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रजनीकांत को न्याय दिलाने के लिए परिजनों एवं छात्रों का अनशन दूसरे दिन भी जारी, बिगड़ी हालत
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रजनीकांत को न्याय दिलाने के सवाल पर इविवि परिसर में छात्रों व परिजनों का आमरण अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान व्यापक पैमाने पर छात्रों को एकजुट करने के लिए कक्षाओं में व छात्रावासों में अभियान चलाया गया। बुधवार को अनशनकारी अभिषेक आर्या की तबियत खराब हो गई, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। विवि प्रशासन की ओर से अभी तक अनशन पर बैठे छात्रों का मेडिकल टेस्ट तक नहीं करवाया गया।
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छात्रों के बीच बढ़ते आक्रोश को देखते हुए डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार बुधवार को वार्ता के लिए आए, लेकिन छात्रों की मांगों को नजरंदाज करते हुए वह बिना कोई निर्णय लिए चले गए। अनशन पर छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि परीक्षा नजदीक होने के बाद छात्र अनशन पर बैठे हैं, लेकिन इविवि प्रशासन संवेदनहीनता दिखाते हुए हमारी मांगों को नजरंदाज कर रहा है। छात्रों ने कहा कि यदि हमारी मांग नहीं सुनी गई तो छात्र आंदोलन तेज करने को विवश होंगे।
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अनशन पर बैठे शक्ति रजवार ने कहा कि रजनीकांत के मामले में बनाई गई कमेटी, जिसके सदस्य प्रॉक्टर एवं कुलपति हैं, वह मामले की जांच नहीं कर सकते हैं। आरोप लगाया कि विवि के जिम्मेदार अधिकारी दोषियों को बचा रहे हैं। अनशन पर नेहा यादव, दुर्गेश प्रताप सिंह, सौरभ विश्वकर्मा, अभिषेक व रजनीकांत की मां चंदा देवी, पिता कैलाश यादव अनशन पर बैठे रहे।
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