फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   इलाहाबाद का नाम बदलने के मामले में निर्णय सुरक्षित

इलाहाबाद का नाम बदलने के मामले में निर्णय सुरक्षित

Thu, 06 Dec 2018 08:51 PM IST
Updated Thu, 06 Dec 2018 08:51 PM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद का नाम बदलने के मामले में निर्णय सुरक्षित
जिला-मंडल प्रयागराज, शहर अब भी इलाहाबाद
विज्ञापन

0 हाईकोर्ट में याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सामने आया तथ्य
0 इलाहाबाद को प्रयागराज करने के मामले में निर्णय किया सुरक्षित
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किए जाने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सभी पक्षों की जिरह सुननेे के बाद बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट ने अपना निर्णय सुरक्षित कर लिया है। इलाहाबाद हेरिटेज सोसाइटी सहित कई संगठनों की ओर से याचिकाएं दाखिल कर नाम बदलने की वैधता को चुनौती दी गई है। याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने सुनवाई की।
याचीगण की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शशिनंदन ने कहा कि राजस्व संहिता की धारा 6(2) के तहत किसी जिले का नाम बदलने से पहले सार्वजनिक सूचना (पब्लिक नोटिस) का प्रकाशन किया जाना चाहिए। इसके बाद इस पर आई आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद ही नाम परिवर्तन हो सकता है। आपत्तियों का निस्तारण एक कमेटी के द्वारा किया जाता है, जिसका गठन सरकार करती है। इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने में इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। नाम बदलने की अधिसूचना रद्द करने की मांग की गई।
विज्ञापन

प्रदेश सरकार के अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल का कहना था कि धारा 6(2) का पालन जिले का क्षेत्रफल बदलने में किया जाता है। कोर्ट ने जानना चाहा कि जिला और शहर अलग-अलग है। कानून में सरकार को नामकरण की शक्ति है, मगर क्या कोई ऐसा कानून भी है, जिसमें पुनर्नामकरण की शक्ति भी दी गई हो। मनीष गोयल का कहना था कि मंडल और जिले का नाम बदल गया है। शहर का नाम बदलने के लिए नगर निगम ने सरकार को प्रस्ताव भेजा है, जिस पर नियमानुसार विचार हो रहा है। इस पर कोर्ट का कहना था कि जिला और मंडल प्रयागराज हो गए हैं, मगर शहर अब भी इलाहाबाद है। याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता उमेश नारायण शर्मा, एसएफए नकवी, विजय चंद्र श्रीवास्तव, साहिद अली सिद्दीकी आदि ने पक्ष रखा। सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने निर्णय सुरक्षित कर लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed