{"_id":"5cea8885bdec2207514f3aa3","slug":"15588742949-allahabad-news176","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्रसंघ पर बैन के विरोध में एवीबीपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्रसंघ पर बैन के विरोध में एवीबीपी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छात्रसंघ पर बैन के खिलाफ एवीबीपी भी मैदान में
0 अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का आरोप इविवि में चल रहे विवाद से ध्यान हटाने की कोशिश
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ को बैन करके उसकी जगह छात्र परिषद के गठन के संकेत के बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एवीबीपी) के सदस्य भी विरोध में उतर आए हैं। परिषद ने आरोप लगाया है कि इविवि में बीते तीन वर्ष से लगातार भ्रष्टाचार, अनियमितता, फर्जी नियुक्तियों जैसे मामलों को लेकर विवाद चला आ रहा है। इन सभी मामलों से ध्यान हटाने के लिए विवि प्रशासन छात्रसंघ को बैन कर उनके खिलाफ चल रहे आंदोलन को खत्म करना चाहता है।
इविवि छात्रसंघ भवन पर शनिवार को पत्रकार वार्ता में विद्यार्थी परिषद ने आरोप लगाया कि विवि के इस निर्णय के बाद परिसर में एक बार फिर से आंदोलन भड़क सकता है। पदाधिकारियों ने कहा कि उनका संगठन हमेशा से विवि एवं कॉलेजों में छात्रसंघ का पक्षधर रहा है। छात्रसंघ छात्रों का अधिकार है, इसमें किसी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। छात्रसंघ के पूर्व महामंत्री निर्भय द्विवेदी ने कहा कि छात्रसंघ छात्रों की आवाज है, जिसे विवि प्रशासन बैन कर अपने खिलाफ उठने वाली आवाज को दबाना चाहता है। वर्तमान छात्रसंघ महामंत्री शिवम सिंह ने कहा कि विवि छात्रसंघ का पदाधिकारी देश के विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व किया, विवि प्रशासन अपने स्वार्थ में छात्रसंघ को खत्म करना चाहता है। परिषद कार्यकारिणी के सदस्य वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि विवि प्रशासन अपने खिलाफ उठ रही आवाज दबाना चाहता है। एडीसी के छात्रसंघ उपाध्यक्ष दिव्यांशु सिंह ने कहा कि विवि प्रशासन अपनी इस योजना पर पुनर्विचार कर छात्रों के हित में काम करे। वार्ता के दौरान दुर्गेश शुक्ल, आशुतोष शुक्ल, सूरज तिवारी,नवीन मिश्र मौजूद रहे।
विज्ञापन
0 अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का आरोप इविवि में चल रहे विवाद से ध्यान हटाने की कोशिश
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ को बैन करके उसकी जगह छात्र परिषद के गठन के संकेत के बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एवीबीपी) के सदस्य भी विरोध में उतर आए हैं। परिषद ने आरोप लगाया है कि इविवि में बीते तीन वर्ष से लगातार भ्रष्टाचार, अनियमितता, फर्जी नियुक्तियों जैसे मामलों को लेकर विवाद चला आ रहा है। इन सभी मामलों से ध्यान हटाने के लिए विवि प्रशासन छात्रसंघ को बैन कर उनके खिलाफ चल रहे आंदोलन को खत्म करना चाहता है।
इविवि छात्रसंघ भवन पर शनिवार को पत्रकार वार्ता में विद्यार्थी परिषद ने आरोप लगाया कि विवि के इस निर्णय के बाद परिसर में एक बार फिर से आंदोलन भड़क सकता है। पदाधिकारियों ने कहा कि उनका संगठन हमेशा से विवि एवं कॉलेजों में छात्रसंघ का पक्षधर रहा है। छात्रसंघ छात्रों का अधिकार है, इसमें किसी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। छात्रसंघ के पूर्व महामंत्री निर्भय द्विवेदी ने कहा कि छात्रसंघ छात्रों की आवाज है, जिसे विवि प्रशासन बैन कर अपने खिलाफ उठने वाली आवाज को दबाना चाहता है। वर्तमान छात्रसंघ महामंत्री शिवम सिंह ने कहा कि विवि छात्रसंघ का पदाधिकारी देश के विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व किया, विवि प्रशासन अपने स्वार्थ में छात्रसंघ को खत्म करना चाहता है। परिषद कार्यकारिणी के सदस्य वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि विवि प्रशासन अपने खिलाफ उठ रही आवाज दबाना चाहता है। एडीसी के छात्रसंघ उपाध्यक्ष दिव्यांशु सिंह ने कहा कि विवि प्रशासन अपनी इस योजना पर पुनर्विचार कर छात्रों के हित में काम करे। वार्ता के दौरान दुर्गेश शुक्ल, आशुतोष शुक्ल, सूरज तिवारी,नवीन मिश्र मौजूद रहे।
विज्ञापन