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माया प्रेस की बििल्डिग गिराने का मामला
Updated Mon, 29 Oct 2018 08:56 PM IST
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सीएम के ओएसडी ने कहा, सिर्फ
अवैध अतिक्रमण हटाने को कहा था
0 प्रयागराज में माया प्रेस की बिल्डिंग गिराने का मामला
0 हाईकोर्ट ने कमिश्नर, डीएम, नगर आयुक्त से भी मांगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। माया प्रेस की बिल्डिंग गिराए जाने के मामले में सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) अजय कुमार सिंह हाईकोर्ट में उपस्थित हुए। कोर्ट ने उनको भवन गिराने संबंधी आदेश देने के मामले में स्पष्टीकरण के लिए तलब किया था। अजय सिंह ने कहा कि उन्होंने सिर्फ अवैध अतिक्रमण हटाने का आदेेश दिया था। कोर्ट ने जानना चाहा कि क्या उन्होंने एक ही पत्र लिखा था। इस पर ओएसडी का कहना था कि उन्होंने एक ही पत्र लिखा है। इसके बाद अदालत ने मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और नगर आयुक्त प्रयागराज से भी हलफनामा मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 13 नवंबर को होगी।
माया प्रेस के विघटन का मामला हाईकोर्ट में है। कोर्ट के आदेश से प्रेस की समस्त संपत्तियों पर आधिकारिक समापक नियुक्त है। इस प्रकार से संपत्तियां न्यायिक संरक्षण में हैं। इसी में से एक भवन नया उदासीन अखाड़े के कब्जे में है। अखाड़े के महंत की अर्जी पर गत दिनों इस भवन को नगर निगम से ढहा दिया है। भवन की चीजें चोरी चली गईं, जिसकी प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान जानकारी मिली कि भवन गिराने का आदेश मुख्यमंत्री कार्यालय के ओएसडी ने दिया था। इस पर कोर्ट ने ओएसडी को तलब कर स्पष्टीकरण मांगा था।
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अवैध अतिक्रमण हटाने को कहा था
0 प्रयागराज में माया प्रेस की बिल्डिंग गिराने का मामला
0 हाईकोर्ट ने कमिश्नर, डीएम, नगर आयुक्त से भी मांगा जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। माया प्रेस की बिल्डिंग गिराए जाने के मामले में सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) अजय कुमार सिंह हाईकोर्ट में उपस्थित हुए। कोर्ट ने उनको भवन गिराने संबंधी आदेश देने के मामले में स्पष्टीकरण के लिए तलब किया था। अजय सिंह ने कहा कि उन्होंने सिर्फ अवैध अतिक्रमण हटाने का आदेेश दिया था। कोर्ट ने जानना चाहा कि क्या उन्होंने एक ही पत्र लिखा था। इस पर ओएसडी का कहना था कि उन्होंने एक ही पत्र लिखा है। इसके बाद अदालत ने मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और नगर आयुक्त प्रयागराज से भी हलफनामा मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 13 नवंबर को होगी।
माया प्रेस के विघटन का मामला हाईकोर्ट में है। कोर्ट के आदेश से प्रेस की समस्त संपत्तियों पर आधिकारिक समापक नियुक्त है। इस प्रकार से संपत्तियां न्यायिक संरक्षण में हैं। इसी में से एक भवन नया उदासीन अखाड़े के कब्जे में है। अखाड़े के महंत की अर्जी पर गत दिनों इस भवन को नगर निगम से ढहा दिया है। भवन की चीजें चोरी चली गईं, जिसकी प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान जानकारी मिली कि भवन गिराने का आदेश मुख्यमंत्री कार्यालय के ओएसडी ने दिया था। इस पर कोर्ट ने ओएसडी को तलब कर स्पष्टीकरण मांगा था।
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