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डीएम ने सरकारी अस्पताल में कराया पत्नी का प्रसव
Updated Mon, 12 Nov 2018 01:10 AM IST
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मंझनपुर (कौशाम्बी)। आम आदमी जहां सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं को लेकर हमेशा सशंकित रहता है और अपने घर की बहू-बेटियों का वहां प्रसव कराने से कतराता है। ऐसे में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने अनूठी पहल की है। उन्होंने पत्नी का जिला अस्पताल में प्रसव कराया, जहां उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया है। डीएम की यह पहल सरकारी अफसरों के साथ-साथ उन आम लोगों के लिए भी नसीहत भी है, जोकि सरकारी अस्पताल में इलाज कराने में सकुचाते हैं।
प्रदेश सरकार संस्थागत प्रसव के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकारी अस्पतालों में प्रसव को बढ़ावा देने के लिए भी प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने इसके लिए प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा योजना संचालित कर रखी है। योजना के प्रति लोगों में भरोसा पैदा करने के लिए जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा खुद आगे आए हैं। उन्होंने आम जनता की तरह प्रसव पीड़ित पत्नी अंकिता राज को शनिवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। रात में उन्होंने बेटी को जन्म दिया। अस्पताल में जच्चा और बच्चा सुरक्षित हैं। जिले में शायद पहली बार किसी बड़े अफसर ने पत्नी का सरकारी अस्पताल में प्रसव कराया है। डीएम ने जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. दीपक सेठ सहित अस्पताल के स्टाफ को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि लोग भ्रम से बाहर निकलकर सरकारी अस्पताल में ही प्रसव कराएं। संस्थागत प्रसव कराना जच्चा और बच्चा दोनों की सेहत के लिए फायदेमंद होता है।
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प्रदेश सरकार संस्थागत प्रसव के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकारी अस्पतालों में प्रसव को बढ़ावा देने के लिए भी प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने इसके लिए प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा योजना संचालित कर रखी है। योजना के प्रति लोगों में भरोसा पैदा करने के लिए जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा खुद आगे आए हैं। उन्होंने आम जनता की तरह प्रसव पीड़ित पत्नी अंकिता राज को शनिवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। रात में उन्होंने बेटी को जन्म दिया। अस्पताल में जच्चा और बच्चा सुरक्षित हैं। जिले में शायद पहली बार किसी बड़े अफसर ने पत्नी का सरकारी अस्पताल में प्रसव कराया है। डीएम ने जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. दीपक सेठ सहित अस्पताल के स्टाफ को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि लोग भ्रम से बाहर निकलकर सरकारी अस्पताल में ही प्रसव कराएं। संस्थागत प्रसव कराना जच्चा और बच्चा दोनों की सेहत के लिए फायदेमंद होता है।
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