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रोड कांग्रेस की गाइड लाइन के मुताबिक बनाएं स्पीड ब्रेकर
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इंडियन रोड कांग्रेस की गाइड लाइन के मुताबिक बनाएं स्पीड ब्रेकर
0 गाइड लाइन के विपरीत बने स्पीड ब्रेकर तोड़कर नए बनाए जाएं
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने सड़कों पर स्पीड ब्रेकर बनाने में इंडियन रोड कांग्रेस की गाइड लाइन और भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी परिपत्र का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि जहां स्पीड ब्रेकर गाइड लाइन के विपरीत बने हों, वहां के जिलाधिकारी की अनुमति से इसे तोड़कर नए सिरे से बनाया जाए।
भदोही के किसान आकलेश कुमार द्विवेदी की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति पी के एस बघेल तथा न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ ने दिया है। कोर्ट ने पीडब्ल्यूडी लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव को गाइडलाइन सभी निकायों और संस्थानों को उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश को भी आदेश दिया है कि वह शहरी और ग्रामीण सभी पुलिस अधिकारियों से कहें कि बिना जिलाधिकारी की अनुमति लिए सड़कों पर स्पीड ब्रेकर न बनाने दें। गाइडलाइन के अनुसार बने स्पीड ब्रेकरों को काली और सफेद पट्टी से रंगा जाए तथा इससे कुछ दूर पहले ही सावधानी का बोर्ड लगाया जाए।
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कोर्ट ने प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी से चार अक्टूबर 19 को अनुपालन रिपोर्ट मांगी है। याचिका में कहा गया है कि याची ने सड़क पर स्पीड ब्रेकर मानक के अनुसार नहीं बनने पर अधिकारियों से शिकायत की थी। सुनवाई नहीं होने पर उसने हाई कोर्ट की शरण ली। याची का कहना है कि मानक के विपरीत बनाए गए स्पीड ब्रेकर से दुर्घटनाएं हो रही हैं।
कोर्ट ने कहा स्पीड ब्रेकर के चलते 2014 में प्रदेश में 3192 एवं 2015 में 1654 दुर्घटनाएं हुई हैं। गाइडलाइन का कुछ हद तक पालन करने के कारण दुर्घटनाओं में कमी आई है। ऐसे में गाइडलाइन के अनुसार ही स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं। इसे लेकर सभी आवश्यक सावधानियां बरती जाएं।
कोर्ट ने कहा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के कई आदेशों में रोड कांग्रेस की गाइड लाइन के पालन का निर्देश दिया गया है किंतु, उनका पालन नहीं किया जा रहा है। याचिका में बभनौटी से इस्माइला तक जाने वाली सड़क पर बने स्पीड ब्रेकर को हटाने की मांग की गई है।
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इंडियन रोड कांग्रेस की गाइड लाइन के मुताबिक बनाएं स्पीड ब्रेकर
0 गाइड लाइन के विपरीत बने स्पीड ब्रेकर तोड़कर नए बनाए जाएं
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने सड़कों पर स्पीड ब्रेकर बनाने में इंडियन रोड कांग्रेस की गाइड लाइन और भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी परिपत्र का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि जहां स्पीड ब्रेकर गाइड लाइन के विपरीत बने हों, वहां के जिलाधिकारी की अनुमति से इसे तोड़कर नए सिरे से बनाया जाए।
भदोही के किसान आकलेश कुमार द्विवेदी की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति पी के एस बघेल तथा न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ ने दिया है। कोर्ट ने पीडब्ल्यूडी लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव को गाइडलाइन सभी निकायों और संस्थानों को उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।
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कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश को भी आदेश दिया है कि वह शहरी और ग्रामीण सभी पुलिस अधिकारियों से कहें कि बिना जिलाधिकारी की अनुमति लिए सड़कों पर स्पीड ब्रेकर न बनाने दें। गाइडलाइन के अनुसार बने स्पीड ब्रेकरों को काली और सफेद पट्टी से रंगा जाए तथा इससे कुछ दूर पहले ही सावधानी का बोर्ड लगाया जाए।
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कोर्ट ने प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी से चार अक्टूबर 19 को अनुपालन रिपोर्ट मांगी है। याचिका में कहा गया है कि याची ने सड़क पर स्पीड ब्रेकर मानक के अनुसार नहीं बनने पर अधिकारियों से शिकायत की थी। सुनवाई नहीं होने पर उसने हाई कोर्ट की शरण ली। याची का कहना है कि मानक के विपरीत बनाए गए स्पीड ब्रेकर से दुर्घटनाएं हो रही हैं।
कोर्ट ने कहा स्पीड ब्रेकर के चलते 2014 में प्रदेश में 3192 एवं 2015 में 1654 दुर्घटनाएं हुई हैं। गाइडलाइन का कुछ हद तक पालन करने के कारण दुर्घटनाओं में कमी आई है। ऐसे में गाइडलाइन के अनुसार ही स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं। इसे लेकर सभी आवश्यक सावधानियां बरती जाएं।
कोर्ट ने कहा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के कई आदेशों में रोड कांग्रेस की गाइड लाइन के पालन का निर्देश दिया गया है किंतु, उनका पालन नहीं किया जा रहा है। याचिका में बभनौटी से इस्माइला तक जाने वाली सड़क पर बने स्पीड ब्रेकर को हटाने की मांग की गई है।