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विश्वनाथ मंदिर के पक्ष मकान बेचने के खिलाफ याचिका खारिज
Updated Sat, 14 Apr 2018 01:28 AM IST
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वाराणसी के ध्यानार्थ
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विश्वनाथ मंदिर के पक्ष में मकान बेचने के खिलाफ याचिका खारिज
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी वाराणसी स्थित मकान नंबर 28/11 को काशी विश्वनाथ मंदिर के हक में बेचने को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। इस आदेश से छत्ताद्वार से काशी विश्वनाथ मंदिर तक दर्शन के रास्ते को चौड़ीकरण की बाधा दूर हो गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति गोविंद माथुर एवं न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने दिया है।
याचिका पर अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल और काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के अधिवक्ता विनीत संकल्प ने पक्ष रखा। मकान मालिक विट्ठल दास अग्रवाल ने 16 मार्च 2018 को मकान का बैनामा राज्यपाल के नाम काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह के मार्फत किया था। हाईकोर्ट ने अनुच्छेद 226 में इस मामले में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। काशी विश्वनाथ मंदिर एक्ट को अनुच्छेद 26 डी के खिलाफ होने के कारण असंवैधानिक घोषित करने के मुद्दे पर कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही मत स्पष्ट कर चुका है, इस पर दोबारा सुनने का आधार नहीं है।
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विश्वनाथ मंदिर के पक्ष में मकान बेचने के खिलाफ याचिका खारिज
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी वाराणसी स्थित मकान नंबर 28/11 को काशी विश्वनाथ मंदिर के हक में बेचने को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। इस आदेश से छत्ताद्वार से काशी विश्वनाथ मंदिर तक दर्शन के रास्ते को चौड़ीकरण की बाधा दूर हो गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति गोविंद माथुर एवं न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने दिया है।
याचिका पर अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल और काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के अधिवक्ता विनीत संकल्प ने पक्ष रखा। मकान मालिक विट्ठल दास अग्रवाल ने 16 मार्च 2018 को मकान का बैनामा राज्यपाल के नाम काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह के मार्फत किया था। हाईकोर्ट ने अनुच्छेद 226 में इस मामले में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। काशी विश्वनाथ मंदिर एक्ट को अनुच्छेद 26 डी के खिलाफ होने के कारण असंवैधानिक घोषित करने के मुद्दे पर कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही मत स्पष्ट कर चुका है, इस पर दोबारा सुनने का आधार नहीं है।
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