फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   आखिरकार आठवें दिन पहुंचा मुआवजा

आखिरकार आठवें दिन पहुंचा मुआवजा

Fri, 20 Jul 2018 12:52 AM IST
Updated Fri, 20 Jul 2018 12:52 AM IST
विज्ञापन
आखिरकार आठवें दिन पहुंचा मुआवजा
आखिरकार आठवें दिन पहुंचा मुआवजा
विज्ञापन

अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया प्रशासन
अनिकेत के पिता घनश्याम के खाते में पहुंची धनराशि
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। सलोरी हादसे में मृत छात्र अनिकेत के परिजनों तक आखिरकार सरकारी मदद पहुंच गई। उसके पिता घनश्याम गुप्ता ने मुआवजा राशि के बृहस्पतिवार को खाते में पहुंचने की बात कही। हालांकि इसी हादसे में मृत शिखर की मां चंदा ने मुआवजा राशि के खाते में पहुंचने पर अनभिज्ञता जताई है।
बता दें कि 11 जुलाई को हुई भीषण बारिश के दौरान सलोरी के ओमगायत्री नगर मोहल्ले मेें विकास विद्यालय की बाउंड्रीवाल अचानक ढह गई। पानी के तेज बहाव में बहकर दो बच्चों की मौत हो गई थी। आपदा का शिकार होने के चलते दोनों बच्चों के परिजनों को दैवीय आपदा कोष से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराने का प्रशासन ने एलान किया। प्रशासन की ओर से यह मुआवजा राशि हादसे के दूसरे दिन ही देने का वायदा किया गया लेकिन घटना के सात दिन बीत जाने के बावजूद दोनों बच्चों के परिजनों के खाते में यह रकम नहीं पहुंची। अनिकेत के पिता घनश्याम गुप्ता ने बुधवार को अमर उजाला से बात करते हुए अब तक मुआवजा राशि इस रकम के न पहुंचने पर हताशा जाहिर की थी। गुरुवार के अंक में समाचार प्रकाशित होने पर हरकत में आए प्रशासनिक अमले ने मुआवजा राशि खाते में भिजवा दी। वहीं, शिखर की मां चंदा ने मुआवजा राशि के खाते में पहुंचने को लेकर अनभिज्ञता जताई है।
विज्ञापन


जांच में सामने आई दीवार निर्माण में खामियां
एडीएम एफआर ने डीएम को सौंपी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। सलोरी हादसे के कारणों की जांच के लिए एडीएम एफआर की अगुवाई में गठित जांच कमेटी ने भी दीवार के मानक के विपरीत निर्माण को घटना की मुख्य वजह माना है। जिलाधिकारी सुहास एलवाई को यह प्रारंभिक जांच रिपोर्ट गुरुवार को सौंपी गई। डीएम के मुताबिक प्रारंभिक रिपोर्ट में दीवार निर्माण में बरती गई अनियमितता की बात कही गई है। इसके पीछे कुछ लोगों की भूमिका संदेह के घेरे में है। पूरी रिपोर्ट आने के बाद सभी स्थितियां स्पष्ट होंगी। बता दें, जिस बाउंड्रीवाल के गिरने से हुए हादसे में अनिकेत एवं शिखर की मौत हुई, उसके निर्माण में भारी लापरवाही बरती गई थी। हरिजन आश्रम के पीछे बनी करीब अस्सी फीट लंबी बाउंड्रीवाल बिना किसी सरिया और पिलर के ही बना दी गई थी। पूरी दीवार सिर्फ एक ईट की थी, तब भी उसे करीब नौ फिट तक ऊंचा कर दिया गया। 11 जुलाई को तेज बारिश के दौरान विद्यालय के ग्राउंड में काफी पानी भर गया। जिसका दबाव यह दीवार बर्दाश्त नहीं कर सकी और जमींदोज हो गई। इसकी चपेट में आकर चार बच्चे बह गए जिसमें से दो की मौत हो गई। इस मामले में कर्नलगंज पुलिस ने विद्यालय के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed