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सीएम-मुख्य ख्बर
Updated Sun, 04 Jun 2017 10:03 PM IST
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प्रयागराज संगम प्राधिकरण कराएगा अर्द्धकुंभ, बजट में कटौती
0 दो दिनी दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी ने की समीक्षा, मौजूद रहे कई मंत्री और अफसर
0 कानून व्यवस्था पर मुख्यमंत्री दिखे सख्त, अफसरों को दी सुधार की हिदायत
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। अर्द्धकुंभ-2019 का आयोजन प्रयागराज संगम प्राधिकरण कराएगा। दो दिनी दौरे के क्रम में आयोजन की तैयारियों को लेकर सरकिट हाउस में रविवार को हुई समीक्षा बैठक में इस पर मुहर लगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट में कटौती का भी निर्देश दिया। संशोधित बजट हर हाल में 30 जून तक तैयार हो जाना चाहिए। ताकि, तैयारियों को निर्धारित अवधि के भीतर मूर्त रूप दिया जा सके। उन्होंने अफसरों को हिदायत दी कि गैर जरूरी और बंदरबाट वाले प्रस्ताव योजना से बाहर किए जाएं। एक अन्य बैठक में कानून व्यवस्था को लेकर भी सीएम सख्त दिखे। अफसरों को चेतावनी दी कि इस पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव राहुल भटनागर और मंडलायुक्त डॉ. आशीष गोयल की ओर से मेला प्राधिकरण का प्रारूप रखा गया। इसमें प्राधिकरण के गठन, सदस्यों की संख्या के साथ वह काम कैसे करेगा इसका पूरा खाका तैयार किया गया है। प्राधिकरण खुद की कमाई से कार्य करेगा। राजस्व के लिए मेला क्षेत्र में स्थायी और अस्थायी दुकानों के निर्माण के अलावा कई अन्य तरह के प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कमिश्नर और डीएम को प्राधिकरण के प्रारूप को अंतिम रूप देने को कहा। ताकि, इसके गठन के साथ इसके अंतर्गत काम शुरू किए जा सकें। इसी क्रम में अर्द्धकुंभ आयोजन से जुड़े विभागों की ओर से प्रस्तुत 28 अरब रुपये के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री सहमत नहीं थे। उनका कहना था कि सरकार इतना पैसा नहीं दे पाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि गैर जरूरी प्रस्ताव योजना से बाहर किए जाएं। सभी विभाग पहले विभागीय बजट से कार्य की योजना बनाएं। आवश्यकता पड़ने पर शासन से अतिरिक्त बजट की मांग करें। मुख्यमंत्री ने यह भी हिदायत दी कि काम समयबद्ध तरीके से हो और उसकी गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने 10 से 30 जून के बीच एक और बैठक की बात कही।
इसके बाद मंडल के विकास कार्यों और कानून व्यवस्था पर समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अफसरों से हर छोटी-बड़ी घटना और उन पर हुई प्रगति की रिपोर्ट ली। विगत दिनों में मंडल में अपराध की कई बड़ी घटनाएं हुईं, जिसमें पुलिस खुलासा करने में नाकाम रही है। इस पर सख्त तेवर दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने अफसरों को प्रभावी कदम उठाने और अपराध पर नियंत्रण की चेतावनी दी। उन्हाेंने अपराधियों, भूमाफिया को चिह्ति कर जेल के भीतर डालने की बात कही। मुख्यमंत्री ने थानों पर आने वाली शिकायतों को भी गंभीरता से लेने का निर्देश दिया। उन्होेंने हर तरह के अपराध की बिंदुवार समीक्षा की। बैठक के अंतिम क्षणों में कुछ युवाआें ने सरकिट हाउस के सामने एक छात्र का शव रखकर प्रदर्शन किया। इसकी सूचना मुख्यमंत्री तक भी पहुंच गई। इस पर उन्होंने बैठक की समाप्ति के बाद पुलिस विभाग के अफसरों को रोककर एक बार फिर अपराध पर नियंत्रण की चेतावनी दी। बैठक की समाप्ति के बाद शाम तकरीबन 5.30 बजे मुख्यमंत्री पुलिस लाइन के रवाना हुए। वहां से हेलीकॉप्टर से वह लखनऊ गए। बैठकों में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री डॉ.रीता बहुगुणा जोशी, श्रीकांत शर्मा, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, राज्यमंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, डीजीपी सुलखान सिंह, प्रमुख सचिव अरविंद कुमार, प्रशांत त्रिवेदी, मृत्युंजय नारायण, सांसद, विधायक तथा संबंधित विभागों के अफसर मौजूद रहे।
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अंदर बैठक, बाहर शव रखकर प्रदर्शन
0 मुख्यमंत्री समेत पूरा सरकारी तंत्र सरकिट हाउस में मौजूद रहा, उसी दौरान बाहर गेट पर कुछ युवकों ने एक छात्र की शव रखकर प्रदर्र्शन किया। युवकाें का कहना था कि नौकरी नहीं मिलने से परेशान छात्र ने आत्महत्या कर ली। वहीं, अफसरों का कहना था कि उसकी डूबने से मौत हुई है। सकते में आए पुलिस अफसरों ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया और युवाआें को दूर तक खदेड़ दिया लेकिन इस घटना से व्यवस्था के साथ सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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मलिन बस्ती, एसआरएन का किया निरीक्षण
0 दो दिनी दौरे पर आए मुख्यमंत्री ने दूसरे दिन नेवादा मलिन बस्ती और स्वरूपरानी (एसएनआर) अस्पताल का निरीक्षण किया। बस्ती के लोगों से उन्होंने सफाई, राशन कार्ड तथा अन्य योजनाओं के बारे में जानकारी ली। एसआरएन में मरीजों का हालचाल लेने के साथ उन्होंने अस्पताल को एम्स की तर्ज पर विकसित करने की घोषणा की।
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बिजली विभाग की 14 योजनाओं का उद्घाटन
0 इलाहाबाद में मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग की 14 परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने बिजली बिल भुगतान कैशलेस योजना की भी शुरुआत की। इसकी मदद से शहरी और ग्रामीण उपभोक्ता घर बैठे बिजली बिल के बारे में जान और पेमेंट कर सकते हैं।
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वीसी, छात्रों ने रखा पक्ष
0 मुख्यमंत्री से इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रतन लाल हांगलू तथा छात्र नेता आंनद सिंह एवं पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने भी अलग-अलग मुलाकात की। इन लोगों में विश्वविद्यालय में व्याप्त गतिरोध और टकराव पर अपना-अपना पक्ष रखा।
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प्रयागराज संगम प्राधिकरण कराएगा अर्द्धकुंभ, बजट में कटौती
0 दो दिनी दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी ने की समीक्षा, मौजूद रहे कई मंत्री और अफसर
0 कानून व्यवस्था पर मुख्यमंत्री दिखे सख्त, अफसरों को दी सुधार की हिदायत
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। अर्द्धकुंभ-2019 का आयोजन प्रयागराज संगम प्राधिकरण कराएगा। दो दिनी दौरे के क्रम में आयोजन की तैयारियों को लेकर सरकिट हाउस में रविवार को हुई समीक्षा बैठक में इस पर मुहर लगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट में कटौती का भी निर्देश दिया। संशोधित बजट हर हाल में 30 जून तक तैयार हो जाना चाहिए। ताकि, तैयारियों को निर्धारित अवधि के भीतर मूर्त रूप दिया जा सके। उन्होंने अफसरों को हिदायत दी कि गैर जरूरी और बंदरबाट वाले प्रस्ताव योजना से बाहर किए जाएं। एक अन्य बैठक में कानून व्यवस्था को लेकर भी सीएम सख्त दिखे। अफसरों को चेतावनी दी कि इस पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव राहुल भटनागर और मंडलायुक्त डॉ. आशीष गोयल की ओर से मेला प्राधिकरण का प्रारूप रखा गया। इसमें प्राधिकरण के गठन, सदस्यों की संख्या के साथ वह काम कैसे करेगा इसका पूरा खाका तैयार किया गया है। प्राधिकरण खुद की कमाई से कार्य करेगा। राजस्व के लिए मेला क्षेत्र में स्थायी और अस्थायी दुकानों के निर्माण के अलावा कई अन्य तरह के प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कमिश्नर और डीएम को प्राधिकरण के प्रारूप को अंतिम रूप देने को कहा। ताकि, इसके गठन के साथ इसके अंतर्गत काम शुरू किए जा सकें। इसी क्रम में अर्द्धकुंभ आयोजन से जुड़े विभागों की ओर से प्रस्तुत 28 अरब रुपये के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री सहमत नहीं थे। उनका कहना था कि सरकार इतना पैसा नहीं दे पाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि गैर जरूरी प्रस्ताव योजना से बाहर किए जाएं। सभी विभाग पहले विभागीय बजट से कार्य की योजना बनाएं। आवश्यकता पड़ने पर शासन से अतिरिक्त बजट की मांग करें। मुख्यमंत्री ने यह भी हिदायत दी कि काम समयबद्ध तरीके से हो और उसकी गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने 10 से 30 जून के बीच एक और बैठक की बात कही।
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इसके बाद मंडल के विकास कार्यों और कानून व्यवस्था पर समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अफसरों से हर छोटी-बड़ी घटना और उन पर हुई प्रगति की रिपोर्ट ली। विगत दिनों में मंडल में अपराध की कई बड़ी घटनाएं हुईं, जिसमें पुलिस खुलासा करने में नाकाम रही है। इस पर सख्त तेवर दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने अफसरों को प्रभावी कदम उठाने और अपराध पर नियंत्रण की चेतावनी दी। उन्हाेंने अपराधियों, भूमाफिया को चिह्ति कर जेल के भीतर डालने की बात कही। मुख्यमंत्री ने थानों पर आने वाली शिकायतों को भी गंभीरता से लेने का निर्देश दिया। उन्होेंने हर तरह के अपराध की बिंदुवार समीक्षा की। बैठक के अंतिम क्षणों में कुछ युवाआें ने सरकिट हाउस के सामने एक छात्र का शव रखकर प्रदर्शन किया। इसकी सूचना मुख्यमंत्री तक भी पहुंच गई। इस पर उन्होंने बैठक की समाप्ति के बाद पुलिस विभाग के अफसरों को रोककर एक बार फिर अपराध पर नियंत्रण की चेतावनी दी। बैठक की समाप्ति के बाद शाम तकरीबन 5.30 बजे मुख्यमंत्री पुलिस लाइन के रवाना हुए। वहां से हेलीकॉप्टर से वह लखनऊ गए। बैठकों में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री डॉ.रीता बहुगुणा जोशी, श्रीकांत शर्मा, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, राज्यमंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, डीजीपी सुलखान सिंह, प्रमुख सचिव अरविंद कुमार, प्रशांत त्रिवेदी, मृत्युंजय नारायण, सांसद, विधायक तथा संबंधित विभागों के अफसर मौजूद रहे।
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अंदर बैठक, बाहर शव रखकर प्रदर्शन
0 मुख्यमंत्री समेत पूरा सरकारी तंत्र सरकिट हाउस में मौजूद रहा, उसी दौरान बाहर गेट पर कुछ युवकों ने एक छात्र की शव रखकर प्रदर्र्शन किया। युवकाें का कहना था कि नौकरी नहीं मिलने से परेशान छात्र ने आत्महत्या कर ली। वहीं, अफसरों का कहना था कि उसकी डूबने से मौत हुई है। सकते में आए पुलिस अफसरों ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया और युवाआें को दूर तक खदेड़ दिया लेकिन इस घटना से व्यवस्था के साथ सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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मलिन बस्ती, एसआरएन का किया निरीक्षण
0 दो दिनी दौरे पर आए मुख्यमंत्री ने दूसरे दिन नेवादा मलिन बस्ती और स्वरूपरानी (एसएनआर) अस्पताल का निरीक्षण किया। बस्ती के लोगों से उन्होंने सफाई, राशन कार्ड तथा अन्य योजनाओं के बारे में जानकारी ली। एसआरएन में मरीजों का हालचाल लेने के साथ उन्होंने अस्पताल को एम्स की तर्ज पर विकसित करने की घोषणा की।
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बिजली विभाग की 14 योजनाओं का उद्घाटन
0 इलाहाबाद में मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग की 14 परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने बिजली बिल भुगतान कैशलेस योजना की भी शुरुआत की। इसकी मदद से शहरी और ग्रामीण उपभोक्ता घर बैठे बिजली बिल के बारे में जान और पेमेंट कर सकते हैं।
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वीसी, छात्रों ने रखा पक्ष
0 मुख्यमंत्री से इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रतन लाल हांगलू तथा छात्र नेता आंनद सिंह एवं पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने भी अलग-अलग मुलाकात की। इन लोगों में विश्वविद्यालय में व्याप्त गतिरोध और टकराव पर अपना-अपना पक्ष रखा।