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Allahabad High Court : कोर्ट को गुमराह करने पर लगा 25 हजार हर्जाना, याचिका खारिज
Wed, 12 Apr 2023 11:38 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 12 Apr 2023 11:38 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि आजादी के पहले से न्याय व्यवस्था सत्य पर आधारित है। समाज में भी सत्य की कीमत होती हैं।कोर्ट ने कहा पिछले 40 सालों से मूल्यों में गिरावट आई है।
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हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि आजादी के पहले से न्याय व्यवस्था सत्य पर आधारित है। समाज में भी सत्य की कीमत होती हैं।कोर्ट ने कहा पिछले 40 सालों से मूल्यों में गिरावट आई है। वादकारी पक्ष में आदेश पाने के लिए कोर्ट को गुमराह करने में किसी भी हद को पार करने में नहीं हिचकते। सत्य का सम्मान नहीं करते और कोर्ट को प्रदूषित कर रहे।
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कोर्ट ने बिजनौर की ग्राम पंचायत बलदिया के प्रधान रोहित कुमार की याचिका 25 हजार रुपये हर्जाने के साथ खारिज कर दी है। कहा है कि यह राशि चार हफ्ते में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा किया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने रोहित कुमार की याचिका पर दिया है।
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याचिका में जिलाधिकारी बिजनौर के 26 मई 2022 के आदेश को चुनौती दी गई थी। याची के खिलाफ शिकायत पर 11 अप्रैल 2022 को कारण बताओ नोटिस जारी की गई। 15 दिन में जवाब मांगा गया। 26 अप्रैल 22 को 15 दिन पूरा हुआ। याची 15 अप्रैल 22 से 15 मई 22 तक अस्पताल में भर्ती हुआ। इसके बाद डाॅक्टर की सलाह पर घर में आराम किया और जब 31 मई को ब्लॉक जवाब देने पहुंचा तो बताया गया कि जिलाधिकारी ने आदेश पास कर दिया है।
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उसने ग्राम प्रधान के कर्तव्य का पालन करने देने की मांग की। जिलाधिकारी ने स्पष्टीकरण न देने पर याची के प्रधान के अधिकार छीन लिए थे। याची का कहना था कि उसे सुनवाई का मौका नहीं दिया गया। कोर्ट ने कहा याची स्वच्छ हृदय से कोर्ट नहीं आया। वह झूठ बोलकर कोर्ट को गुमराह कर रहा है।