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शहर का नाम बदलना कोई नई बात नहीं: हाईकोर्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Updated Wed, 31 Oct 2018 08:20 PM IST
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Allahabad High Court
इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किए जाने के खिलाफ दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने कहा है कि शहरों का नाम बदलना कोई नया काम नहीं है। इससे पहले भी मद्रास, कलकत्ता, बांबे आदि शहरों के नाम बदले जा चुके हैं। इनको लेकर याचिकाएं भी हुईं और उस पर अदालतों के निर्णय भी आ चुके हैं। नाम बदलने के मामले में सरकार की अधिकारिता तय हो चुकी है।
कोर्ट ने इलाहाबाद का नाम बदलने के मामले में याची और सरकार के अधिवक्ता को अगली तारीख पर अदालतों के फैसलों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया है, ताकि इस मुद्दे पर आदेश पारित किया जा सके।
अधिवक्ता सुनीता शर्मा की याचिका पर न्यायमूर्ति एपी साही और न्यायमूर्ति अजित कुमार की पीठ सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान न्यायालय को बताया गया कि इलाहाबाद का नाम बदले जाने के खिलाफ कई अन्य याचिकाएं भी दाखिल की गईं हैं।
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मांग की गई कि सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की जाए। इस पर कोर्ट ने 13 नवंबर को सभी पक्षों को पूरी तैयारी के साथ आने के लिए कहा है। कोर्ट का कहना था कि शहर का नाम बदलने का मामला सिर्फ तथ्यात्मक नहीं है, बल्कि कानूनी भी है। इसलिए कानूनी पहलू पर बहस जरूरी है।
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कोर्ट ने इलाहाबाद का नाम बदलने के मामले में याची और सरकार के अधिवक्ता को अगली तारीख पर अदालतों के फैसलों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया है, ताकि इस मुद्दे पर आदेश पारित किया जा सके।
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अधिवक्ता सुनीता शर्मा की याचिका पर न्यायमूर्ति एपी साही और न्यायमूर्ति अजित कुमार की पीठ सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान न्यायालय को बताया गया कि इलाहाबाद का नाम बदले जाने के खिलाफ कई अन्य याचिकाएं भी दाखिल की गईं हैं।
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मांग की गई कि सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की जाए। इस पर कोर्ट ने 13 नवंबर को सभी पक्षों को पूरी तैयारी के साथ आने के लिए कहा है। कोर्ट का कहना था कि शहर का नाम बदलने का मामला सिर्फ तथ्यात्मक नहीं है, बल्कि कानूनी भी है। इसलिए कानूनी पहलू पर बहस जरूरी है।