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माफिया बृजेश की दोषमुक्ति के खिलाफ अपील दाखिल
Updated Fri, 12 Oct 2018 08:20 PM IST
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माफिया बृजेश की दोषमुक्ति
के खिलाफ अपील दाखिल
0 गाजीपुर का तिहरा हत्याकांड, हाईकोर्ट ने समन किया रिकार्ड
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। पूर्वांचल के माफिया डॉन बृजेश सिंह की गाजीपुर के तिहरे हत्याकांड में दोषमुक्ति को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। कोर्ट ने सेशन कोर्ट गाजीपुर के फैसले के खिलाफ दाखिल अपील सुनवाई हेतु स्वीकार कर ली है तथा अधीनस्थ न्यायालय से संबंधित रिकार्ड तलब कर पेपर बुक तैयार करने का आदेश दिया है। अपील पर आगामी 21 जनवरी को अगली सुनवाई होगी।
सजा के फैसले के खिलाफ पंकज सिंह ने अपील दाखिल की है। इस पर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति डीके सिंह की खंडपीठ ने सुनवाई की। अपील पर अधिवक्ता दिलीप कुमार और अधिवक्ता अजय श्रीवास्तव ने पक्ष रखा। अपर सत्र न्यायाधीश गाजीपुर ने 24 जुलाई 2018 को बृजेश सिंह को 1991 में भावरकोल में हुई तीन लोगों की हत्या में बरी कर दिया है।
अपील मेें कहा गया है कि गोलीबारी की घटना में तीन लोगों की मौत हुई थी और पांच घायल थे। एक चश्मदीद गवाह जगरनाथ गोली लगने से घायल हुआ था। अधीनस्थ न्यायालय ने उसके बयान की अनदेखी कर फैसला सुनाया है। आरोपी बृजेश सिंह लगातार 24 साल तक फरार रहा और 2008 में उड़ीसा से दिल्ली की स्पेशल टॉस्क फोर्स ने उसे पकड़ा। पुलिस ने 1991 में ही आरोपपत्र दाखिल कर दिया था मगर अभियुक्त के फरार होने की वजह से फैसला नहीं हो पा रहा था।
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अपील में कहा गया है कि हाईकोर्ट ने सभी गवाहों के बयान दर्ज करने का निर्देश दिया था। चश्मदीद गवाहों के बयानों के बावजूद बृजेश सिंह को बरी कर दिया गया। अधीनस्थ न्यायालय के निष्कर्ष विरोधाभासी हैं। हाईकोर्ट ने अपील विचारार्थ स्वीकार कर ली है।
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माफिया बृजेश की दोषमुक्ति
के खिलाफ अपील दाखिल
0 गाजीपुर का तिहरा हत्याकांड, हाईकोर्ट ने समन किया रिकार्ड
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। पूर्वांचल के माफिया डॉन बृजेश सिंह की गाजीपुर के तिहरे हत्याकांड में दोषमुक्ति को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। कोर्ट ने सेशन कोर्ट गाजीपुर के फैसले के खिलाफ दाखिल अपील सुनवाई हेतु स्वीकार कर ली है तथा अधीनस्थ न्यायालय से संबंधित रिकार्ड तलब कर पेपर बुक तैयार करने का आदेश दिया है। अपील पर आगामी 21 जनवरी को अगली सुनवाई होगी।
सजा के फैसले के खिलाफ पंकज सिंह ने अपील दाखिल की है। इस पर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति डीके सिंह की खंडपीठ ने सुनवाई की। अपील पर अधिवक्ता दिलीप कुमार और अधिवक्ता अजय श्रीवास्तव ने पक्ष रखा। अपर सत्र न्यायाधीश गाजीपुर ने 24 जुलाई 2018 को बृजेश सिंह को 1991 में भावरकोल में हुई तीन लोगों की हत्या में बरी कर दिया है।
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अपील मेें कहा गया है कि गोलीबारी की घटना में तीन लोगों की मौत हुई थी और पांच घायल थे। एक चश्मदीद गवाह जगरनाथ गोली लगने से घायल हुआ था। अधीनस्थ न्यायालय ने उसके बयान की अनदेखी कर फैसला सुनाया है। आरोपी बृजेश सिंह लगातार 24 साल तक फरार रहा और 2008 में उड़ीसा से दिल्ली की स्पेशल टॉस्क फोर्स ने उसे पकड़ा। पुलिस ने 1991 में ही आरोपपत्र दाखिल कर दिया था मगर अभियुक्त के फरार होने की वजह से फैसला नहीं हो पा रहा था।
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अपील में कहा गया है कि हाईकोर्ट ने सभी गवाहों के बयान दर्ज करने का निर्देश दिया था। चश्मदीद गवाहों के बयानों के बावजूद बृजेश सिंह को बरी कर दिया गया। अधीनस्थ न्यायालय के निष्कर्ष विरोधाभासी हैं। हाईकोर्ट ने अपील विचारार्थ स्वीकार कर ली है।