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छात्राओं की सुरक्षा पहली चुनौती
Updated Fri, 05 Oct 2018 09:08 PM IST
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छात्राओं की सुरक्षा पहली चुनौती
0 नए छात्रसंघ की चुनौतिया: अराजकता खत्म करने समेत किए थे कई वादे
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। दक्षता भाषण वाले दिन अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के सभी प्रत्याशियों ने छात्राओं की सुरक्षा और उनकी सुविधा का मुद्दा उठाया था। इसके अलावा अन्य पदों पर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों ने भी प्रचार के दौरान छात्राओं से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए थे और वादा किया था कि चुनाव जीते को छात्राओं की सुरक्षा ही उनकी प्राथमिकता होगी। नया छात्रसंघ अस्तित्व में आ गया है। ऐसे में निर्वाचित पदाधिकारियों ने जो वादा किया, अब उसे लागू कराकर भी दिखाना होगा।
ज्यादातर प्रत्याशियों ने कहा था कि छात्राओं से छेड़खानी करने वाले अराजकतत्वों को परिसर से बाहर किया जाएगा। यह भी कहा था कि महिला छात्रावास परिसर में मेडिकल की सुविधा मुहैया कराई जाएगी और महिला हॉस्टल को दो एंबलेंस मिले, इसकी व्यवस्था भी की जाएगी। इसके अलावा कुछ प्रत्याशियों ने चेतावनी दी थी कि चुनाव जीते तो कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू को विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश नहीं करने देंगे। महिला सुरक्षा से इतर भी कई गंभीर मुद्दे उठाए गए थे और प्रत्याशियों ने छात्रों को आश्वस्त किया था कि चुनाव जीते को हर वादा पूरा करेंगे। इनमें लाइब्रेरी से हर छात्र को किताब दिलवाने, परिसर में अराजकता खत्म किए जाने, विश्वविद्यालय के गौरव को वापस लाने, सभी छात्रों को हॉस्टल की सुविधा मुहैया कराए जाने, स्थायी और गुणवत्तापूर्ण कैंटीन की व्यवस्था कराए जाने जैसे वादे शामिल थे, जिन्हें पूरा कर पाना किसी चुनौती से कम नहीं।
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छात्र नेताओं के वादे
- आईकार्ड को बसपास का दर्जा दिलाएंगे
- सीनेट हॉल में बंद पड़ी घड़ी फिर चलेगी
- लाइब्रेरी से हर छात्र को किसाब मिलेगी
- कक्षाओं का नियमित संचालन होगा
- बंद पड़ा रेलवे रिजर्वेशन काउंटर फिर खुलेगा
- कैंपस चयन का नियमित रूप से आयोजन होगा
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0 नए छात्रसंघ की चुनौतिया: अराजकता खत्म करने समेत किए थे कई वादे
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। दक्षता भाषण वाले दिन अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के सभी प्रत्याशियों ने छात्राओं की सुरक्षा और उनकी सुविधा का मुद्दा उठाया था। इसके अलावा अन्य पदों पर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों ने भी प्रचार के दौरान छात्राओं से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए थे और वादा किया था कि चुनाव जीते को छात्राओं की सुरक्षा ही उनकी प्राथमिकता होगी। नया छात्रसंघ अस्तित्व में आ गया है। ऐसे में निर्वाचित पदाधिकारियों ने जो वादा किया, अब उसे लागू कराकर भी दिखाना होगा।
ज्यादातर प्रत्याशियों ने कहा था कि छात्राओं से छेड़खानी करने वाले अराजकतत्वों को परिसर से बाहर किया जाएगा। यह भी कहा था कि महिला छात्रावास परिसर में मेडिकल की सुविधा मुहैया कराई जाएगी और महिला हॉस्टल को दो एंबलेंस मिले, इसकी व्यवस्था भी की जाएगी। इसके अलावा कुछ प्रत्याशियों ने चेतावनी दी थी कि चुनाव जीते तो कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू को विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश नहीं करने देंगे। महिला सुरक्षा से इतर भी कई गंभीर मुद्दे उठाए गए थे और प्रत्याशियों ने छात्रों को आश्वस्त किया था कि चुनाव जीते को हर वादा पूरा करेंगे। इनमें लाइब्रेरी से हर छात्र को किताब दिलवाने, परिसर में अराजकता खत्म किए जाने, विश्वविद्यालय के गौरव को वापस लाने, सभी छात्रों को हॉस्टल की सुविधा मुहैया कराए जाने, स्थायी और गुणवत्तापूर्ण कैंटीन की व्यवस्था कराए जाने जैसे वादे शामिल थे, जिन्हें पूरा कर पाना किसी चुनौती से कम नहीं।
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छात्र नेताओं के वादे
- आईकार्ड को बसपास का दर्जा दिलाएंगे
- सीनेट हॉल में बंद पड़ी घड़ी फिर चलेगी
- लाइब्रेरी से हर छात्र को किसाब मिलेगी
- कक्षाओं का नियमित संचालन होगा
- बंद पड़ा रेलवे रिजर्वेशन काउंटर फिर खुलेगा
- कैंपस चयन का नियमित रूप से आयोजन होगा