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अरविंद केजरीवाल को मुकदमे की स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश
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अरविंद केजरीवाल को मुकदमे
की स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश
0 कानून और आचार संहिता के उल्लंघन के मुकदमे में स्पेशल कोर्ट में नहीं हो रहे हैं हाजिर
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास आदि से उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों की अद्यतन स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। आप नेताओं के खिलाफ अमेठी के गौरीगंज थाने में कानून तोड़ने और चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने का मुकदमा दर्ज है।
बृहस्पतिवार को मुकदमे की पत्रावली स्पेशल कोर्ट जज पवन कुमार तिवारी के समक्ष पेश की गई। पत्रावली से पता चला कि मुकदमे में अभियुक्तों की अदालत में उपस्थिति से हाईकोर्ट ने छूट दी है। मगर, यह आदेश 27 अक्तूबर 2016 का है। जबकि सुप्रीमकोर्ट ने 28 जनवरी 2018 को व्यवस्था प्रतिपादित की है कि किसी भी मुकदमे में स्थगन आदेश छह माह तक ही प्रभावी माना जाएगा। यदि छह माह बाद इसे बढ़ाया नहीं जाता है या कोई अग्रिम आदेश नहीं है तो स्थगनआदेश स्वत: समाप्त माना जाएगा।
कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा स्थगन आदेश पारित किए छह माह से अधिक समय बीत गए हैं। ऐसे में अभियुक्तगण उपस्थित होकर यह स्पष्ट करें कि वर्तमान में उनके मुकदमे की क्या स्थिति है। स्थगन आदेश बढ़ाया गया है या कोई अन्य आदेश उनके पक्ष में है तो उसे स्पेशल कोर्ट में स्पष्ट किया जाए। अन्यथा उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर कुर्की की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
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अरविंद केजरीवाल, कुमार विश्वास, हरीकृष्ण, राकेश तिवारी और अजय सिंह के खिलाफ मुकदमे में आरोप है कि 20 अप्रैल 2014 को अमेठी के गौरीगंज कस्बे में सड़क पर बिना अनुमति के जनसभा की और करीब दो सौ कार्यकर्ताओं के ढोल नगाड़े बजाते हुए आवागमन अवरुद्ध किया। उस समय जिले में धारा 144 लागू थी, जिसका उल्लंघन किया गया।
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की स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश
0 कानून और आचार संहिता के उल्लंघन के मुकदमे में स्पेशल कोर्ट में नहीं हो रहे हैं हाजिर
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास आदि से उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों की अद्यतन स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। आप नेताओं के खिलाफ अमेठी के गौरीगंज थाने में कानून तोड़ने और चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने का मुकदमा दर्ज है।
बृहस्पतिवार को मुकदमे की पत्रावली स्पेशल कोर्ट जज पवन कुमार तिवारी के समक्ष पेश की गई। पत्रावली से पता चला कि मुकदमे में अभियुक्तों की अदालत में उपस्थिति से हाईकोर्ट ने छूट दी है। मगर, यह आदेश 27 अक्तूबर 2016 का है। जबकि सुप्रीमकोर्ट ने 28 जनवरी 2018 को व्यवस्था प्रतिपादित की है कि किसी भी मुकदमे में स्थगन आदेश छह माह तक ही प्रभावी माना जाएगा। यदि छह माह बाद इसे बढ़ाया नहीं जाता है या कोई अग्रिम आदेश नहीं है तो स्थगनआदेश स्वत: समाप्त माना जाएगा।
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कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा स्थगन आदेश पारित किए छह माह से अधिक समय बीत गए हैं। ऐसे में अभियुक्तगण उपस्थित होकर यह स्पष्ट करें कि वर्तमान में उनके मुकदमे की क्या स्थिति है। स्थगन आदेश बढ़ाया गया है या कोई अन्य आदेश उनके पक्ष में है तो उसे स्पेशल कोर्ट में स्पष्ट किया जाए। अन्यथा उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर कुर्की की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
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अरविंद केजरीवाल, कुमार विश्वास, हरीकृष्ण, राकेश तिवारी और अजय सिंह के खिलाफ मुकदमे में आरोप है कि 20 अप्रैल 2014 को अमेठी के गौरीगंज कस्बे में सड़क पर बिना अनुमति के जनसभा की और करीब दो सौ कार्यकर्ताओं के ढोल नगाड़े बजाते हुए आवागमन अवरुद्ध किया। उस समय जिले में धारा 144 लागू थी, जिसका उल्लंघन किया गया।