फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   अ भिभावकों की बढ़ी चिंता, स्कूल बंद हुआ तो बीच सत्र में कहां होगा बच्चों का एडमीशन

अ भिभावकों की बढ़ी चिंता, स्कूल बंद हुआ तो बीच सत्र में कहां होगा बच्चों का एडमीशन

Tue, 12 Dec 2017 01:38 AM IST
Updated Tue, 12 Dec 2017 01:38 AM IST
विज्ञापन
अ भिभावकों की बढ़ी चिंता, स्कूल बंद हुआ तो बीच सत्र में कहां होगा बच्चों का एडमीशन
बीच सत्र में स्कूल बंद हुआ तो कहां मिलेगा एडमिशन
विज्ञापन

0 अभिभावकों की बढ़ी चिंता, बिना मान्यता चल रहे यूइंग क्रिश्चियन पब्लिक जूनियर स्कूल का मामला, प्रबंधक की गिरफ्तारी ने बढ़ाई परेशानी
0 सोमवार को बड़ी संख्या में स्कूल के बाहर जुटे अभिभावक, प्रबंधन से नहीं मिला संतोषजनक उत्तर, आज फिर पहुंचेंगे

अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। काटजू रोड स्थित यूइंग क्रिश्चियन पब्लिक जूनियर स्कूल को बिना मान्यता संचालित करने के आरोप में प्रबंधक एवं शुआट्स के निदेशक प्रशासन विनोद बी लाल की गिरफ्तारी के बाद वहां पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। उनकी परेशानी यह है कि ऐसी स्थिति में स्कूल बंद करने का आदेश हो गया तो उनके बच्चे बीच सत्र में कहां पढ़ेंगे, कौन स्कूल उनका एडमिशन लेगा। इसे लेकर सोमवार सुबह बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंचे लेकिन उन्हें संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। अभिभावक मंगलवार को फिर स्कूल में जुटेंगे।
स्कूल को बिना मान्यता चलाने के मामले में प्रबंधक विनोद बी लाल की गिरफ्तारी की खबर रविवार को सार्वजनिक हुई। इसके बाद सोमवार सुबह अभिभावक बच्चों को लेकर स्कूल पहुंचे तो वहां मौजूद लोगों से प्रधानाचार्या से मिलाने की मांग की। स्कूल कार्यालय में मौजूद लोगों से भी मान्यता के बारे में पूछा तो अभिभावकों को बताया गया कि मान्यता की प्रक्रिया चल रही है। इस बीच अभिभावक प्रधानाचार्या से मिलाने की मांग पर अड़ गए। पता चला कि प्रधानाचार्या स्कूल में नहीं हैं सो अभिभावकों ने फोन पर बात करने को कहा। अभिभावकों के मुताबिक कार्यालय से उनके मोबाइल पर संपर्क का प्रयास किया गया लेकिन फोन नहीं उठा।
विज्ञापन

अभिभावकों का कहना है कि उन्हें बच्चों की फीस रसीद, रिपोर्ट कार्ड आदि सब गऊघाट स्थित यूइंग क्रिश्चियन पब्लिक स्कूल के नाम का दिया जाता है। अब उनकी चिंता का बड़ा कारण यह है कि जिला प्रशासन ने स्कूल को बंद करने का आदेश कर दिया तो उनके बच्चों का क्या होगा क्योंकि बीच सत्र में किसी स्कूल में प्रवेश मिलना भी संभव है। वह भी तब जब अगले कुछ दिनों में कॉन्वेंट स्कूलों में शीतावकाश हो जाएगा और उसके बाद जनवरी में स्कूल खुलने के बाद फरवरी-मार्च में परीक्षाएं होंगी। ऐसे में अभिभावक स्कूल प्रबंधन से ठोस जवाब चाहते हैं। इसके लिए अभिभावक मंगलवार को सुबह फिर स्कूल में जुटेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed