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सेवानिवृत्ति के बाद 17 महीने की नौकरी, अब होगी रिकवरी

Sun, 23 Jun 2019 01:25 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 23 Jun 2019 01:25 AM IST
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17 months after retirement, now will be the recovery
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उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) मुख्यालय की विजलेंस टीम ने एक ऐसे रेलकर्मी को पकड़ा है जो सेवानिवृत्ति के बाद भी 17 महीने तक नौकरी करता रहा है। मामला का खुलासा होने के बाद संबंधित रेलकर्मी को रिटायरमेंट मेमो दे दिया गया है। इसके साथ ही विभागीय जांच भी एनसीआर प्रशासन ने शुरू कर दी है। साथ ही उससे रिकवरी की भी तैयारी की गई है। मामला इलाहाबाद मंडल के टूंडला रेलवे स्टेशन का है।
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टूंडला स्टेशन में बुकिंग क्लर्क के पद कार्यरत अली जामिन स्टेशन रोड निवासी है। शैक्षिक अभिलेखों में उसकी जन्मतिथि वर्ष 1958 दर्ज है। इस आधार पर उसकी सेवा निवृत्ति वर्ष 2018 में हो जानी चाहिए थी। लेकिन पे-स्लिप और रेल पास बनवाने के चलते उसने अपनी उम्र 1962 अंकित कर दी।
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इस तरह से उसने अफसरों को भ्रमित करते हुए 17 महीने ज्यादा रेल सेवा कर ली। बताया जा रहा है कि रेलवे की एक मान्यता प्राप्त यूनियन के एक पदाधिकारी का अली जामिन रिश्तेदार भी है। एनसीआर विजलेंस को इस मामले में जानकारी हुई तो इस पूरे प्रकरण की जांच की गई। विजलेंस इंसपेक्टर पंकज अहिरवार ने बुकिंग क्लर्क से संबंधित सभी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिया है। इस बारे में एनसीआर के सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह का कहना है कि रेलवे के पर्सनल विभाग को इस मामले की जानकारी मिली है। इसकी जांच शुरू कर दी गई है।
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टूंडला में सेवा निवृत्ति के बाद भी रेल कर्मी द्वारा 17 माह अतिरिक्त नौकरी कर लिए जाने के मामले को रेलवे ने गंभीरता से लिया है। उत्तर मध्य रेेलवे के इलाहाबाद मंडल ने अपने सभी 30 हजार कर्मियों को आई पास ड्राइव बनवाने का काम शुरू किया है। इसकी मदद से सभी कर्मचारियों का वेतन, डेट ऑफ ज्वाइनिंग, पास आदि सभी के अभिलेख जो अभी तक मैनुअली सर्विस डेटा में थे उसे अब एक आई पास ड्राइव सॉफ्टवेयर में डलवाया जा रहा है। ताकि भविष्य में कर्मचारियों के डेटा से किसी भी तरह की छेड़छाड़ न हो सके। एनसीआर के सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह के मुताबिक यह काम शुरू हो गया है। शीघ्र ही सभी कर्मचारियों के डेटा सॉफ्टवेयर में डाल दिए जाएंगे। 
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