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अपराधियों को राजनीतिक पेंशन पर कोर्ट सख्त
Updated Thu, 01 Nov 2018 08:04 PM IST
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अपराधियों को राजनीतिक पेंशन पर हाईकोर्ट सख्त
0 पूछा सरकारी खजाने से आपराधिक छवि के कितने लोगों को दी जा रही पेंशन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। गंभीर अपराधों में लिप्त लोगों को राजनीतिक पेंशन दिए जाने के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया है। प्रदेश सरकार से पूछा है कि सूबे में ऐसे कितने लोग हैं, जो आपराधिक छवि के हैं और सरकारी खजाने से पेंशन पा रहे हैं। कोर्ट ने याचिका में पक्षकार बनाए गए कुछ ऐसे लोगों को नोटिस भी जारी किया है, जिन पर आरोप हैं। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने डीएम पीलीभीत को मामले की जांच कर अपना व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट का कहना था कि गंभीर आपराधिक मामले में सजायाफ्ता लोगों को लोकतंत्र सेनानी या दूसरी कोई राजनीतिक पेंशन देना अनुचित है। पीलीभीत के अशोक कुमार शमसा और 21 अन्य लोगों की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर न्यायमूर्ति एपी साही और न्यायमूर्ति अजीत कुमार की पीठ सुनवाई कर रही है। याचिका में कहा गया कि पीलीभीत में कई ऐसे लोग हैं, जिनको राजनीतिक पेंशन दी जा रही है मगर वे गंभीर आपराधिक मुकदमों में सजा पा चुके हैं। कोर्ट ने ऐसे लोगों को भी नोटिस जारी कर पूछा है कि वे कितने मामलों में सजायाफ्ता हैं। याचिका पर छह सप्ताह के बाद सुनवाई होगी।
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0 पूछा सरकारी खजाने से आपराधिक छवि के कितने लोगों को दी जा रही पेंशन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। गंभीर अपराधों में लिप्त लोगों को राजनीतिक पेंशन दिए जाने के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया है। प्रदेश सरकार से पूछा है कि सूबे में ऐसे कितने लोग हैं, जो आपराधिक छवि के हैं और सरकारी खजाने से पेंशन पा रहे हैं। कोर्ट ने याचिका में पक्षकार बनाए गए कुछ ऐसे लोगों को नोटिस भी जारी किया है, जिन पर आरोप हैं। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने डीएम पीलीभीत को मामले की जांच कर अपना व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट का कहना था कि गंभीर आपराधिक मामले में सजायाफ्ता लोगों को लोकतंत्र सेनानी या दूसरी कोई राजनीतिक पेंशन देना अनुचित है। पीलीभीत के अशोक कुमार शमसा और 21 अन्य लोगों की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर न्यायमूर्ति एपी साही और न्यायमूर्ति अजीत कुमार की पीठ सुनवाई कर रही है। याचिका में कहा गया कि पीलीभीत में कई ऐसे लोग हैं, जिनको राजनीतिक पेंशन दी जा रही है मगर वे गंभीर आपराधिक मुकदमों में सजा पा चुके हैं। कोर्ट ने ऐसे लोगों को भी नोटिस जारी कर पूछा है कि वे कितने मामलों में सजायाफ्ता हैं। याचिका पर छह सप्ताह के बाद सुनवाई होगी।
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