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Prayagraj News: पीडीए में 187 पद खाली, अनियोजित विकास की तरफ बढ़ रहा शहर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 19 Aug 2025 02:42 AM IST
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187 posts vacant in PDA, city is moving towards unplanned development
विकास प्राधिकरण (पीडीए) में अफसर और कर्मचारियों की भारी कमी शहर के विकास में बाधक बन रही है। 187 पद रिक्त होने के कारण न सर्वे समय पर हो रहा है, न अवैध कब्जे हट रहे हैं और न ही मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य हो पा रहे हैं। नतीजा शहर में अनियोजित विकास तेजी से बढ़ रहा है और नई आवासीय योजनाएं कागजों में अटकी हुई हैं।
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शहरी नियोजन विशेषज्ञों का मानना है कि स्टाफ की इतनी कमी के कारण पीडीए का मास्टर प्लान लागू हो पाना नामुमकिन है। यदि तत्काल भर्ती नहीं हुई तो शहर अगले पांच साल में अव्यवस्थित निर्माण का शिकार हो जाएगा।
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एक पूर्व मुख्य नगर नियोजक ने कहा कि पीडीए के पास मास्टर प्लान 2031 का रोडमैप है लेकिन उसे लागू करने के लिए जरूरी मानव संसाधन नहीं है। अगर प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए तो प्रयागराज का भविष्य अव्यवस्थित निर्माण और बुनियादी ढांचे की कमी में उलझ सकता है।
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यह प्रमुख पद हैं रिक्त

अधिकारियों के 10 अहम पद रिक्त हैं जिनमें संयुक्त सचिव, मुख्य अभियंता, दो उप सचिव, लेखाधिकारी, सहायक लेखाधिकारी, अधीक्षण अभियंता, दो अधिशासी अभियंता (सिविल), सहायक अभियंता (यांत्रिक), विशेष कार्याधिकारी, मुख्य नगर नियोजक शामिल हैं। अवर अभियंता व निरीक्षण से जुड़े 25 पद खाली हैं जिनमें 19 अवर अभियंता, नियोजन वास्तुविद, संपत्ति अधीक्षक, कर एवं राजस्व निरीक्षक, व्यक्तिगत सहायक, लेखाकार, कार्यालय अधीक्षक, उप निरीक्षक शामिल हैं। तकनीकी व लिपिकीय वर्ग में 68 पद रिक्त हैं जिनमें सहायक लेखाकार, हेड ड्राफ्टमैन, ड्राफ्टमैन, ब्लू प्रिंटर, ट्रेसर, ऑडिट सहायक, सात आशुलिपिक, प्रधान लिपिक, आठ प्रथम श्रेणी लिपिक, 34 द्वितीय श्रेणी लिपिक, विधि निरीक्षक, उद्यान निरीक्षक, तीन सर्वेयर शामिल हैं। वहीं चतुर्थ श्रेणी के 84 पद खाली हैं जिनमें सर्वे खलासी, सुपरवाइजर, चपरासी, क्लीनर, मेठ, फिटर, बेलदार आदि प्रमुख हैं।




विकास की रफ्तार पर लग सकता ब्रेक

- अवैध निर्माण पर कार्रवाई के लिए पर्याप्त सर्वे टीम न होने से बिल्डर और प्राइवेट डेवलपर मनमाने निर्माण कर रहे हैं।
- मास्टर प्लान के उल्लंघन पर रोक लगाने वाला कोई प्रभावी तंत्र नहीं।

- नई आवासीय और व्यावसायिक योजनाओं की फाइलें महीनों से लंबित।

- राजस्व वसूली और संपत्ति प्रबंधन में गिरावट।



रिक्त पदों के संबंध में शासन को पत्र लिखकर अवगत कराया गया है। अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती के लिए डिमांड भेजी गई है। जल्द तैनाती होने की उम्मीद है।
- डॉ. अमित पाल शर्मा, उपाध्यक्ष पीडीए
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