की गहराई से जांच-पड़ताल की। सीबीआई को पीसीएस 2015 आरै 2011 में गड़बड़ी के ठोस सुबूत पहले से ही मिल चुके हैं और सीबीआई पीसीएस-2015 के मामले में आयोग के अज्ञात अफसरों एवं बाहरी अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर चुकी है। बुधवार को आयोग पहुंची सीबीआई टीम ने कुछ कर्मचारियों और अफसरों से फिर इन परीक्षाओं को लेकर पूछताछ की, लेकिन सीबीआई के निशाने पर मुख्य रूप से एपीएस-2010 की परीक्षा थी, जिसकी जांच के लिए सीबीआई को आधिकारिक मंजूरी कुछ दिनों पहले ही मिली है।
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एपीएस-2010 में गड़बड़ी की बात आयोग भी मान चुका है और पिछले साल दिसंबर में आयोग की ओर से छह चयनितों का अभ्यर्थन निरस्त किया जाना यह साबित करता है कि इस परीक्षा में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी हुई थी। आयोग ने फर्जी कंप्यूटर सर्टिफिकेट लगाने वाले छह चयनितों का अभ्यर्थन दिसंबर में निरस्त कर दिया था। वहीं, सीबीआई को भी जांच के लिए आधिकारिक मंजूरी का इंतजार था। दरअसल, सीबीआई को काफी पहले ही एपीएस परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी और सीबीआई को अभ्यर्थियों की ओर से जो साक्ष्य मिले थे, वे परीक्षा में हुई गड़बड़ी के ठोस सुबूत से कम नहीं थे। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर सीबीआई ने आधिकारिक रूप से जांच के लिए शासन से मंजूरी मांगी थी और अब स्वीकृति मिलने के बाद सीबीआई टीम ने आयोग में परीक्षा से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
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