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नौकरी के लिए 20 लाख हड़पे, रेल कर्मचारी नेता बेटे समेत नामजद
Sun, 17 Jan 2021 12:57 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 17 Jan 2021 12:57 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपये हड़पने के मामले में रेलवे वर्कर्स यूनियन के महामंत्री व उसके बेटे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। खुल्दाबाद पुलिस ने आरोपी रेलकर्मी के बेटे अंकित पांडेय को गिरफ्तार कर लिया है जबकि उसके पिता की तलाश जारी है।
मूल रूप से कौशांबी के सैनी का रहने वाला जीतेंद्र कुमार शहर में अपने छोटे भाई संग रहकर प्राइवेट काम व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है। उसका आरोप है कि एक दिन उसकी मुलाकात अंकित कुमार पांडेय निवासी घनश्याम नगर रेलवे कॉलोनी, खुल्दाबाद से हुई। जिसने बताया कि रेलवे में टेक्रीशियन के पद पर कार्यरत उसके पिता मनोज कुमार पांडेय रेलवे वर्कर्स यूनियन के महामंत्री भी हैं। वह कई लोगों को डीआरएम, जीएम कोटे से नौकरी दिला चुके हैं। मौजूदा समय में भी कोटे के चार पद खाली हैं।
10 लाख में वह नौकरी दिलवा देंगे। जिसमें से पांच लाख पहले व शेष पांच लाख रुपये नौकरी मिलने के बाद देने होंगे। जिसके बाद अपने भाई के अलावा ममेरे व फुफेरे भाइयों समेत अंकित के पिता मनोज से मिला। जिसने अपने बेटे की बातों का समर्थन करते हुए नौकरी दिलाने की बात कही। जिसके बाद जरिए नगद व खाता दोनों को कुल 20 रुपये दिया गया। इसके बाद दोनों ने उन्हें नियुक्ति पत्र भी दिया। लेकिन संबंधित विभाग में पहुंचने पर नियुक्ति पत्र फर्जी निकला।
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जिसकी शिकायत करने पर आरोपियों ने उन्हें दो चेक दिए। लेकिन तीन महीने बाद भी उनका पैसा वापस नहीं मिला। साथ ही रुपये मांगने पर आरोपी हीलाहवाली भी कर रहे हैं। पीड़ितों ने मामले की शिकायत एसएसपी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी से की। जिनके निर्देश पर खुल्दाबाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। साथ ही शनिवार को आरोपी अंकित पांडेय को गिरफ्तार कर लिया। खुल्दाबाद इंस्पेक्टर वीरेंद्र यादव ने बताया कि अंकित खुद को अधिवक्ता बता रहा है। उसके पिता व मामले के दूसरे नामजद आरोपी मनोज पांडेय की तलाश की जा रही है।
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मूल रूप से कौशांबी के सैनी का रहने वाला जीतेंद्र कुमार शहर में अपने छोटे भाई संग रहकर प्राइवेट काम व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है। उसका आरोप है कि एक दिन उसकी मुलाकात अंकित कुमार पांडेय निवासी घनश्याम नगर रेलवे कॉलोनी, खुल्दाबाद से हुई। जिसने बताया कि रेलवे में टेक्रीशियन के पद पर कार्यरत उसके पिता मनोज कुमार पांडेय रेलवे वर्कर्स यूनियन के महामंत्री भी हैं। वह कई लोगों को डीआरएम, जीएम कोटे से नौकरी दिला चुके हैं। मौजूदा समय में भी कोटे के चार पद खाली हैं।
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10 लाख में वह नौकरी दिलवा देंगे। जिसमें से पांच लाख पहले व शेष पांच लाख रुपये नौकरी मिलने के बाद देने होंगे। जिसके बाद अपने भाई के अलावा ममेरे व फुफेरे भाइयों समेत अंकित के पिता मनोज से मिला। जिसने अपने बेटे की बातों का समर्थन करते हुए नौकरी दिलाने की बात कही। जिसके बाद जरिए नगद व खाता दोनों को कुल 20 रुपये दिया गया। इसके बाद दोनों ने उन्हें नियुक्ति पत्र भी दिया। लेकिन संबंधित विभाग में पहुंचने पर नियुक्ति पत्र फर्जी निकला।
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जिसकी शिकायत करने पर आरोपियों ने उन्हें दो चेक दिए। लेकिन तीन महीने बाद भी उनका पैसा वापस नहीं मिला। साथ ही रुपये मांगने पर आरोपी हीलाहवाली भी कर रहे हैं। पीड़ितों ने मामले की शिकायत एसएसपी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी से की। जिनके निर्देश पर खुल्दाबाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। साथ ही शनिवार को आरोपी अंकित पांडेय को गिरफ्तार कर लिया। खुल्दाबाद इंस्पेक्टर वीरेंद्र यादव ने बताया कि अंकित खुद को अधिवक्ता बता रहा है। उसके पिता व मामले के दूसरे नामजद आरोपी मनोज पांडेय की तलाश की जा रही है।