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असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा में 66 फीसदी अभ्यर्थी शामिल
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नोट: सभी केंद्र---
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सामान्य अध्ययन के सवालों ने उलझाया
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में 66 फीसदी अभ्यर्थी शामिल
इतिहास, भूगोल से कम पूछे गए सवाल, विषय के पेपर से राहत
प्रयागराज। उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की ओर से विज्ञापन संख्या 47 के तहत छह विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए आयोजित दूसरे चरण की लिखित परीक्षा में 65.63 फीसदी अभ्यर्थी शामिल हुए। अभ्यर्थियों को उनके विषय के पेपर ने तो राहत दी लेकिन सामान्य अध्ययन से पूछे गए सवालों ने अभ्यर्थियों को उलझाया।
परीक्षा शहर के 33 केंद्रों में आयोजित की गई। इन केंद्रों को 11 सेक्टरों में बांटा गया था। रसायन विज्ञान, अर्थशास्त्र, इतिहास, शारीरिक शिक्षा, हिंदी एवं उर्दू विषयों की लिखित परीक्षा के लिए 16965 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे और इनमें से 11135 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक आयोजित की गई। दो घंटे की परीक्षा में 100 सवाल हल करने थे और प्रत्येक सवाल के लिए दो अंक निर्धारित थे। परीक्षा में माइनस मार्किंग नहीं थी। 100 सवालों में से 30 सवाल सामान्य अध्ययन और बाकी 70 सवाल संबंधित विषय से पूछे गए। अभ्यर्थियों को अपने-अपने विषय में पूछे गए सवालों ने तो राहत दी लेकिन सामान्य अध्ययन के सवाल ने अभ्यर्थियों के सामने चुनौती पेश की।
दरअसल, अभ्यर्थी सभी विषयों की तैयारी करके परीक्षा देने पहुंचे थे। पिछले दिनों आयोजित ज्यादातर परीक्षाओं में इतिहास और भूगोल के सवाल अधिक संख्या में पूछे गए लेकिन इस बार इन दोनों विषयों से सवाल बहुत कम आए। बड़ी संख्या में सवाल कंप्यूटर से संबंधित थे। जैसे, ‘आईपी क्या है?’ या फिर कंप्यूटर से संबंधित दूसरे तरह के सवाल पूछे गए। इसके अलावा समसामयिक घटनाक्रम और भारतीय राजव्यवस्था से जुड़े कई सवाल पूछे गए। अभ्यर्थियों का कहना है कि सामान्य अध्ययन के सवालों में असंतुलन था। इसमें सभी विषयों को बराबरी से जगह नहीं दी गई।
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सामान्य अध्ययन के सवालों ने उलझाया
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में 66 फीसदी अभ्यर्थी शामिल
इतिहास, भूगोल से कम पूछे गए सवाल, विषय के पेपर से राहत
प्रयागराज। उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की ओर से विज्ञापन संख्या 47 के तहत छह विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए आयोजित दूसरे चरण की लिखित परीक्षा में 65.63 फीसदी अभ्यर्थी शामिल हुए। अभ्यर्थियों को उनके विषय के पेपर ने तो राहत दी लेकिन सामान्य अध्ययन से पूछे गए सवालों ने अभ्यर्थियों को उलझाया।
परीक्षा शहर के 33 केंद्रों में आयोजित की गई। इन केंद्रों को 11 सेक्टरों में बांटा गया था। रसायन विज्ञान, अर्थशास्त्र, इतिहास, शारीरिक शिक्षा, हिंदी एवं उर्दू विषयों की लिखित परीक्षा के लिए 16965 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे और इनमें से 11135 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक आयोजित की गई। दो घंटे की परीक्षा में 100 सवाल हल करने थे और प्रत्येक सवाल के लिए दो अंक निर्धारित थे। परीक्षा में माइनस मार्किंग नहीं थी। 100 सवालों में से 30 सवाल सामान्य अध्ययन और बाकी 70 सवाल संबंधित विषय से पूछे गए। अभ्यर्थियों को अपने-अपने विषय में पूछे गए सवालों ने तो राहत दी लेकिन सामान्य अध्ययन के सवाल ने अभ्यर्थियों के सामने चुनौती पेश की।
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दरअसल, अभ्यर्थी सभी विषयों की तैयारी करके परीक्षा देने पहुंचे थे। पिछले दिनों आयोजित ज्यादातर परीक्षाओं में इतिहास और भूगोल के सवाल अधिक संख्या में पूछे गए लेकिन इस बार इन दोनों विषयों से सवाल बहुत कम आए। बड़ी संख्या में सवाल कंप्यूटर से संबंधित थे। जैसे, ‘आईपी क्या है?’ या फिर कंप्यूटर से संबंधित दूसरे तरह के सवाल पूछे गए। इसके अलावा समसामयिक घटनाक्रम और भारतीय राजव्यवस्था से जुड़े कई सवाल पूछे गए। अभ्यर्थियों का कहना है कि सामान्य अध्ययन के सवालों में असंतुलन था। इसमें सभी विषयों को बराबरी से जगह नहीं दी गई।
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