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अस्पताल से फरार कैदी ने कया आत्मसमर्पण
Updated Sat, 23 Jun 2018 01:16 AM IST
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अस्पताल से फरार कैदी ने पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में किया आत्म समर्पण
0 फरार होने के बाद पुलिस द्वारा दर्ज मामले में कराई जमानत
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। अस्पताल से फरार कैदी प्रीतम मिश्र एक फिर पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहा। अस्पताल भागने के बाद एक ओर जहां पुलिस उसकी गिरफ्तारी की कोशिश जुटी थी वहीं प्रीतम ने कोर्ट में आत्म समर्पण कर और अपनी जमानत भी करा ली। जमानत का आदेश प्रभारी सीजेएम नीरज कुमार गर्ग ने अधिवक्ता शशिरिस श्रीवास्तव को सुनकर दिया है।
अस्पताल से फरार हुए प्रीतम मिश्र निवासी दारागंज को जानलेवा हमले के मामले में 2017 में जेल भेजा गया था। आरोपी की तबियत जेल में खराब होने के बाद उसे एसआरएन में भर्ती कराया गया था। सोमवार को वह अस्पताल से फरार हो गया था। पुलिस ने कोतवाली में इसका मुकदमा दर्ज कराया था। डीआईजी कारागार ने इस प्रकरण में उसकी सुरक्षा में लगे बंदी रक्षक सुनील कुमार गौड़ और अशोक कुमार को निलंबित कर दिया था और प्रीतम मिश्रा पर बीस हजार का इनाम भी घोषित किया था।
पुलिस द्वारा कोतवाली में दर्ज कराए गए मुकदमे में ही प्रीतम मिश्र की ओर से 21 जून 2018 को आत्म समर्पण किए जाने की अर्जी प्रस्तुत की गई। 22 जून को सुनवाई के लिए कोर्ट ने तिथि नियत कर कोतवाली से रिपोर्ट मांगी गई थी। कोतवाली से रिपोर्ट दी गई कि अभियुक्त आईपीसी की धारा 223और 224 में वांछित है।
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शुक्रवार को जमानत पर सुनवाई हुई। जमानती अपराध होने पर कोर्ट ने जमानत का आधार पाते हुए बीस बीस हजार की दो जमानतें और मुचलका दाखिल करने पर प्रीतम मिश्र को रिहा कर दिया।
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0 फरार होने के बाद पुलिस द्वारा दर्ज मामले में कराई जमानत
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। अस्पताल से फरार कैदी प्रीतम मिश्र एक फिर पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहा। अस्पताल भागने के बाद एक ओर जहां पुलिस उसकी गिरफ्तारी की कोशिश जुटी थी वहीं प्रीतम ने कोर्ट में आत्म समर्पण कर और अपनी जमानत भी करा ली। जमानत का आदेश प्रभारी सीजेएम नीरज कुमार गर्ग ने अधिवक्ता शशिरिस श्रीवास्तव को सुनकर दिया है।
अस्पताल से फरार हुए प्रीतम मिश्र निवासी दारागंज को जानलेवा हमले के मामले में 2017 में जेल भेजा गया था। आरोपी की तबियत जेल में खराब होने के बाद उसे एसआरएन में भर्ती कराया गया था। सोमवार को वह अस्पताल से फरार हो गया था। पुलिस ने कोतवाली में इसका मुकदमा दर्ज कराया था। डीआईजी कारागार ने इस प्रकरण में उसकी सुरक्षा में लगे बंदी रक्षक सुनील कुमार गौड़ और अशोक कुमार को निलंबित कर दिया था और प्रीतम मिश्रा पर बीस हजार का इनाम भी घोषित किया था।
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पुलिस द्वारा कोतवाली में दर्ज कराए गए मुकदमे में ही प्रीतम मिश्र की ओर से 21 जून 2018 को आत्म समर्पण किए जाने की अर्जी प्रस्तुत की गई। 22 जून को सुनवाई के लिए कोर्ट ने तिथि नियत कर कोतवाली से रिपोर्ट मांगी गई थी। कोतवाली से रिपोर्ट दी गई कि अभियुक्त आईपीसी की धारा 223और 224 में वांछित है।
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शुक्रवार को जमानत पर सुनवाई हुई। जमानती अपराध होने पर कोर्ट ने जमानत का आधार पाते हुए बीस बीस हजार की दो जमानतें और मुचलका दाखिल करने पर प्रीतम मिश्र को रिहा कर दिया।