{"_id":"5b6609284f1c1bb8538b6f98","slug":"31533413672-allahabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अग्रसारण केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अग्रसारण केंद्र
Updated Sun, 05 Aug 2018 01:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीआईसी-जीजीआईसी को ही बनाएं अग्रसारण केंद्र
0 यूपी बोर्ड ने व्यक्तिगत परीक्षा के लिए पंजीकरण केंद्र बनाने को नियम जारी किए
इलाहाबाद। यूपी बोर्ड सचिव ने 2019 की हाईस्कूल-इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा केलिए व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के लिए केवल राजकीय विद्यालयों (जीआईसी-जीजीआईसी) को ही पंजीकरण और अग्रसारण केंद्र बनाए जाने का निर्देश दिया है। जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेजे पत्र में यूपी बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया है कि केंद्र निर्धारण के लिए व्यक्तिगत परीक्षार्थियों की अर्हता प्रमाण पत्रों की जांच के लिए केवल जीआईसी को केंद्र बनाया जाए। डीआईओएस इस संबंध में विद्यालयों की सूची अपनी वेबसाइट पर अपलोड करें।
सचिव की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि 2018 की परीक्षा में कुछ प्रधानाचार्यों ने परीक्षार्थियों के अर्हता संबंधी मूल प्रमाण पत्र पत्रों की जांच कराने पर 83 हजार परीक्षार्थियों के आवेदन निरस्त करने पड़े थे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में राजकीय विद्यालय पर्याप्त संख्या में इसलिए दूसरे विद्यालयों को किसी भी हालत में केंद्र न बनाएं। बोर्ड की ओर से जारी दिशा निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि दूसरे प्रदेशों एवं बोर्ड के जो छा-छात्रा आवेदन कर रहे हैं, उनका बोर्ड के नियमानुसार कम से कम दो वर्ष का निवास होने का प्रमाण पत्र भी आवेदन के साथ संलग्न करें। सचिव ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि दूसरे बोर्ड के अनर्ह परीक्षार्थियों का किसी भी हालत में आवेदन अग्रसारित न किया जाए।
विज्ञापन
0 यूपी बोर्ड ने व्यक्तिगत परीक्षा के लिए पंजीकरण केंद्र बनाने को नियम जारी किए
इलाहाबाद। यूपी बोर्ड सचिव ने 2019 की हाईस्कूल-इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा केलिए व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के लिए केवल राजकीय विद्यालयों (जीआईसी-जीजीआईसी) को ही पंजीकरण और अग्रसारण केंद्र बनाए जाने का निर्देश दिया है। जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेजे पत्र में यूपी बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया है कि केंद्र निर्धारण के लिए व्यक्तिगत परीक्षार्थियों की अर्हता प्रमाण पत्रों की जांच के लिए केवल जीआईसी को केंद्र बनाया जाए। डीआईओएस इस संबंध में विद्यालयों की सूची अपनी वेबसाइट पर अपलोड करें।
सचिव की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि 2018 की परीक्षा में कुछ प्रधानाचार्यों ने परीक्षार्थियों के अर्हता संबंधी मूल प्रमाण पत्र पत्रों की जांच कराने पर 83 हजार परीक्षार्थियों के आवेदन निरस्त करने पड़े थे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में राजकीय विद्यालय पर्याप्त संख्या में इसलिए दूसरे विद्यालयों को किसी भी हालत में केंद्र न बनाएं। बोर्ड की ओर से जारी दिशा निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि दूसरे प्रदेशों एवं बोर्ड के जो छा-छात्रा आवेदन कर रहे हैं, उनका बोर्ड के नियमानुसार कम से कम दो वर्ष का निवास होने का प्रमाण पत्र भी आवेदन के साथ संलग्न करें। सचिव ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि दूसरे बोर्ड के अनर्ह परीक्षार्थियों का किसी भी हालत में आवेदन अग्रसारित न किया जाए।
विज्ञापन