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एनआईटी में सीटें खाली न रह जाएं कवायद तेज
Updated Sat, 10 Jun 2017 07:31 PM IST
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प्रवेश के लिए आठ बार होगी काउंसलिंग
0 एनआईटी, ट्रिपलआईटी और सेंट्रली फंडेड टेक्निकल इंस्टीट्यूट की सीटें भरने की कवायद
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने आईआईटी, एनआईटी एवं ट्रिपलआईटी में सीटें खाली न रह जाएं, इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। आईआईटी, एनआईटी में प्रवेश के लिए अब आठ बार काउंसलिंग कराने का फैसला लिया गया है। आखिरी राउंड की काउंसलिंग किसी महत्वपूर्ण एनआईटी और सेंट्रली फंडेड टेक्निकल इंस्टीट्यूट के लिए होगी, जिससे एनआईटी की सभी सीटें भरी जा सकें।
तकनीकी संस्थानों में प्रवेश के लिए छात्र-छात्राओं में होड़ होती है, लेकिन बीते कुछ वर्षों से एनआईटी और आईआईटी की सीटें खाली रह जाने से मंत्रालय परेशान है। 2016 में सबसे अधिक सीटें खाली रह गईं थीं, ऐसा आईआईटी एवं एनआईटी की काउंसलिंग एक साथ होने के कारण हुआ था। 2015 में अंतिम दौर की काउंसलिंग मात्र एनआईटी में रखी गई थी, इस कारण से कम सीटें खाली रहीं। जबकि बीते वर्ष आईआईटी और एनआईटी में एक साथ काउंसलिंग कराने ने एनआईटी की अधिक सीटें खाली रह गईं।
सूत्रों की मानें तो मंत्रालय ने अबकी बार सीटें खाली ना रहें इसके लिए जो विद्यार्थी आईआईटी में प्रवेश लेने के लिए काउंसलिंग में शामिल हो रहे हैं और किसी कारण से उन्हें सीट नहीं मिल पाती, ऐसे छात्रों को एनआईटी में प्रवेश के लिए आखिरी मौका देने का फैसला किया गया है। अबकी बार पिछले साल की अपेक्षा छह राउंड काउंसलिंग की बजाय आठ राउंड काउंसलिंग कराने का फैसला किया गया है। सात राउंड काउंसलिंग आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपलआईटी और सेंट्रल फंडेड इंस्टीट्यूट के लिए होगी।
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0 एनआईटी, ट्रिपलआईटी और सेंट्रली फंडेड टेक्निकल इंस्टीट्यूट की सीटें भरने की कवायद
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने आईआईटी, एनआईटी एवं ट्रिपलआईटी में सीटें खाली न रह जाएं, इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। आईआईटी, एनआईटी में प्रवेश के लिए अब आठ बार काउंसलिंग कराने का फैसला लिया गया है। आखिरी राउंड की काउंसलिंग किसी महत्वपूर्ण एनआईटी और सेंट्रली फंडेड टेक्निकल इंस्टीट्यूट के लिए होगी, जिससे एनआईटी की सभी सीटें भरी जा सकें।
तकनीकी संस्थानों में प्रवेश के लिए छात्र-छात्राओं में होड़ होती है, लेकिन बीते कुछ वर्षों से एनआईटी और आईआईटी की सीटें खाली रह जाने से मंत्रालय परेशान है। 2016 में सबसे अधिक सीटें खाली रह गईं थीं, ऐसा आईआईटी एवं एनआईटी की काउंसलिंग एक साथ होने के कारण हुआ था। 2015 में अंतिम दौर की काउंसलिंग मात्र एनआईटी में रखी गई थी, इस कारण से कम सीटें खाली रहीं। जबकि बीते वर्ष आईआईटी और एनआईटी में एक साथ काउंसलिंग कराने ने एनआईटी की अधिक सीटें खाली रह गईं।
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सूत्रों की मानें तो मंत्रालय ने अबकी बार सीटें खाली ना रहें इसके लिए जो विद्यार्थी आईआईटी में प्रवेश लेने के लिए काउंसलिंग में शामिल हो रहे हैं और किसी कारण से उन्हें सीट नहीं मिल पाती, ऐसे छात्रों को एनआईटी में प्रवेश के लिए आखिरी मौका देने का फैसला किया गया है। अबकी बार पिछले साल की अपेक्षा छह राउंड काउंसलिंग की बजाय आठ राउंड काउंसलिंग कराने का फैसला किया गया है। सात राउंड काउंसलिंग आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपलआईटी और सेंट्रल फंडेड इंस्टीट्यूट के लिए होगी।
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