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केवल एक सदस्य के भरोसे रह गया यूपीपीएससी
Updated Tue, 16 Oct 2018 09:44 PM IST
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यूपीपीएससी के सातवें सदस्य भी रिटायर
0 सिर्फ एक सदस्य के भरोसे आयोग, परिणाम-परीक्षाओं पर पड़ेगा प्रभाव
0 सहायक समीक्षा अधिकारी कैडर भी शून्य, आरओ के आधे पद खाली
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) अब केवल एक सदस्य के भरोसे रह गया है। मंगलवार को आयोग के सदस्य देवी प्रसाद द्विवेदी भी रिटायर हो गए। इस साल आयोग के आठ में से सात सदस्य रिटायर हो चुके हैं। आयोग में विशेषज्ञों की संख्या भी घट गई है और सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) पद का कैडर शून्य हो गया है जबकि समीक्षा अधिकारी के भी आधे पद खाली पड़े हैं। ऐसे में आयोग में आगामी सभी परीक्षाओं और परिणामों पर संकट मंडरा रहा है। सदस्यों की नियुक्ति होने तक इंटरव्यू की प्रक्रिया भी लगभग ठप हो जाएगी।
आयोग में सदस्यों की संख्या आठ है और इनमें से सात सदस्य रिटायर हो चुके हैं। आयोग के सदस्य रहे डॉ. सुनील कुमार जैन, सैयद फरमान अली एवं मेजर संजय यादव 15 जून को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सदस्य एके गुप्ता 20 को रिटायर हो चुके हैं। सदस्य लोरिक यादव एवं दुर्गा चरण मिश्र अगस्त के माह में रिटायर हुए और 16 अक्तूबर को सदस्य देवी प्रसाद द्विवेदी रिटायर हो गए। नए सदिस्यों की नियुक्ति के लिए आवेदन की प्रक्रिया पांच माह पहले ही पूरी हो चुकी है लेकिन अब तक सदस्यों की नियुक्ति नहीं हुई। आयोग में एआरओ के 100 से अधिक पद हैं और सभी खाली है। वहीं, आरओ के भी आधे पद खाली पड़े हैं जबकि आयोग में परीक्षाओं के आयोजन की जिम्मेदारी एआरओ और आरओ पर ही होती है।
इसके अलावा आयोग में विशेषज्ञों की कमी भी है, जिसकी वजह से कॉपियां जांचे जाने का काम प्रभावित हो रहा है। हालांकि आयोग ने विशेषज्ञों का नया पैनल तैयार करने के लिए आवेदन मांगे हैं, जिसकी अंतिम तिथि 31 अक्तूबर है। इस बीच आयोग को पीसीएस-2016 की मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी करना है लेकिन रिजल्ट घोषित होने से कोई फायदा भी नहीं, क्योंकि इंटरव्यू बोर्ड के अध्यक्ष आयोग के सदस्य होते हैं और आयोग में केवल एक सदस्य रह गए हैं। इसके अलावा विशेषज्ञों की कमी के कारण सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा-2013 की कॉपियां नहीं जंच पा रही हैं और इसी वजह से चार हजार से अधिक पदों का भर्ती परिणाम अटका है। इसी तरह कई अन्य परीक्षाओं का परिणाम रुका हुआ है।
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0 सिर्फ एक सदस्य के भरोसे आयोग, परिणाम-परीक्षाओं पर पड़ेगा प्रभाव
0 सहायक समीक्षा अधिकारी कैडर भी शून्य, आरओ के आधे पद खाली
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) अब केवल एक सदस्य के भरोसे रह गया है। मंगलवार को आयोग के सदस्य देवी प्रसाद द्विवेदी भी रिटायर हो गए। इस साल आयोग के आठ में से सात सदस्य रिटायर हो चुके हैं। आयोग में विशेषज्ञों की संख्या भी घट गई है और सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) पद का कैडर शून्य हो गया है जबकि समीक्षा अधिकारी के भी आधे पद खाली पड़े हैं। ऐसे में आयोग में आगामी सभी परीक्षाओं और परिणामों पर संकट मंडरा रहा है। सदस्यों की नियुक्ति होने तक इंटरव्यू की प्रक्रिया भी लगभग ठप हो जाएगी।
आयोग में सदस्यों की संख्या आठ है और इनमें से सात सदस्य रिटायर हो चुके हैं। आयोग के सदस्य रहे डॉ. सुनील कुमार जैन, सैयद फरमान अली एवं मेजर संजय यादव 15 जून को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सदस्य एके गुप्ता 20 को रिटायर हो चुके हैं। सदस्य लोरिक यादव एवं दुर्गा चरण मिश्र अगस्त के माह में रिटायर हुए और 16 अक्तूबर को सदस्य देवी प्रसाद द्विवेदी रिटायर हो गए। नए सदिस्यों की नियुक्ति के लिए आवेदन की प्रक्रिया पांच माह पहले ही पूरी हो चुकी है लेकिन अब तक सदस्यों की नियुक्ति नहीं हुई। आयोग में एआरओ के 100 से अधिक पद हैं और सभी खाली है। वहीं, आरओ के भी आधे पद खाली पड़े हैं जबकि आयोग में परीक्षाओं के आयोजन की जिम्मेदारी एआरओ और आरओ पर ही होती है।
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इसके अलावा आयोग में विशेषज्ञों की कमी भी है, जिसकी वजह से कॉपियां जांचे जाने का काम प्रभावित हो रहा है। हालांकि आयोग ने विशेषज्ञों का नया पैनल तैयार करने के लिए आवेदन मांगे हैं, जिसकी अंतिम तिथि 31 अक्तूबर है। इस बीच आयोग को पीसीएस-2016 की मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी करना है लेकिन रिजल्ट घोषित होने से कोई फायदा भी नहीं, क्योंकि इंटरव्यू बोर्ड के अध्यक्ष आयोग के सदस्य होते हैं और आयोग में केवल एक सदस्य रह गए हैं। इसके अलावा विशेषज्ञों की कमी के कारण सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा-2013 की कॉपियां नहीं जंच पा रही हैं और इसी वजह से चार हजार से अधिक पदों का भर्ती परिणाम अटका है। इसी तरह कई अन्य परीक्षाओं का परिणाम रुका हुआ है।
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