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शनिवार को हाईकोर्ट खोलने पर सहमत नहीं है बार
Updated Sat, 09 Sep 2017 09:55 PM IST
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शनिवार को हाईकोर्ट खोलने पर सहमत नहीं हाईकोर्ट बार
अध्यक्ष ने कहा अचानक लिया गया निर्णय, उनकी राय नहीं ली गई
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
शनिवार को हाईकोर्ट में मुकदमों की सुनवाई करने के निर्णय से हाईकोर्ट बार एसोसिएशन फिलहाल सहमत नहीं है। बार का मानना है कि यह निर्णय अचानक और उनकी सहमति के बिना लिया गया है। बार अध्यक्ष अनिल तिवारी का कहना है कि मुकदमों की सुनवाई शनिवार को करने का फैसला लेने से पूर्व वकीलों की राय भी ली जानी चाहिए थी। अध्यक्ष इस मामले पर सोमवार को मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले से बात करेंगे।
उनका कहना है कि निर्णय लेने में बार एसोसिएशन को नजरअंदाज करना उचित नहीं है। हाईकोर्ट में शनिवार को मुकदमों की सुनवाई करने से बेहतर है जजों की संख्या बढ़ाई जाए। काम के घंटे बढ़ाकर और छुट्टियां कम करके भी मुकदमों का निस्तारण शीघ्रता से किया जा सकता है। हाईकोर्ट में कुछ आपराधिक मुकदमों की सुनवाई शनिवार को भी करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में सरकारी वकीलों से गत गुरुवार को जस्टिस कृष्ण मुरारी से वार्ता हुई थी। निर्णय लिया गया कि शुरुआत में जेल अपीलों की सुनवाई शनिवार को की जाएगी। इस पर अंतिम फैसला सोमवार को मुख्य न्यायाधीश के आने के बाद होना है। मगर बार एसोसिएशन के असहमति जताने के बाद मामले में अब नया मोड़ आ गया है। सोमवार की बैठक के बाद ही आगे की स्थिति साफ होने की उम्मीद है।
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अध्यक्ष ने कहा अचानक लिया गया निर्णय, उनकी राय नहीं ली गई
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
शनिवार को हाईकोर्ट में मुकदमों की सुनवाई करने के निर्णय से हाईकोर्ट बार एसोसिएशन फिलहाल सहमत नहीं है। बार का मानना है कि यह निर्णय अचानक और उनकी सहमति के बिना लिया गया है। बार अध्यक्ष अनिल तिवारी का कहना है कि मुकदमों की सुनवाई शनिवार को करने का फैसला लेने से पूर्व वकीलों की राय भी ली जानी चाहिए थी। अध्यक्ष इस मामले पर सोमवार को मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले से बात करेंगे।
उनका कहना है कि निर्णय लेने में बार एसोसिएशन को नजरअंदाज करना उचित नहीं है। हाईकोर्ट में शनिवार को मुकदमों की सुनवाई करने से बेहतर है जजों की संख्या बढ़ाई जाए। काम के घंटे बढ़ाकर और छुट्टियां कम करके भी मुकदमों का निस्तारण शीघ्रता से किया जा सकता है। हाईकोर्ट में कुछ आपराधिक मुकदमों की सुनवाई शनिवार को भी करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में सरकारी वकीलों से गत गुरुवार को जस्टिस कृष्ण मुरारी से वार्ता हुई थी। निर्णय लिया गया कि शुरुआत में जेल अपीलों की सुनवाई शनिवार को की जाएगी। इस पर अंतिम फैसला सोमवार को मुख्य न्यायाधीश के आने के बाद होना है। मगर बार एसोसिएशन के असहमति जताने के बाद मामले में अब नया मोड़ आ गया है। सोमवार की बैठक के बाद ही आगे की स्थिति साफ होने की उम्मीद है।
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