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तेज हवाओं संग बूंदाबांदी
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मौसम ने ली करवट, तेज हवाओं संग बूंदाबांदी
दिन में छाए रहे बदरा, पारा लुढ़कने से सर्दी बढ़ी
पहाड़ों पर बर्फबारी से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय
प्रयागराज। पहाड़ों पर बर्फबारी से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। रविवार को बादल डेरा जमाए रहे। दिन में कई बार बूंदाबांदी हुई। सर्दी-गर्मी के बीच पारा दिन का पारा लुढ़क गया। बादलों के बीच से लुकाछिपी करता सूरज दम नहीं दिखा सका। ठंडी हवाओं के कारण सर्दी सताती रही। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इस हफ्ते मौसम की उठापटक बनी रहेगी। बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी है।
चार दिन पहले तक तेजी से बढ़ रहे ताप पर भटककर आए बादलों ने ब्रेक लगाई। इस बीच पहाड़ों पर बर्फबारी से ठंडी हवाएं चलीं। इस बीच धूप निकली भी तो निष्प्रभावी रही। अभी बादल डेरा जमाए हैं। लगातार बूंदाबांदी हो रही है। इससे पारा फिर लुढ़का है। रविवार को अधिकतम तापमान 30.1 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 27.4 डिग्री पर आ गया। न्यूनतम तापमान मामूली अंतर के साथ 14.9 डिग्री सेल्सियस पर बना रहा। वातावरण में नमी का स्तर बढ़ने से रात में ठंड की सिहरन बनी रही। 33 डिग्री के पार पहुंचे तापमान से परेशान लोगों ने स्वेटर तो क्या इनर तक उतार दिए थे, जो फिर शरीर पर डालना मजबूरी बनी है।
मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक प्राय: जनवरी अंत में विदा होने वाला पश्चिमी विक्षोभ अभी प्रभावी है। पहाड़ों पर दो साल बाद मार्च में बर्फबारी होने से सर्दी-गर्मी का मौसम बना है। मिलेजुले वातावरण का प्रभाव अगले कुछ दिन रहेगा, फिर हमें गर्मी के लिए तैयार रहना होगा।
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दिन में छाए रहे बदरा, पारा लुढ़कने से सर्दी बढ़ी
पहाड़ों पर बर्फबारी से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय
प्रयागराज। पहाड़ों पर बर्फबारी से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। रविवार को बादल डेरा जमाए रहे। दिन में कई बार बूंदाबांदी हुई। सर्दी-गर्मी के बीच पारा दिन का पारा लुढ़क गया। बादलों के बीच से लुकाछिपी करता सूरज दम नहीं दिखा सका। ठंडी हवाओं के कारण सर्दी सताती रही। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इस हफ्ते मौसम की उठापटक बनी रहेगी। बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी है।
चार दिन पहले तक तेजी से बढ़ रहे ताप पर भटककर आए बादलों ने ब्रेक लगाई। इस बीच पहाड़ों पर बर्फबारी से ठंडी हवाएं चलीं। इस बीच धूप निकली भी तो निष्प्रभावी रही। अभी बादल डेरा जमाए हैं। लगातार बूंदाबांदी हो रही है। इससे पारा फिर लुढ़का है। रविवार को अधिकतम तापमान 30.1 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 27.4 डिग्री पर आ गया। न्यूनतम तापमान मामूली अंतर के साथ 14.9 डिग्री सेल्सियस पर बना रहा। वातावरण में नमी का स्तर बढ़ने से रात में ठंड की सिहरन बनी रही। 33 डिग्री के पार पहुंचे तापमान से परेशान लोगों ने स्वेटर तो क्या इनर तक उतार दिए थे, जो फिर शरीर पर डालना मजबूरी बनी है।
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मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक प्राय: जनवरी अंत में विदा होने वाला पश्चिमी विक्षोभ अभी प्रभावी है। पहाड़ों पर दो साल बाद मार्च में बर्फबारी होने से सर्दी-गर्मी का मौसम बना है। मिलेजुले वातावरण का प्रभाव अगले कुछ दिन रहेगा, फिर हमें गर्मी के लिए तैयार रहना होगा।
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