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आयोग ने नहीं बताया, पांच साल में कितने इंटरव्यू कराए
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आयोग ने नहीं बताया, पांच साल में कितने इंटरव्यू कराए
0 जनसूचना अधिकार के तहत यूपीपीएससी ने जानकारी देने से किया इनकार
0 ज्यादातर परीक्षा उस वक्त हुई, जिस कार्यकाल की सीबीआई कर रही जांच
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षाओं की सीबीआई जांच में फिर तेजी आई है। ऐसे में आयोग भी फूंक-फूंककर कदम रख रहा है। आयोग से जनसूचना अधिकार के तहत पूछा गया था कि पांच वर्षों के दौरान दौरान आयोग ने कितने और कौन से इंटरव्यू कराए। आयोग ने यह सूचना देने से इनकार कर दिया है। आयोग ने जवाब में कहा है कि सूचना जिस रूप में मांगी गई है, आयोग उस रूप में सूचना तैयार नहीं करता है।
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय ने आयोग से दो बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। 2 अप्रैल 2013 से 30 मई 2018 के बीच आयोग की ओर से कुल कितनी परीक्षाओं का साक्षात्कार कराया गया। सभी परीक्षाओं का विज्ञापन सहित नाम, परीक्षा में पद की संख्या एवं चयनित अभ्यर्थियों की संख्या की जानकारी भी मांगी गई थी। इसके साथ ही पूछा था कि जितनी परीक्षाओं के साक्षात्कार हुए हैं, उन परीक्षाओं के साक्षात्कार के समय मेडिकल लगाने वाले अभ्यर्थियों की कुल संख्या का परीक्षावार अलग-अलग उल्लेख करें।
आयोग ने छह मार्च को जवाब दिया कि सूचना जिस रूप में मांगी गई है, उस रूप में तैयार नहीं की जा सकती है। ऐसे में सूचना नहीं दी जा सकती। जनसूचना अधिकार के तहत जिन परीक्षाओं के साक्षात्कार के बारे में जानकारी मांगी गई थी, उसमें से ज्यादातर का आयोजन उस कार्यकाल में हुआ, जिस कार्यकाल में हुई परीक्षाओं की सीबीआई जांच कर रही है। ऐसे में आयोग की ओर से दिए गए जवाब ने नए सवाल ड़े कर दिए हैं।
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आयोग में सीबीआई की पड़ताल जारी
0 उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में सीबीआई की टीम डटी हुई है। सीबीआई की टीम ने सोमवार को भी आयोग में कई परीक्षाओं से जुड़े दस्तावेज खंगाले। साथ ही कुछ कर्मचारियों से पूछताछ भी की। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई प्रमुख रूप से पीसीएस-2015, पीसीएस-2011 और एपीएस-2010 की जांच कर रही है और इन परीक्षाओं में गड़बड़ी के कई अहम सुराग सीबीआई को मिले हैं।
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0 जनसूचना अधिकार के तहत यूपीपीएससी ने जानकारी देने से किया इनकार
0 ज्यादातर परीक्षा उस वक्त हुई, जिस कार्यकाल की सीबीआई कर रही जांच
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षाओं की सीबीआई जांच में फिर तेजी आई है। ऐसे में आयोग भी फूंक-फूंककर कदम रख रहा है। आयोग से जनसूचना अधिकार के तहत पूछा गया था कि पांच वर्षों के दौरान दौरान आयोग ने कितने और कौन से इंटरव्यू कराए। आयोग ने यह सूचना देने से इनकार कर दिया है। आयोग ने जवाब में कहा है कि सूचना जिस रूप में मांगी गई है, आयोग उस रूप में सूचना तैयार नहीं करता है।
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय ने आयोग से दो बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। 2 अप्रैल 2013 से 30 मई 2018 के बीच आयोग की ओर से कुल कितनी परीक्षाओं का साक्षात्कार कराया गया। सभी परीक्षाओं का विज्ञापन सहित नाम, परीक्षा में पद की संख्या एवं चयनित अभ्यर्थियों की संख्या की जानकारी भी मांगी गई थी। इसके साथ ही पूछा था कि जितनी परीक्षाओं के साक्षात्कार हुए हैं, उन परीक्षाओं के साक्षात्कार के समय मेडिकल लगाने वाले अभ्यर्थियों की कुल संख्या का परीक्षावार अलग-अलग उल्लेख करें।
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आयोग ने छह मार्च को जवाब दिया कि सूचना जिस रूप में मांगी गई है, उस रूप में तैयार नहीं की जा सकती है। ऐसे में सूचना नहीं दी जा सकती। जनसूचना अधिकार के तहत जिन परीक्षाओं के साक्षात्कार के बारे में जानकारी मांगी गई थी, उसमें से ज्यादातर का आयोजन उस कार्यकाल में हुआ, जिस कार्यकाल में हुई परीक्षाओं की सीबीआई जांच कर रही है। ऐसे में आयोग की ओर से दिए गए जवाब ने नए सवाल ड़े कर दिए हैं।
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आयोग में सीबीआई की पड़ताल जारी
0 उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में सीबीआई की टीम डटी हुई है। सीबीआई की टीम ने सोमवार को भी आयोग में कई परीक्षाओं से जुड़े दस्तावेज खंगाले। साथ ही कुछ कर्मचारियों से पूछताछ भी की। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई प्रमुख रूप से पीसीएस-2015, पीसीएस-2011 और एपीएस-2010 की जांच कर रही है और इन परीक्षाओं में गड़बड़ी के कई अहम सुराग सीबीआई को मिले हैं।