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बीटीसी के पेपर लीक करने वालों का सुराग नहीं
Updated Tue, 09 Oct 2018 12:47 AM IST
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मंझनपुर। बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर के पेपर आउट होने पर पूरी परीक्षा निरस्त कर दी गई, लेकिन पेपर लीक करने वालों का कोई सुराग नहीं लग सका है। इसे लेकर शिक्षा विभाग के साथ ही प्रशिक्षुओं में हड़कंप मचा हुआ है।
बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं सोमवार से प्रारंभ हो गईं। जिले में इसके लिए श्री दुर्गा देवी इंटर कॉलेज ओसा तथा करारी इंटर कॉलेज करारी परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। ओसा में करीब 475 तथा करारी में तकरीबन 245 प्रशिक्षुओं का केंद्र है। इन केंद्रों पर सोमवार को सुबह-शाम दोनों पालियों में परीक्षाएं कराई गईं। पहले दिन आठ प्रशिक्षु परीक्षा से गैरहाजिर रहे। लेकिन परीक्षा से पहले ही आठों प्रशभनपत्र लीक हो गए थे। तीन दिन से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे प्रशभनपत्रों के बारे में रविवार रात डीएम मनीष कुमार वर्मा को पता चला तो उन्होंने फौरन डीआईओएस सत्येंद्र सिंह को जरूरी जांच का निर्देश दिया। रात में ही जिला विद्यालय निरीक्षक ने दोनों केंद्रों पर पहुंचकर प्रशभनपत्रों के लिफाफों की जांच की। डीआईओएस ने बताया कि सीलबंद लिफाफे मिले। किसी में कोई छेड़छाड़ नहीं की गई थी। ऐसे में सोशल मीडिया पर वायरल हुए पेपर की असलियत का पता लगाने के लिए लिफाफा खुलने का इंतजार किया गया। सोमवार को परीक्षा शुरू हुई तो दोनों पालियों के प्रशभनपत्र वायरल पेपर सरीखे निकले। इस पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने अपनी रिपोर्ट परीक्षा नियामक को भेजते हुए कार्रवाई की संस्तुति कर दी।
डीआईओएस का कहना है कि बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर के सोमवार को हुए दोनो प्रशभनपत्र पहले ही लीक हो गए थे। पर्चा कहां से आउट हुआ। इसकी जांच कराई जा रही है। फिलहाल जिले के दोनों परीक्षा केंद्रों पर रविवार रात ही जांच कर ली गई थी। सभी लिफाफे सील बंद मिले थे। आवश्यक कार्रवाई के लिए पूरे मामले की रिपोर्ट परीक्षा नियामक को भेज दी गई है।
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बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं सोमवार से प्रारंभ हो गईं। जिले में इसके लिए श्री दुर्गा देवी इंटर कॉलेज ओसा तथा करारी इंटर कॉलेज करारी परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। ओसा में करीब 475 तथा करारी में तकरीबन 245 प्रशिक्षुओं का केंद्र है। इन केंद्रों पर सोमवार को सुबह-शाम दोनों पालियों में परीक्षाएं कराई गईं। पहले दिन आठ प्रशिक्षु परीक्षा से गैरहाजिर रहे। लेकिन परीक्षा से पहले ही आठों प्रशभनपत्र लीक हो गए थे। तीन दिन से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे प्रशभनपत्रों के बारे में रविवार रात डीएम मनीष कुमार वर्मा को पता चला तो उन्होंने फौरन डीआईओएस सत्येंद्र सिंह को जरूरी जांच का निर्देश दिया। रात में ही जिला विद्यालय निरीक्षक ने दोनों केंद्रों पर पहुंचकर प्रशभनपत्रों के लिफाफों की जांच की। डीआईओएस ने बताया कि सीलबंद लिफाफे मिले। किसी में कोई छेड़छाड़ नहीं की गई थी। ऐसे में सोशल मीडिया पर वायरल हुए पेपर की असलियत का पता लगाने के लिए लिफाफा खुलने का इंतजार किया गया। सोमवार को परीक्षा शुरू हुई तो दोनों पालियों के प्रशभनपत्र वायरल पेपर सरीखे निकले। इस पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने अपनी रिपोर्ट परीक्षा नियामक को भेजते हुए कार्रवाई की संस्तुति कर दी।
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डीआईओएस का कहना है कि बीटीसी चतुर्थ सेमेस्टर के सोमवार को हुए दोनो प्रशभनपत्र पहले ही लीक हो गए थे। पर्चा कहां से आउट हुआ। इसकी जांच कराई जा रही है। फिलहाल जिले के दोनों परीक्षा केंद्रों पर रविवार रात ही जांच कर ली गई थी। सभी लिफाफे सील बंद मिले थे। आवश्यक कार्रवाई के लिए पूरे मामले की रिपोर्ट परीक्षा नियामक को भेज दी गई है।
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