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टीईटी शिक्षकों को वर्तमान पद पर बनाए रखने की मांग
Updated Sat, 29 Jul 2017 08:06 PM IST
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टीईटी शिक्षकों को वर्तमान पद पर बनाए रखने की मांग
स्नातक के साथ बीटीसी, टीईटी उत्तीर्ण शिक्षा मित्रों ने मुख्य सचिव बेसिक को लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
राष्ट्रीय अध्यापक प्रशिक्षण परिषद (एनसीटीई) से निर्धारित न्यूनतम शैक्षिक अर्हता स्नातक और बीटीसी के साथ शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को वर्तमान पद पर बनाए रखने की मांग जोर पकड़ने लगी है। टीईटी पास समायोजित शिक्षामित्रों ने शनिवार को अपर मुख्य सचिव (बेसिक) को पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया। अनिल कुमार कोटार्या एवं अभय सिंह की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया कि सर्वोच्च अदालत ने 1.37 लाख समायोजित शिक्षकों की सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति/समायोजन इसलिए निरस्त की क्योंकि ये वर्तमान में एनसीटीई से निर्धारित न्यूनतम शैक्षिक अर्हता पूर्ण नहीं करते।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में लगभग 22 हजार समायोजित शिक्षामित्र एनसीटीई से निर्धारित अर्हता स्नातक और बीटीसी के साथ टीईटी भी उत्तीर्ण हैं। इसमें से अधिकांश अपनी नियुक्ति के पूर्व ही सभी अर्हताएं प्राप्त कर चुके थे। ऐसे में विधि विशेषज्ञों से राय लेकर ऐसे सभी समायोजित शिक्षकों को सहायक अध्यापक पद पर बनाए रखा जाए। पत्र में सुझाव भी दिए गए हैं। इसके तहत पूर्ण योग्यता वाले करीब 22 हजार टीईटी पास शिक्षामित्रों को समायोजित करने के लिए सरकार द्वारा आदेश जारी करने की मांग की गई। कहा गया कि इससे न्यायालय की अवमानना की संभावना नहीं होगी और विद्यालयों में शिक्षण कार्य भी सुचारु रूप से चल सकेगा। इसके साथ सरकार से शीघ्र विज्ञापन जारी कर योग्यता प्राप्त कर चुके समायोजित शिक्षामित्रों को आयु में छूट तथा अनुभव का वर्षों के अनुसार भारांक प्रदान करते हुए निर्धारित कोटा देने की व्यवस्था की मांग की।
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स्नातक के साथ बीटीसी, टीईटी उत्तीर्ण शिक्षा मित्रों ने मुख्य सचिव बेसिक को लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
राष्ट्रीय अध्यापक प्रशिक्षण परिषद (एनसीटीई) से निर्धारित न्यूनतम शैक्षिक अर्हता स्नातक और बीटीसी के साथ शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को वर्तमान पद पर बनाए रखने की मांग जोर पकड़ने लगी है। टीईटी पास समायोजित शिक्षामित्रों ने शनिवार को अपर मुख्य सचिव (बेसिक) को पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया। अनिल कुमार कोटार्या एवं अभय सिंह की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया कि सर्वोच्च अदालत ने 1.37 लाख समायोजित शिक्षकों की सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति/समायोजन इसलिए निरस्त की क्योंकि ये वर्तमान में एनसीटीई से निर्धारित न्यूनतम शैक्षिक अर्हता पूर्ण नहीं करते।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में लगभग 22 हजार समायोजित शिक्षामित्र एनसीटीई से निर्धारित अर्हता स्नातक और बीटीसी के साथ टीईटी भी उत्तीर्ण हैं। इसमें से अधिकांश अपनी नियुक्ति के पूर्व ही सभी अर्हताएं प्राप्त कर चुके थे। ऐसे में विधि विशेषज्ञों से राय लेकर ऐसे सभी समायोजित शिक्षकों को सहायक अध्यापक पद पर बनाए रखा जाए। पत्र में सुझाव भी दिए गए हैं। इसके तहत पूर्ण योग्यता वाले करीब 22 हजार टीईटी पास शिक्षामित्रों को समायोजित करने के लिए सरकार द्वारा आदेश जारी करने की मांग की गई। कहा गया कि इससे न्यायालय की अवमानना की संभावना नहीं होगी और विद्यालयों में शिक्षण कार्य भी सुचारु रूप से चल सकेगा। इसके साथ सरकार से शीघ्र विज्ञापन जारी कर योग्यता प्राप्त कर चुके समायोजित शिक्षामित्रों को आयु में छूट तथा अनुभव का वर्षों के अनुसार भारांक प्रदान करते हुए निर्धारित कोटा देने की व्यवस्था की मांग की।
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