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महाणिवक्ता कार्यालय में कर्मचारियों की कमी दूर करने का निर्देश
Updated Tue, 24 Oct 2017 08:58 PM IST
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महाधिवक्ता कार्यालय में कर्मचारियों की कमी दूर करने का निर्देश
0 प्रमुख सचिव न्याय कोर्ट में हुए उपस्थित
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव न्याय को महाधिवक्ता कार्यालय की अव्यवस्थाओं और चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए एक माह की मोहलत दी है। कोर्ट के निर्देश पर मंगलवार को प्रमुख सचिव न्याय उमेश कुमार अदालत में हाजिर हुए। कोर्ट ने प्रमुख सचिव से कहा कि महाधिवक्ता कार्यालय में लगा जनरेटर आज तक चला ही नहीं, बिल्डिंग की लिफ्ट अक्सर खराब रहती है। स्टॉफ की कमी है। फाइलों को ले आने ले जाने के लिए आउट सोर्सिंग के कर्मचारी रखे गए हैं।
कर्मचारियों की कमी से फाइलें समय से कोर्ट में नहीं पहुंच पाती हैं जिससे मुकदमों की सुनवाई प्रभावित हो रही है। सरकार की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा कि 746 नई अदालतें गठित होने के बाद भी उनमें स्टॉफ नहीं है और न ही अदालतों के बैठने की व्यवस्था की गई है। मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति अजित कुमार की पीठ ने कहा कि सरकार को मुकदमे की सुनवाई से 48 घंटे पहले इसलिए नोटिस दिया जाता है ताकि वह तैयार रहे। प्रमुख सचिव न्याय ने कोर्ट को आश्वासन दिया है कि वह सुधारात्मक उपायों जल्दी ही लागू करेंगे। याचिका पर अगली सुनवाई 30 नवंबर को होगी।
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0 प्रमुख सचिव न्याय कोर्ट में हुए उपस्थित
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव न्याय को महाधिवक्ता कार्यालय की अव्यवस्थाओं और चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए एक माह की मोहलत दी है। कोर्ट के निर्देश पर मंगलवार को प्रमुख सचिव न्याय उमेश कुमार अदालत में हाजिर हुए। कोर्ट ने प्रमुख सचिव से कहा कि महाधिवक्ता कार्यालय में लगा जनरेटर आज तक चला ही नहीं, बिल्डिंग की लिफ्ट अक्सर खराब रहती है। स्टॉफ की कमी है। फाइलों को ले आने ले जाने के लिए आउट सोर्सिंग के कर्मचारी रखे गए हैं।
कर्मचारियों की कमी से फाइलें समय से कोर्ट में नहीं पहुंच पाती हैं जिससे मुकदमों की सुनवाई प्रभावित हो रही है। सरकार की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा कि 746 नई अदालतें गठित होने के बाद भी उनमें स्टॉफ नहीं है और न ही अदालतों के बैठने की व्यवस्था की गई है। मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति अजित कुमार की पीठ ने कहा कि सरकार को मुकदमे की सुनवाई से 48 घंटे पहले इसलिए नोटिस दिया जाता है ताकि वह तैयार रहे। प्रमुख सचिव न्याय ने कोर्ट को आश्वासन दिया है कि वह सुधारात्मक उपायों जल्दी ही लागू करेंगे। याचिका पर अगली सुनवाई 30 नवंबर को होगी।
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