{"_id":"5c5da00fbdec224a620fe394","slug":"151549639695-allahabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आबकारी निरीक्षकों के तबादले रद्द करने पर पुनर्विचार नहीं: हाईकोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आबकारी निरीक्षकों के तबादले रद्द करने पर पुनर्विचार नहीं: हाईकोर्ट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर के ध्यानार्थ
000000000000000000000
आबकारी निरीक्षकों के तबादले रद्द
करने पर पुनर्विचार नहीं: हाईकोर्ट
0 कानपुर में जहरीली शराब से मौत का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। जहरीली शराब से मौत के मामले में कानपुर आबकारी निरीक्षकों के तबादले को रद्द करने संबंधी आदेश पर पुनर्विचार करने से हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है। कोर्ट ने अविनाश कुमार पांडेय सहित नौ आबकारी निरीक्षकों की याचिका पर पारित आदेश के खिलाफ राज्य सरकार की पुनर्विचार अर्जी खारिज करते हुए यह आदेश दिया। याचिका पर न्यायमूर्ति बी अमित स्थालकर और न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की पीठ ने सुनवाई की।
कानपुर में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में आबकारी विभाग ने विभागीय जांच करवाई थी। मगर, बाद में घटना के समय तैनात सभी आबकारी निरीक्षकों का तबादला कर दिया गया। इसे याचिका में चुनौती दी गई। याचिका पर अधिवक्ता विजय गौतम और कृष्ण जी शुक्ल ने पक्ष रखा। कोर्ट ने स्थानांतरण आदेश को दंडात्मक मानते हुए इसे रद्द कर दिया था। राज्य सरकार ने इसके खिलाफ पुनर्विचार अर्जी दाखिल की थी। जिसे खंडपीठ ने स्वीकार नहीं किया और अर्जी रद्द कर दी है।
विज्ञापन
000000000000000000000
आबकारी निरीक्षकों के तबादले रद्द
करने पर पुनर्विचार नहीं: हाईकोर्ट
0 कानपुर में जहरीली शराब से मौत का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। जहरीली शराब से मौत के मामले में कानपुर आबकारी निरीक्षकों के तबादले को रद्द करने संबंधी आदेश पर पुनर्विचार करने से हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है। कोर्ट ने अविनाश कुमार पांडेय सहित नौ आबकारी निरीक्षकों की याचिका पर पारित आदेश के खिलाफ राज्य सरकार की पुनर्विचार अर्जी खारिज करते हुए यह आदेश दिया। याचिका पर न्यायमूर्ति बी अमित स्थालकर और न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की पीठ ने सुनवाई की।
कानपुर में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में आबकारी विभाग ने विभागीय जांच करवाई थी। मगर, बाद में घटना के समय तैनात सभी आबकारी निरीक्षकों का तबादला कर दिया गया। इसे याचिका में चुनौती दी गई। याचिका पर अधिवक्ता विजय गौतम और कृष्ण जी शुक्ल ने पक्ष रखा। कोर्ट ने स्थानांतरण आदेश को दंडात्मक मानते हुए इसे रद्द कर दिया था। राज्य सरकार ने इसके खिलाफ पुनर्विचार अर्जी दाखिल की थी। जिसे खंडपीठ ने स्वीकार नहीं किया और अर्जी रद्द कर दी है।
विज्ञापन