फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   परिणाम में दिखा सता परिवर्तन का असर

परिणाम में दिखा सता परिवर्तन का असर

Fri, 09 Jun 2017 09:31 PM IST
Updated Fri, 09 Jun 2017 09:31 PM IST
विज्ञापन
परिणाम में दिखा सता परिवर्तन का असर
परिणाम में दिखा सत्ता परिवर्तन का असर
विज्ञापन

0 हाईस्कूल में 6.48 प्रतिशत, इंटरमीडिएट में 5.37 प्रतिशत कम सफल हुए विद्यार्थी
0 हाईस्कूल में 2434242 परीक्षार्थी सफल, 81.18 रहा सफलता का प्रतिशत
0 इंटर में 2083724 परीक्षार्थियों की मिली सफलता, 82.62 प्रतिशत रहा परिणाम
विजय सक्सेना
इलाहाबाद। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट 2017 की परीक्षा के शुक्रवार को घोषित परिणाम में प्रदेश में सत्ता परिवर्तन का असर दिखा और विद्यार्थियों की सफलता का प्रतिशत कम हो गया। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार हाईस्कूल में सफल छात्र-छात्राओं का प्रतिशत 6.48 कम रहा। इसी तरह इंटरमीडिएट में पिछले वर्ष की तुलना में विद्यार्थियों की सफलता का प्रतिशत 5.37 कम दर्ज किया गया।
सपा शासन में वर्ष 2012 से लेकर 2016 तक हर वर्ष की परीक्षा में विद्यार्थियों की सफलता का प्रतिशत 83 से लेकर 87 प्रतिशत या उससे अधिक रहा। वर्ष 2017 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा शुरू होने के ठीक पहले प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ और सरकार भाजपा की बनी। भाजपा सरकार बनते ही लोगों को वर्ष 1994 का नकल अध्यादेश याद आ गया। मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाले ही योगी आदित्य नाथ और उप मुख्यमंत्री एवं माध्यमिक शिक्षा मंत्री दिनेश शर्मा ने नकल पर सख्ती का फरमान जारी किया। परीक्षा के दौरान प्रदेश भर के ज्यादातर विद्यालयों में इसका असर भी दिखा। नकल के लिए बदनाम माने जाने वाले जिलों अलीगढ़, आगरा, हरदोई, मथुरा, इलाहाबाद, प्रतापगढ़, बलिया, गाजीपुर, एटा के शहरी और खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के जिन परीक्षा केंद्रों के बाहर नकल कराने वालों की भीड़ जुटती थी, वहां अफसरों की खास नजर रही। इन्हीं जिलों में परीक्षा छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या भी काफी अधिक रही।
विज्ञापन

इसके अलावा इस बार 90 प्रतिशत से ज्यादा अंक वाली कॉपियों के दोबारा मूल्यांकन के फरमान से कॉपी जांचने वाले शिक्षक भी बेहद सतर्क रहे और उन्होंने काफी सोच-विचार के बाद ही कॉपियों में नंबर दिए। इसका असर यह हुआ कि वर्ष 2017 की हाईस्कूल की परीक्षा में विद्यार्थियों की सफलता का प्रतिशत 81.18 रहा, जो पिछले वर्ष 87.66 प्रतिशत से 6.48 प्रतिशत कम है। इसी तरह इंटरमीडिएट की परीक्षा में छात्र-छात्राओं की सफलता का प्रतिशत इस बार 82.62 रहा, जो पिछले वर्ष के 87.99 प्रतिशत से 5.37 प्रतिशत कम रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

00
हाईस्कूल परीक्षा में शामिल और सफल विद्यार्थियों की संख्या
पंजीकृत - परीक्षा में शामिल - सफल परीक्षार्थी -उत्तीर्ण प्रतिशत
संस्थागत विद्यार्थी 3228113 - 2858417 - 2327610 81.43
व्यक्तिगत विद्यार्थी 173398 - 140021 - 106632 76.15
कुल विद्यार्थी 3401511 - 2998492 - 2434242 81.18
00
इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल और सफल विद्यार्थियों की संख्या
पंजीकृत - परीक्षा में शामिल - सफल परीक्षार्थी -उत्तीर्ण प्रतिशत
संस्थागत विद्यार्थी 2474784 -2360791 - 1955575 - 82.84
व्यक्तिगत विद्यार्थी 179708 -161226 - 128149 - 79.48
कुल विद्यार्थी 2654492 - 2522017 - 2083724 - 82.62
00
सख्ती से गिरा सफलता का प्रतिशत : शिक्षा निदेशक
इलाहाबाद(ब्यूरो)। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम शुक्रवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशक अमर नाथ वर्मा ने घोषित किया। इस दौरान यूपी बोर्ड सचिव शैल यादव समेत सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के सचिव भी मौजूद थे। इस मौके पर शिक्षा निदेशक ने कहा कि इस बार परीक्षा में सख्ती ज्यादा की गई। इसी का नजीता रहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार हाईस्कूल में सफल परीक्षार्थियों की संख्या में 6.48 प्रतिशत तथा इंटरमीडिएट में 5.37 प्रतिशत की कमी आई। बताया कि हाईस्कूल में हाईस्कूल में संस्थागत एवं व्यक्तिगत कुल 3401511 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हुए और परीक्षा में 2998492 विद्यार्थी शामिल हुए। इसमें 81.18 प्रतिशथ के साथ 2434242 परीक्षार्थी सफल हुए। उन्होंने बताया कि इंटरमीडिएट में संस्थागत एवं व्यक्तिगत कुल 2654492 विद्यार्थी पंजीकृत हुए और परीक्षा में 2522017 विद्यार्थी शामिल हुए। परीक्षा में 82.62 प्रतिशत के साथ कुल 2083724 छात्र-छात्राएं सफल हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed