{"_id":"59fca0eb4f1c1b6d548baa3e","slug":"181509728491-allahabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्रों को पता नहीं और उनके नाम से कमरे आवंटित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्रों को पता नहीं और उनके नाम से कमरे आवंटित
Updated Fri, 03 Nov 2017 10:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छात्रों को पता नहीं और उनके नाम से कमरे आवंटित
0 निलंबित किए गए ताराचंद हॉस्टल के तीन में से दो छात्रों ने दिया स्पष्टीकरण
0 हॉस्टल वॉशआउट के बाद पुन: आवंटन में बड़े स्तर पर घपले की आशंका
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हॉस्टल वॉशआउट के बाद छात्रों को हॉस्टल पुन: आवंटित किए जाने में बड़ा घपला हुआ है। ताराचंद हॉस्टल के तीन छात्रों को निलंबित किए जाने के बाद उनमें से दो छात्रों ने शुक्रवार को चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण दिया तो इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ।
इविवि प्रशासन ने पुलिस टीम के साथ दो दिन पहले ताराचंद हॉस्टल में छापा मारा था। इस दौरान वहां तीन कमरों की लाइटें जलती मिली थीं और दरवाजे भी खुले थे लेकिन वहां कोई छात्र मौजूद नहीं था। पता चला कि कमरे जिन छात्रों के नाम पर आवंटित हैं, वे हॉस्टल में नहीं रहते हैं। उनकी जगह कमरों पर अवांछित लोग कब्जा करके रह रहे हैं और वहां से अवैध गतिविधियों का संचालन हो रहा है। मामले में इविवि प्रशासन ने बीए द्वितीय वर्ष के छात्र संजय सिंह, आकाश सिंह और बीएससी तृतीय वर्ष के छात्र सुधांशु को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और शुक्रवार को आरोपी छात्रों को स्पष्टीकरण देने को कहा। छात्रों ने जो बताया वह चौंकाने वालों था। संजय सिंह ने बताया कि वह सुलेमसराय में रहता है। स्नातक के पहले वर्ष में ही किसी ने उसके शैक्षिक अभिलेख ले लिए थे और उसकी फोटोकॉपी कराकर फर्जी तरीके से आवंटन करा लिया। वह हॉस्टल में कभी नहीं रहा।
वहीं, आकाश सिंह ने वार्डन से मिलकर बताया कि उसे नहीं मालूम कि हॉस्टल कब उसके नाम पर आवंटित हो गया। वार्डन ने छात्र से कहा कि वह चीफ प्रॉक्टर के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखे, जिसके बाद उसे चीफ प्रॉक्टर को पूरी बता बताई। छात्र के कमरे में राहुल पटेल नाम का कोई व्यक्ति रहता है, जिस पर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त होने का आरोप है। तीसरे छात्र सुधांशु उपस्थित नहीं हुआ और न ही उसने अपना पक्ष रखा। चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे का कहना है कि हॉस्टल में ऐसे कई और मामले भी होने की आशंका है। अगर किसी छात्र ने अपने नाम से आवंटित कमरा किसी दूसरे को दिया है, तो उसे चेतावनी दी जाती है कि पकड़ने पर सीधे प्रवेश निरस्त किया जाएगा। चीफ प्रॉक्टर ने बताया कि सुधांशु सोमवार को उपस्थित नहीं हुआ तो उसे विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया जाएग।
विज्ञापन
00
ताराचंद हॉस्टल में कार्रवाई का विरोध
इलाहाबाद। ताराचंद हॉस्टल में हुई कार्रवाई का विरोध शुरू हो गया है। शुक्रवार को छात्रों ने कार्रवाई के विरोध में कुलपति का पुतला फूंका। इविवि के छात्रसंघ भवन में छात्र संघर्ष मोर्चा की बैठक के दौरान छात्र नेताओं ने कहा कि हॉस्टल वॉशआउट और नए सिरे से हॉस्टल आवंटन के बाद हॉस्टल पर छापे की कार्रवाई समझ से परे है। आरोप लगाया कि पुलिस किसी पूर्व सूचना के बगैर कार्रवाई कर रही है और छात्रों का उत्पीड़न कर रही है। मोर्चा के अध्यक्ष आनंद सिंह निक्कू ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार ने छात्रों के उत्पीड़न पर लगाम नहीं लगाई तो छात्र आगामी चुनावों में भाजपा का विरोध करेंगे। बैठक में शैलेंद्र मौर्या, अनुज सिंह, अनुभव उपाध्याय, अभिनव सिंह, अश्विनी मौर्य, बृजेश यादव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
0 निलंबित किए गए ताराचंद हॉस्टल के तीन में से दो छात्रों ने दिया स्पष्टीकरण
0 हॉस्टल वॉशआउट के बाद पुन: आवंटन में बड़े स्तर पर घपले की आशंका
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हॉस्टल वॉशआउट के बाद छात्रों को हॉस्टल पुन: आवंटित किए जाने में बड़ा घपला हुआ है। ताराचंद हॉस्टल के तीन छात्रों को निलंबित किए जाने के बाद उनमें से दो छात्रों ने शुक्रवार को चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण दिया तो इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ।
इविवि प्रशासन ने पुलिस टीम के साथ दो दिन पहले ताराचंद हॉस्टल में छापा मारा था। इस दौरान वहां तीन कमरों की लाइटें जलती मिली थीं और दरवाजे भी खुले थे लेकिन वहां कोई छात्र मौजूद नहीं था। पता चला कि कमरे जिन छात्रों के नाम पर आवंटित हैं, वे हॉस्टल में नहीं रहते हैं। उनकी जगह कमरों पर अवांछित लोग कब्जा करके रह रहे हैं और वहां से अवैध गतिविधियों का संचालन हो रहा है। मामले में इविवि प्रशासन ने बीए द्वितीय वर्ष के छात्र संजय सिंह, आकाश सिंह और बीएससी तृतीय वर्ष के छात्र सुधांशु को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और शुक्रवार को आरोपी छात्रों को स्पष्टीकरण देने को कहा। छात्रों ने जो बताया वह चौंकाने वालों था। संजय सिंह ने बताया कि वह सुलेमसराय में रहता है। स्नातक के पहले वर्ष में ही किसी ने उसके शैक्षिक अभिलेख ले लिए थे और उसकी फोटोकॉपी कराकर फर्जी तरीके से आवंटन करा लिया। वह हॉस्टल में कभी नहीं रहा।
विज्ञापन
वहीं, आकाश सिंह ने वार्डन से मिलकर बताया कि उसे नहीं मालूम कि हॉस्टल कब उसके नाम पर आवंटित हो गया। वार्डन ने छात्र से कहा कि वह चीफ प्रॉक्टर के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखे, जिसके बाद उसे चीफ प्रॉक्टर को पूरी बता बताई। छात्र के कमरे में राहुल पटेल नाम का कोई व्यक्ति रहता है, जिस पर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त होने का आरोप है। तीसरे छात्र सुधांशु उपस्थित नहीं हुआ और न ही उसने अपना पक्ष रखा। चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे का कहना है कि हॉस्टल में ऐसे कई और मामले भी होने की आशंका है। अगर किसी छात्र ने अपने नाम से आवंटित कमरा किसी दूसरे को दिया है, तो उसे चेतावनी दी जाती है कि पकड़ने पर सीधे प्रवेश निरस्त किया जाएगा। चीफ प्रॉक्टर ने बताया कि सुधांशु सोमवार को उपस्थित नहीं हुआ तो उसे विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया जाएग।
विज्ञापन
00
ताराचंद हॉस्टल में कार्रवाई का विरोध
इलाहाबाद। ताराचंद हॉस्टल में हुई कार्रवाई का विरोध शुरू हो गया है। शुक्रवार को छात्रों ने कार्रवाई के विरोध में कुलपति का पुतला फूंका। इविवि के छात्रसंघ भवन में छात्र संघर्ष मोर्चा की बैठक के दौरान छात्र नेताओं ने कहा कि हॉस्टल वॉशआउट और नए सिरे से हॉस्टल आवंटन के बाद हॉस्टल पर छापे की कार्रवाई समझ से परे है। आरोप लगाया कि पुलिस किसी पूर्व सूचना के बगैर कार्रवाई कर रही है और छात्रों का उत्पीड़न कर रही है। मोर्चा के अध्यक्ष आनंद सिंह निक्कू ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार ने छात्रों के उत्पीड़न पर लगाम नहीं लगाई तो छात्र आगामी चुनावों में भाजपा का विरोध करेंगे। बैठक में शैलेंद्र मौर्या, अनुज सिंह, अनुभव उपाध्याय, अभिनव सिंह, अश्विनी मौर्य, बृजेश यादव आदि मौजूद रहे।