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इविवि छात्रसंघ चुनाव से संबंधित अन्य खबरें
Updated Sun, 15 Oct 2017 02:19 AM IST
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भारी सुरक्षा के बीच विवि छात्रसंघ के लिए हुआ मतदान
सुबह से ही मतदान के लिए लग गई लाइन, दोपहर ढाई बजे तक पड़ते रहे वोट
सुरक्षा के थे विशेष इंतजाम, फिर भी प्रवेश द्वार पर कई बार हुई झड़प
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
कड़ी पहरेदारी और चौकसी के बीच इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के लिए शनिवार को मतदान हुआ। पिछले साल की गड़बड़ियों को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस बार पहले ही सारी तैयारी पूरी कर ली थी। इसका असर भी दिखा और मतदान के दौरान कोई बड़ा विवाद सामने नहीं आया। मतदान के दौरान न तो किसी तरह की आगजनी हुई और न ही कहीं से बमबाजी की सूचना आई। छात्र-छात्राओं में खासा उत्साह दिखा।
मतदान के लिए शनिवार सुबह आठ बजे से ही केपीयूसी गेट के सामने छात्रों की लंबी लाइन लग गई और दोपहर एक बजे तक मतदाता लगातार आते रहे। इसके बाद भीड़ कुछ कम हुई। तकरीबन सभी केंद्रों पर मतदान समय से शुरू हो गया। जो विद्यार्थी दो बजे तक पहुंच गए थे, उन्हें वोट देने दिया गया और इसके बाद आने वाले कुछ छात्रों को लौटा दिया गया। जो छात्र परिसर में प्रवेश नहीं कर सके, उनकी सुरक्षाकर्मियों से झड़प भी हुई। वहां मौजूद चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे को खुद मोर्चा संभालना पड़ा, तब जाकर मामला शांत हुआ। हालांकि जो वोटर परिसर में प्रवेश में कर चुके थे और बूथ पर लाइन में लगे हुए थे, उन्हें मतदान करने दिया गया। मतदान दोपहर ढाई बजे तक चला।
मतदान में कला और विधि के साथ विज्ञान एवं अन्य वर्ग के विद्यार्थियों में काफी उत्साह दिखा। सीनेट परिसर में दर्शनशास्त्र, अर्थशास्त्र, प्राचीन इतिहास आदि विभागों के सामने छात्रों का लगातार जमावड़ा रहा। कमोवेश यही स्थिति महिला हॉस्टल में भी देखने को मिली। वहां भी शुरुआत से ही वोटरों की लाइन लगी रही। छात्राओं की बड़ी संख्या लगातार प्रचार में भी जुटी रही। इस बीच एक छात्रा के बारे में शिकायत आई कि वह वोटरों को लेकर बूथ तक पहुंच रही है। इस पर कंट्रोल रूम से चेतावनी दी गई और मामला सार्वजनिक होने पर इविवि के अफसरों ने मौके पर जाकर छात्रा को वहां से हटाया। छात्र-छात्राओं को परिचय पत्र और फीस रसीद देखने के बाद ही परिसर में प्रवेश और वोट देने दिया गया। परिसर के बाहर समर्थकों का सुबह से लेकर देर रात तक जमावड़ा रहा। वोट मांगने के साथ वे नारेबाजी भी कर रहे थे।
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परिसर में भी हुआ प्रचार
0 रोक के बावजूद परिसर में प्रचार हुआ। उद्घोषक डॉ. हौसला सिंह और डॉ. अविनाश श्रीवास्तव लगातार निर्देश देते रहे। चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे अध्यापकों और सुरक्षा कर्मियों के साथ लगातार परिसर में राउंड लगाते रहे। इसके बावजूद समर्थक प्रचार करते रहे। तमाम वोटर मतदान के बाद भी परिसर में घूमते रहे। ऐसे में पुलिस को परिसर में लगातार भ्रमण कर ऐसे वोटरों को बाहर करना पड़ा। यह स्थिति महिला छात्रावास परिसर में भी रही। छात्राएं भी हाथ जोड़कर अपने प्रत्याशी के लिए वोट मांगती नजर आईं।
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परिसर के बाहर पम्फलेट से पटी सड़क
इविवि में मतदान के दौरान प्रत्याशियों को केपीयूसी के सामने वाले गेट से परिसर में प्रवेश दिया जा रहा था, सो वोटरों को रिझाने के लिए गेट के बाहर लगातार पम्फलेट उड़ाए जाते रहे और समर्थक अपने प्रत्याशी को होर्डिंग-बैनर लेकर जुलूस के रूप में घूमते रहे। सड़क पूरी तरह से पंफलेट से पट गई। कई बार आरएएफ और पुलिस के जवानों को गेट के सामने से समर्थकों को हटाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। ऐसे में समर्थकों और सुरक्षा कर्मियों के बीच बार-बार झड़प होती रही।
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उमड़ा समर्थकों का हुजूम, हर तरफ मची धूम
मतदान से मतगणना तक लगातार निकलता रहा जुलूस, होती रही नारेबाजी
मतगणना के दौरान रुझान जानने की रही उत्सुकता लेकिन नहीं दी गई जानकारी
बनी रही टकराव की स्थिति, तनाव के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर तैनात रही फोर्स
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में भले ही आधे से कम मतदाता वोट देने निकले लेकिन समर्थकों के जोश में कहीं कमी नजर नहीं आई। मतदान और मतगणना के दौरान जोश और उल्लास का माहौल बना रहा। बैंक रोड से डायमंड जुबली हॉस्टल तक हजारों छात्र और समर्थक लगातार जमे रहे। मतदान समाप्त होने के बाद हमेशा की तरह एक बम भी फटा। समर्थक मतदान से मतगणना तक लगातार जुलूस निकालते रहे। इससे वहां टकराव की आशंका भी बनी रही। मतगणना के दौरान प्रत्याशी और समर्थक लगातार रुझान जानने की कोशिश करते रहे। एलसीडी पर मतगणना की पूरी प्रक्रिया का प्रसारण करने का इंतजाम तो था लेकिन उसके जरिये रुझान की बाबत छात्रों को कोई सूचना नहीं दी गई। बवाल की आशंका को देखते हुए चुनाव में लगे शिक्षकों और अफसरों को भी इसकी जानकारी नहीं दी जा रही थी।
मतदान सुबह आठ बजे शुरू हुआ लेकिन समर्थक इससे पहले ही पहुंच गए। दिन चढ़ने के साथ जुलूस, नारेबाजी का दौर भी तेज हो गया। मतदान के बाद भीड़ कुछ कम हुई लेकिन मतगणना शुरू होने पर शाम को फिर भारी जमावड़ा हो गया। इस भीड़ में विश्वविद्यालय के छात्रों के अलावा बड़ी संख्या में बाहर से भी युवा बुलाए गए थे। साथ ही राजनैतिक दलों के नेता एवं कार्यकर्ता भी वहां मौजूद थे। सभी को परिणाम को बेसब्री से इंतजार था। कई बार जीत-हार की अफवाह भी उड़ा दी गई। हल्ला हुआ और टकराव के आसार बने। बवाल की आशंका को देखते हुए पुलिस को कई बार लाठियां पटककर भीड़ को वहां से हटना पड़ा, सो बार-बार भगदड़ जैसे हालात भी बनते रहे।
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नए छात्रसंघ के सामने छात्राओं की सुरक्षा पहली चुनौती
प्रचार के दौरान सभी प्रत्याशियों ने छात्राओं की सुरक्षा को बनाया था मुद्दा
लाइब्रेरी, कैंटीन, सभी छात्रों को हॉस्टल, डेलीगेसी भत्ता दिलाने का था वादा
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ का चुनाव से कुछ दिन पहले ही बीएययू में छेड़खानी की घटना हो गई थी। इसको लेकर देशभर में आंदोलन हुए और इलाहाबाद में भी छात्रसंघ चुनाव के दौरान सभी प्रत्याशियों ने विश्वविद्यालय में महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाया। अब सभी निवनिर्वाचित पदाधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि उन्होंने जो कहा, उसे लागू कराकर भी दिखाएं।
ज्यादातर प्रत्याशियों ने छात्राओं की सुरक्षा के लिए परिसर में महिला गार्ड्स की तैनाती कराए जाने के दावे किए थे। प्रत्याशियों ने यह वादा भी किया था कि चुनाव जीते तो गर्ल्स हॉस्टल में महिला डॉक्टर की नियुक्ति कराई जाएगी। छात्राओं के साथ कोई घटना हुई तो 24 घंटे में कार्रवाई होगी। छात्राओं की सुरक्षा से इतर भी कई मुद्दे उठाए गए थे। लाइब्रेरी को डिजिटल बनाने, कक्षाओं के नियमित संचालन, परिसर में अराजकता खत्म किए जाने, विश्वविद्यालय के गौरव को वापस लाने, सभी छात्रों को हॉस्टल की सुविधा, डेलीगेसी भत्ता, स्थायी कैंटीन के निर्माण समेत कई वादे किए गए थे। इन सभी वादों को पूरा करना पदाधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती होगी। दक्षता भाषण के दौरान सभी प्रत्याशियों ने पुराने पदाधिकारियों का आरोप लगाए थे कि उन्होंने वादे तो बहुत किए लेकिन काम कुछ नहीं किया। अब देखना होगा कि नवनिर्वाचित पदाधिकारियों अपने वादे को कितना पूरा करते हैं।
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प्रचार के दौरान छात्रनेताओं ने किए थे ये वादे
0 दूर होगी परिसर में अराजकता
0 छात्राओं की सुरक्षा के पूरे होंगे इंतजाम
0 चलेंगी नियमित कक्षाएं, बनेगा शैक्षिक माहौल
0 महंगी शिक्षा, बेरोजगारी से मिलेगी निजात
0 सभी छात्रों को हास्टल की सुविधा
0 छात्रों को मिलेगा डेलीगेसी भत्ता
0 डिजिटल होगी लाइब्रेरी
0 परिसर में होगी स्थायी कैंटीन एवं अन्य सुविधाएं
0 सभी को मिलेंगी लाइब्रेरी से किताबें
0 परिसर में पुलिस का हस्तक्षेप रुकेगा
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सुबह से ही मतदान के लिए लग गई लाइन, दोपहर ढाई बजे तक पड़ते रहे वोट
सुरक्षा के थे विशेष इंतजाम, फिर भी प्रवेश द्वार पर कई बार हुई झड़प
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
कड़ी पहरेदारी और चौकसी के बीच इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के लिए शनिवार को मतदान हुआ। पिछले साल की गड़बड़ियों को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस बार पहले ही सारी तैयारी पूरी कर ली थी। इसका असर भी दिखा और मतदान के दौरान कोई बड़ा विवाद सामने नहीं आया। मतदान के दौरान न तो किसी तरह की आगजनी हुई और न ही कहीं से बमबाजी की सूचना आई। छात्र-छात्राओं में खासा उत्साह दिखा।
मतदान के लिए शनिवार सुबह आठ बजे से ही केपीयूसी गेट के सामने छात्रों की लंबी लाइन लग गई और दोपहर एक बजे तक मतदाता लगातार आते रहे। इसके बाद भीड़ कुछ कम हुई। तकरीबन सभी केंद्रों पर मतदान समय से शुरू हो गया। जो विद्यार्थी दो बजे तक पहुंच गए थे, उन्हें वोट देने दिया गया और इसके बाद आने वाले कुछ छात्रों को लौटा दिया गया। जो छात्र परिसर में प्रवेश नहीं कर सके, उनकी सुरक्षाकर्मियों से झड़प भी हुई। वहां मौजूद चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे को खुद मोर्चा संभालना पड़ा, तब जाकर मामला शांत हुआ। हालांकि जो वोटर परिसर में प्रवेश में कर चुके थे और बूथ पर लाइन में लगे हुए थे, उन्हें मतदान करने दिया गया। मतदान दोपहर ढाई बजे तक चला।
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मतदान में कला और विधि के साथ विज्ञान एवं अन्य वर्ग के विद्यार्थियों में काफी उत्साह दिखा। सीनेट परिसर में दर्शनशास्त्र, अर्थशास्त्र, प्राचीन इतिहास आदि विभागों के सामने छात्रों का लगातार जमावड़ा रहा। कमोवेश यही स्थिति महिला हॉस्टल में भी देखने को मिली। वहां भी शुरुआत से ही वोटरों की लाइन लगी रही। छात्राओं की बड़ी संख्या लगातार प्रचार में भी जुटी रही। इस बीच एक छात्रा के बारे में शिकायत आई कि वह वोटरों को लेकर बूथ तक पहुंच रही है। इस पर कंट्रोल रूम से चेतावनी दी गई और मामला सार्वजनिक होने पर इविवि के अफसरों ने मौके पर जाकर छात्रा को वहां से हटाया। छात्र-छात्राओं को परिचय पत्र और फीस रसीद देखने के बाद ही परिसर में प्रवेश और वोट देने दिया गया। परिसर के बाहर समर्थकों का सुबह से लेकर देर रात तक जमावड़ा रहा। वोट मांगने के साथ वे नारेबाजी भी कर रहे थे।
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परिसर में भी हुआ प्रचार
0 रोक के बावजूद परिसर में प्रचार हुआ। उद्घोषक डॉ. हौसला सिंह और डॉ. अविनाश श्रीवास्तव लगातार निर्देश देते रहे। चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे अध्यापकों और सुरक्षा कर्मियों के साथ लगातार परिसर में राउंड लगाते रहे। इसके बावजूद समर्थक प्रचार करते रहे। तमाम वोटर मतदान के बाद भी परिसर में घूमते रहे। ऐसे में पुलिस को परिसर में लगातार भ्रमण कर ऐसे वोटरों को बाहर करना पड़ा। यह स्थिति महिला छात्रावास परिसर में भी रही। छात्राएं भी हाथ जोड़कर अपने प्रत्याशी के लिए वोट मांगती नजर आईं।
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परिसर के बाहर पम्फलेट से पटी सड़क
इविवि में मतदान के दौरान प्रत्याशियों को केपीयूसी के सामने वाले गेट से परिसर में प्रवेश दिया जा रहा था, सो वोटरों को रिझाने के लिए गेट के बाहर लगातार पम्फलेट उड़ाए जाते रहे और समर्थक अपने प्रत्याशी को होर्डिंग-बैनर लेकर जुलूस के रूप में घूमते रहे। सड़क पूरी तरह से पंफलेट से पट गई। कई बार आरएएफ और पुलिस के जवानों को गेट के सामने से समर्थकों को हटाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। ऐसे में समर्थकों और सुरक्षा कर्मियों के बीच बार-बार झड़प होती रही।
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उमड़ा समर्थकों का हुजूम, हर तरफ मची धूम
मतदान से मतगणना तक लगातार निकलता रहा जुलूस, होती रही नारेबाजी
मतगणना के दौरान रुझान जानने की रही उत्सुकता लेकिन नहीं दी गई जानकारी
बनी रही टकराव की स्थिति, तनाव के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर तैनात रही फोर्स
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में भले ही आधे से कम मतदाता वोट देने निकले लेकिन समर्थकों के जोश में कहीं कमी नजर नहीं आई। मतदान और मतगणना के दौरान जोश और उल्लास का माहौल बना रहा। बैंक रोड से डायमंड जुबली हॉस्टल तक हजारों छात्र और समर्थक लगातार जमे रहे। मतदान समाप्त होने के बाद हमेशा की तरह एक बम भी फटा। समर्थक मतदान से मतगणना तक लगातार जुलूस निकालते रहे। इससे वहां टकराव की आशंका भी बनी रही। मतगणना के दौरान प्रत्याशी और समर्थक लगातार रुझान जानने की कोशिश करते रहे। एलसीडी पर मतगणना की पूरी प्रक्रिया का प्रसारण करने का इंतजाम तो था लेकिन उसके जरिये रुझान की बाबत छात्रों को कोई सूचना नहीं दी गई। बवाल की आशंका को देखते हुए चुनाव में लगे शिक्षकों और अफसरों को भी इसकी जानकारी नहीं दी जा रही थी।
मतदान सुबह आठ बजे शुरू हुआ लेकिन समर्थक इससे पहले ही पहुंच गए। दिन चढ़ने के साथ जुलूस, नारेबाजी का दौर भी तेज हो गया। मतदान के बाद भीड़ कुछ कम हुई लेकिन मतगणना शुरू होने पर शाम को फिर भारी जमावड़ा हो गया। इस भीड़ में विश्वविद्यालय के छात्रों के अलावा बड़ी संख्या में बाहर से भी युवा बुलाए गए थे। साथ ही राजनैतिक दलों के नेता एवं कार्यकर्ता भी वहां मौजूद थे। सभी को परिणाम को बेसब्री से इंतजार था। कई बार जीत-हार की अफवाह भी उड़ा दी गई। हल्ला हुआ और टकराव के आसार बने। बवाल की आशंका को देखते हुए पुलिस को कई बार लाठियां पटककर भीड़ को वहां से हटना पड़ा, सो बार-बार भगदड़ जैसे हालात भी बनते रहे।
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नए छात्रसंघ के सामने छात्राओं की सुरक्षा पहली चुनौती
प्रचार के दौरान सभी प्रत्याशियों ने छात्राओं की सुरक्षा को बनाया था मुद्दा
लाइब्रेरी, कैंटीन, सभी छात्रों को हॉस्टल, डेलीगेसी भत्ता दिलाने का था वादा
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ का चुनाव से कुछ दिन पहले ही बीएययू में छेड़खानी की घटना हो गई थी। इसको लेकर देशभर में आंदोलन हुए और इलाहाबाद में भी छात्रसंघ चुनाव के दौरान सभी प्रत्याशियों ने विश्वविद्यालय में महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाया। अब सभी निवनिर्वाचित पदाधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि उन्होंने जो कहा, उसे लागू कराकर भी दिखाएं।
ज्यादातर प्रत्याशियों ने छात्राओं की सुरक्षा के लिए परिसर में महिला गार्ड्स की तैनाती कराए जाने के दावे किए थे। प्रत्याशियों ने यह वादा भी किया था कि चुनाव जीते तो गर्ल्स हॉस्टल में महिला डॉक्टर की नियुक्ति कराई जाएगी। छात्राओं के साथ कोई घटना हुई तो 24 घंटे में कार्रवाई होगी। छात्राओं की सुरक्षा से इतर भी कई मुद्दे उठाए गए थे। लाइब्रेरी को डिजिटल बनाने, कक्षाओं के नियमित संचालन, परिसर में अराजकता खत्म किए जाने, विश्वविद्यालय के गौरव को वापस लाने, सभी छात्रों को हॉस्टल की सुविधा, डेलीगेसी भत्ता, स्थायी कैंटीन के निर्माण समेत कई वादे किए गए थे। इन सभी वादों को पूरा करना पदाधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती होगी। दक्षता भाषण के दौरान सभी प्रत्याशियों ने पुराने पदाधिकारियों का आरोप लगाए थे कि उन्होंने वादे तो बहुत किए लेकिन काम कुछ नहीं किया। अब देखना होगा कि नवनिर्वाचित पदाधिकारियों अपने वादे को कितना पूरा करते हैं।
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प्रचार के दौरान छात्रनेताओं ने किए थे ये वादे
0 दूर होगी परिसर में अराजकता
0 छात्राओं की सुरक्षा के पूरे होंगे इंतजाम
0 चलेंगी नियमित कक्षाएं, बनेगा शैक्षिक माहौल
0 महंगी शिक्षा, बेरोजगारी से मिलेगी निजात
0 सभी छात्रों को हास्टल की सुविधा
0 छात्रों को मिलेगा डेलीगेसी भत्ता
0 डिजिटल होगी लाइब्रेरी
0 परिसर में होगी स्थायी कैंटीन एवं अन्य सुविधाएं
0 सभी को मिलेंगी लाइब्रेरी से किताबें
0 परिसर में पुलिस का हस्तक्षेप रुकेगा