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एनसीईआरटी को अंतिम रूप देने में जुटा यूपी बोर्ड
Updated Tue, 01 Aug 2017 08:58 PM IST
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एनसीईआरटी पाठ्यक्रम को अंतिम रूप देने में जुटा यूपी बोर्ड
चार से शुरू होगी पाठ्यक्रम समिति की दूसरे चरण की बैठकें, कुछ विषयों में होगा संशोधन
पाठ्यक्रम को अंतिम रूप देकर 15 सितंबर तक एनसीईआरटी को भेजने की योजना
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
यूपी बोर्ड शैक्षिक सत्र 2018 से माध्यमिक विद्यालयों में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू करने की तैयारी तेजी से कर रहा है। इसके लिए यूपी बोर्ड कक्षा नौ से 12 के पाठ्यक्रम में परिवर्तन करेगा। पाठ्यक्रम समिति की पहले चरण की बैठक के बाद अब चार अगस्त से दूसरे चरण की बैठक शुरू होगी। यूपी बोर्ड की योजना पाठ्यक्रम को एनसीईआरटी की तर्ज पर तैयार कर 15 सितंबर तक भेजने की है।
सीबीएसई के विद्यालयों में पहले से एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू है। इसके आधार पर इन विद्यालयों में इंटरमीडिएट में सभी विषयों की एक-एक परीक्षा होती है, जबकि यूपी बोर्ड का पाठ्यक्रम काफी अधिक है, जिसकी वजह से इंटर में हर विषय के प्रथम एवं द्वितीय प्रश्न पत्र, यानी दो परीक्षाएं होती हैं। हालांकि यूपी बोर्ड 10वीं में हर विषय की एक ही परीक्षा कराता है। ऐसे में इंटरमीडिएट में भी सभी विषयों की एक-एक परीक्षा कराने की योजना बनाई जा रही है। इसी के लिए यूपी बोर्ड एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू करने की तैयारी में है। जुलाई की शुरुआत में इसके लिए यूपी बोर्ड पाठ्यक्रम समिति की बैठक हो चुकी है।
अब चार अगस्त से दूसरे चरण की बैठक होगी। इसमें इंटरमीडिएट कृषि में कुछ संशोधन की उम्मीद है क्योंकि एनसीईआरटी में यह विषय नहीं है। इसी तरह गणित, सामाजिक विज्ञान में भी कुछ संशोधन होना है। सामाजिक विज्ञान में कुछ महापुरुषों के नाम भी बढ़ाए जाने की योजना है। अलग-अलग पाठ्यक्रम समिति की 10 अगस्त तक बैठकें होंगी, जिसमें विभिन्न विषयों में संशोधन आदि होगा। यूपी बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव का कहना है कि कक्षा नौ से 12 तक के कुछ विषय यूपी बोर्ड और एनसीईआरटी के तकरीबन एक समान है, जबकि गणित, सामाजिक विषय आदि में संशोधन की आवश्यकता है। पाठ्यक्रम को अंतिम रूप देकर 15 सितंबर तक हर हाल में एनसीईआरटी को भेज दिया जाएगा।
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एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम पर यूपी बोर्ड की परीक्षा 2020 में
इलाहाबाद। एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू होने के बाद इसके आधार पर यूपी बोर्ड की परीक्षा वर्ष 2020 में होगी। ऐसा इसलिए कि अगले शैक्षिक यानी 2018 में इसे कक्षा नौ एवं 11 में लागू किया जाएगा। 2018 में कक्षा नौ एवं 11 तथा 2019 में 10वीं एवं 12वीं में छात्र-छात्राएं एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम पढ़ेंगे। इसके बाद वर्ष 2020 की बोर्ड परीक्षा इसके आधार पर हो सकेगी, जिसमें इंटरमीडिएट में भी सभी विषयों की एक-एक परीक्षा होगा।
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कम समय में खत्म होगी परीक्षा, जल्द होगा कॉपियों का मूल्यांकन
इलाहाबाद। यूपी बोर्ड द्वारा एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू करने और सीबीएसई की तर्ज पर हर विषय की एक परीक्षा कराने पर यह काम काफी कम समय में पूरा हो जाएगा। इसके बाद कॉपियों के मूल्यांकन में भी ज्यादा समय नहीं लगेगा। यानी परीक्षा अगर फरवरी-मार्च के बीच होती है तो अगले 15 से 20 दिन में पूरी हो जाएंगी और इसके तुरंत बाद कॉपियों का मूल्यांकन शुरू होगा। इस हिसाब से मार्च के अंत या अप्रैल के पहले सप्ताह तक परिणाम भी घोषित हो जाएगा और इसके साथ अप्रैल में ही 10वीं और 12वीं नई कक्षाएं भी शुरू हो जाएंगी।
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चार से शुरू होगी पाठ्यक्रम समिति की दूसरे चरण की बैठकें, कुछ विषयों में होगा संशोधन
पाठ्यक्रम को अंतिम रूप देकर 15 सितंबर तक एनसीईआरटी को भेजने की योजना
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
यूपी बोर्ड शैक्षिक सत्र 2018 से माध्यमिक विद्यालयों में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू करने की तैयारी तेजी से कर रहा है। इसके लिए यूपी बोर्ड कक्षा नौ से 12 के पाठ्यक्रम में परिवर्तन करेगा। पाठ्यक्रम समिति की पहले चरण की बैठक के बाद अब चार अगस्त से दूसरे चरण की बैठक शुरू होगी। यूपी बोर्ड की योजना पाठ्यक्रम को एनसीईआरटी की तर्ज पर तैयार कर 15 सितंबर तक भेजने की है।
सीबीएसई के विद्यालयों में पहले से एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू है। इसके आधार पर इन विद्यालयों में इंटरमीडिएट में सभी विषयों की एक-एक परीक्षा होती है, जबकि यूपी बोर्ड का पाठ्यक्रम काफी अधिक है, जिसकी वजह से इंटर में हर विषय के प्रथम एवं द्वितीय प्रश्न पत्र, यानी दो परीक्षाएं होती हैं। हालांकि यूपी बोर्ड 10वीं में हर विषय की एक ही परीक्षा कराता है। ऐसे में इंटरमीडिएट में भी सभी विषयों की एक-एक परीक्षा कराने की योजना बनाई जा रही है। इसी के लिए यूपी बोर्ड एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू करने की तैयारी में है। जुलाई की शुरुआत में इसके लिए यूपी बोर्ड पाठ्यक्रम समिति की बैठक हो चुकी है।
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अब चार अगस्त से दूसरे चरण की बैठक होगी। इसमें इंटरमीडिएट कृषि में कुछ संशोधन की उम्मीद है क्योंकि एनसीईआरटी में यह विषय नहीं है। इसी तरह गणित, सामाजिक विज्ञान में भी कुछ संशोधन होना है। सामाजिक विज्ञान में कुछ महापुरुषों के नाम भी बढ़ाए जाने की योजना है। अलग-अलग पाठ्यक्रम समिति की 10 अगस्त तक बैठकें होंगी, जिसमें विभिन्न विषयों में संशोधन आदि होगा। यूपी बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव का कहना है कि कक्षा नौ से 12 तक के कुछ विषय यूपी बोर्ड और एनसीईआरटी के तकरीबन एक समान है, जबकि गणित, सामाजिक विषय आदि में संशोधन की आवश्यकता है। पाठ्यक्रम को अंतिम रूप देकर 15 सितंबर तक हर हाल में एनसीईआरटी को भेज दिया जाएगा।
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एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम पर यूपी बोर्ड की परीक्षा 2020 में
इलाहाबाद। एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू होने के बाद इसके आधार पर यूपी बोर्ड की परीक्षा वर्ष 2020 में होगी। ऐसा इसलिए कि अगले शैक्षिक यानी 2018 में इसे कक्षा नौ एवं 11 में लागू किया जाएगा। 2018 में कक्षा नौ एवं 11 तथा 2019 में 10वीं एवं 12वीं में छात्र-छात्राएं एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम पढ़ेंगे। इसके बाद वर्ष 2020 की बोर्ड परीक्षा इसके आधार पर हो सकेगी, जिसमें इंटरमीडिएट में भी सभी विषयों की एक-एक परीक्षा होगा।
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कम समय में खत्म होगी परीक्षा, जल्द होगा कॉपियों का मूल्यांकन
इलाहाबाद। यूपी बोर्ड द्वारा एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू करने और सीबीएसई की तर्ज पर हर विषय की एक परीक्षा कराने पर यह काम काफी कम समय में पूरा हो जाएगा। इसके बाद कॉपियों के मूल्यांकन में भी ज्यादा समय नहीं लगेगा। यानी परीक्षा अगर फरवरी-मार्च के बीच होती है तो अगले 15 से 20 दिन में पूरी हो जाएंगी और इसके तुरंत बाद कॉपियों का मूल्यांकन शुरू होगा। इस हिसाब से मार्च के अंत या अप्रैल के पहले सप्ताह तक परिणाम भी घोषित हो जाएगा और इसके साथ अप्रैल में ही 10वीं और 12वीं नई कक्षाएं भी शुरू हो जाएंगी।