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एंग्लो बंगाली में आचार्य प्रफुल्ल चंद्र की जयंती
Updated Wed, 02 Aug 2017 08:26 PM IST
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वैज्ञानिक अनुसंधान के प्रणेता थे आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय
ऐंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज में मनाई गई उनकी 156वीं जयंती
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
एेंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज में बुधवार को रसायन विज्ञान के जनक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय की 156वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई। कार्यक्रम में इलाहाबाद विश्वविद्यालय में रसायन विज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर महेश चंद्र चट्टोपाध्याय ने कहा कि प्रफुल्ल चंद्र राय के साथ जगदीश चंद्र बोस देश में वैज्ञानिक अनुसंधान के प्रणेता के रूप में जाने जाते हैं। यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि दोनों का ही पदार्पण एेंग्लो बंगाली कॉलेज से हुआ।
कहा कि आचार्य राय की पहचान मात्र एक रसायनविद के रूप नहीं बल्कि उन्हें स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सेवी के रूप में भी जाना जाता है। प्रो. चट्टोपाध्याय ने उनसे जुड़े कई संस्मरणों पर विस्तार से चर्चा की। कहा कि वर्ष 1886 में एडिनबरा विवि में अध्ययन के दौरान आचार्य राय ने वहां ‘भारत: गदर से पूर्व एवं पश्चात’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। प्रतियोगिता के निर्णायक प्रो. मेशन और सर विलियम म्योर थे। उनका निबंध पुरस्कृत नहीं हुआ लेकिन बाद में सर विलियम ने कहा था कि उनकी लेखनी उत्कृष्टम है, जिसे अंक देकर बांधा नहीं जा सकता। आचार्य राय का यह निबंध वर्तमान में एक पुस्तक के रूप में उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि आचार्य राय के जीवन पर आधारित लघु फिल्म में उनके बाल्यावस्था से शिक्षा दीक्षा और कोलकाता के प्रेसीडेंसी एवं युनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ साइंस में अध्ययन, उनके कृतित्व एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डालती है। कार्यक्रम में इविवि में रसायन विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो.अशोक महान, प्रो.पीके दत्ता, सलिल कुमार बोस, अरुण कुमार नाग, प्रधानाचार्य स्वास्तिक बोस, कृष्ण मुरारी त्रिपाठी, अजय वर्मा, लालजी यादव, शुभांकर दत्ता समेत अन्य विद्यालयों के शिक्षक मौजूद थे।
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ऐंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज में मनाई गई उनकी 156वीं जयंती
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
एेंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज में बुधवार को रसायन विज्ञान के जनक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय की 156वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई। कार्यक्रम में इलाहाबाद विश्वविद्यालय में रसायन विज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर महेश चंद्र चट्टोपाध्याय ने कहा कि प्रफुल्ल चंद्र राय के साथ जगदीश चंद्र बोस देश में वैज्ञानिक अनुसंधान के प्रणेता के रूप में जाने जाते हैं। यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि दोनों का ही पदार्पण एेंग्लो बंगाली कॉलेज से हुआ।
कहा कि आचार्य राय की पहचान मात्र एक रसायनविद के रूप नहीं बल्कि उन्हें स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सेवी के रूप में भी जाना जाता है। प्रो. चट्टोपाध्याय ने उनसे जुड़े कई संस्मरणों पर विस्तार से चर्चा की। कहा कि वर्ष 1886 में एडिनबरा विवि में अध्ययन के दौरान आचार्य राय ने वहां ‘भारत: गदर से पूर्व एवं पश्चात’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। प्रतियोगिता के निर्णायक प्रो. मेशन और सर विलियम म्योर थे। उनका निबंध पुरस्कृत नहीं हुआ लेकिन बाद में सर विलियम ने कहा था कि उनकी लेखनी उत्कृष्टम है, जिसे अंक देकर बांधा नहीं जा सकता। आचार्य राय का यह निबंध वर्तमान में एक पुस्तक के रूप में उपलब्ध है।
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उन्होंने कहा कि आचार्य राय के जीवन पर आधारित लघु फिल्म में उनके बाल्यावस्था से शिक्षा दीक्षा और कोलकाता के प्रेसीडेंसी एवं युनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ साइंस में अध्ययन, उनके कृतित्व एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डालती है। कार्यक्रम में इविवि में रसायन विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो.अशोक महान, प्रो.पीके दत्ता, सलिल कुमार बोस, अरुण कुमार नाग, प्रधानाचार्य स्वास्तिक बोस, कृष्ण मुरारी त्रिपाठी, अजय वर्मा, लालजी यादव, शुभांकर दत्ता समेत अन्य विद्यालयों के शिक्षक मौजूद थे।
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