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प्राथमिक के उच्च प्राथमिक में संविलयन को चुनौती
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प्राथमिक, उच्च प्राथमिक के संविलयन को चुनौती
0 हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से मांगा जवाब
प्रयागराज। एक ही परिसर में चल रहे प्राथमिक विद्यालयों के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में संविलयन के लिए जारी शासनादेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने विद्यालयों के संविलयन के 22 नवंबर 2018 के शासनादेश की वैधता के खिलाफ दाखिल याचिका पर राज्य सरकार से दो सप्ताह में जवाब मांगा है। याचिका की सुनवाई 15 अप्रैल को होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने सुमन और अन्य की याचिका पर दिया है। याची का कहना है कि शासनादेश अनिवार्य शिक्षा कानून के तहत बने नियम चार के विपरीत है। कोर्ट में याचिका में उठाए गए मुद्दे को विचारणीय माना और सभी विपक्षियों से जवाब मांगा है। बता दें कि एक ही परिसर में चल रहे प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के संविलयन की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है और शासनादेश के अनुसार नए सत्र में एक अप्रैल से यह नियम लागू हो जाएगा। इसके तहत प्राथमिक विद्यालयों का उच्च प्राथमिक में संविलयन कर दिया जाएगा तथा दोनों विद्यालयों का प्रभार एक ही प्रधानाध्यापक के पास रहेगा। संविलयन में शामिल प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का पद इसके बाद स्वत: समाप्त हो जाएगा।
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0 हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से मांगा जवाब
प्रयागराज। एक ही परिसर में चल रहे प्राथमिक विद्यालयों के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में संविलयन के लिए जारी शासनादेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने विद्यालयों के संविलयन के 22 नवंबर 2018 के शासनादेश की वैधता के खिलाफ दाखिल याचिका पर राज्य सरकार से दो सप्ताह में जवाब मांगा है। याचिका की सुनवाई 15 अप्रैल को होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने सुमन और अन्य की याचिका पर दिया है। याची का कहना है कि शासनादेश अनिवार्य शिक्षा कानून के तहत बने नियम चार के विपरीत है। कोर्ट में याचिका में उठाए गए मुद्दे को विचारणीय माना और सभी विपक्षियों से जवाब मांगा है। बता दें कि एक ही परिसर में चल रहे प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के संविलयन की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है और शासनादेश के अनुसार नए सत्र में एक अप्रैल से यह नियम लागू हो जाएगा। इसके तहत प्राथमिक विद्यालयों का उच्च प्राथमिक में संविलयन कर दिया जाएगा तथा दोनों विद्यालयों का प्रभार एक ही प्रधानाध्यापक के पास रहेगा। संविलयन में शामिल प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का पद इसके बाद स्वत: समाप्त हो जाएगा।
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