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प्रयागराज में गंगा की रेत से फिर निकले 23 शव, दिन भर जलती रहीं चिताएं

Wed, 23 Jun 2021 11:27 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 23 Jun 2021 11:27 PM IST
सार

  • रेती से शवों के निकलने की संख्या 70 पहुंच गई है

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23 dead bodies came out again from the sand of the Ganges, The pyres kept burning all day long
prayagraj news : लगातार हो रही बारिश और गंगा के जलस्तर में हो रही वृद्धि के कारण फाफमऊ घाट पर हो रही कटान के कारण शव पानी में बह जा रहे हैं। - फोटो : prayagraj

विस्तार

फाफामऊ घाट पर गंगा की कटान नगर निगम के लिए आफत बनकर बढ़ रही है। बुधवार को कटान की जद में आई रेती से 23 शव बाहर निकले। किनारा धंसने से गंगा में बह रहे कुछ शवों को छानकर बाहर निकाला गया। करीब दो सौ मीटर केदायरे में चिताएं लगाकर इन लावारिस शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इसी के साथ फाफामऊ घाट पर अब तर रेती से निकलने वाले शवों की संख्या बढक़र 70 हो गई है। महीने भर से रेत से लगातार शवों के निकलने से कोरोना काल में हुई मौतों और उस दौरान शवों के अंतिम संस्कार को लेकर जूझने वाले लोगों की मुसीबतों का अंदाजा लगाया जा सकता है।

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23 dead bodies came out again from the sand of the Ganges, The pyres kept burning all day long
prayagraj news : लगातार हो रही बारिश और गंगा के जलस्तर में हो रही वृद्धि के कारण फाफमऊ घाट पर दफन शव बाहर आ रहे हैं। - फोटो : prayagraj

मंगलवार की रात जलस्तर बढ़ने से धारा तेज हुई तो कटान का क्षेत्रफल भी बढ़ने लगा है। ऐसे में रेती में हर कदम पर दफन शव एक-एक कर निकल रहे हैं। बुधवार की सुबह छह बजे से ही रेत से शवों के दिखने का सिलसिला आरंभ हो गया। दोपहर बाद तक इस घाट पर रेत कटती गई और उसमें से शव बाहर आते गए। एक महिला का शव कटान केसाथ ही गंगा में गिरकर बहने लगा। प्रवाह तेज होने के बावजूद निगम कर्मियों और मजदूरों की तत्परता से शव गंगा मं बहने से रोक लिया गया और उसे छानकर बाहर निकाल लिया गया।

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23 dead bodies came out again from the sand of the Ganges, The pyres kept burning all day long
prayagraj news : लगातार हो रही बारिश और गंगा के जलस्तर में हो रही वृद्धि के कारण फाफमऊ घाट पर दफन शव बाहर आ रहे हैं। - फोटो : prayagraj

शाम तक मजदूरों की मदद से रेती से कुल 23 शव निकाले गए। रेत से निकलने वाले शवों की यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। नगर निगम के जोनल अधिकारी नीरज कुमार सिंह खुद सुबह से ही घाट पर डटे रहे। उन्होंने शवों को निकलवाया भी और फिर लकड़ी, रामनामी और अन्य सामान मंगाकर चिताएं सजाई गईं। फिर इन शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इस दिन फिर कर्मकांड, श्राद्ध के साथ शवों का अंतिम संस्कार कराया गया, ताकि उन भटकती आत्माओं को शांति मिल सके। हालांकि इन शवों में कई ऐसे थे, जिनके शरीर का काफी हिस्सा गल चुका था। इन शवों से दुर्गंध उठ रही थी। ऐसे शवों से संक्रमण फैलने का भी खतरा बना हुआ है।

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23 dead bodies came out again from the sand of the Ganges, The pyres kept burning all day long
prayagraj news : गंगा में मिले शव का अंतिम संस्कार करते नगर निगम के कर्मचारी। - फोटो : prayagraj

जोनल अधिकारी ने अब तक दी 82 शवों को मुखाग्नि

फाफामऊ घाट पर मिल रहे लावारिस शवों का अंतिम संस्कार नगर निगम के जोनल अधिकारी नीरज कुमार सिंह करा रहे हैं। बुधवार को भी उन्होंने ही सभी शवों को मुखाग्नि दी। एक दिन में 23 शवों को जलाने की पीड़ा बयां कर बुधवार को उनकी आंखें भर आईं। वह इस घाट पर अब तक 82 शवों को मुखाग्नि दे चुके हैं। इससे पहले कोरोना संक्रमण के दौरान 12 ऐसे शवों को उन्होंने जलाया था, जिनके वारिस नहीं थे। अब वह रेत से निकलने वाले शवों का हर रोज अंतिम संस्कार करा रहे हैं।
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